लखनऊ उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में काम कर रहे करीब साढ़े तीन लाख कर्मचारियों के लिए बुधवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। योगी आदित्यनाथ सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी में 7 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए बीमा और इलाज से जुड़ी सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा, भुगतान और तैनाती की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPKOS) के लोगो का अनावरण किया। इस दौरान निगम की वेबसाइट और ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों को चेक भी वितरित किए।

साढ़े तीन लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारी आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं। लंबे समय से इन कर्मचारियों की सेवा शर्तों, भुगतान और अन्य सुविधाओं को लेकर अलग-अलग स्तर पर व्यवस्था लागू थी।अब यूपी आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से इस पूरी व्यवस्था को एकीकृत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। सरकार के मुताबिक प्रदेश में आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे करीब 3.5 लाख कर्मचारियों को नई व्यवस्था का लाभ मिल सकता है।सबसे अहम बदलाव कर्मचारियों की सैलरी से जुड़ा है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार कर्मचारियों के वेतन में 7 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि वास्तविक वेतन वृद्धि कर्मचारी के पद, श्रेणी और संबंधित व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
50 लाख रुपये तक का बीमा कवर
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार ने केवल वेतन बढ़ाने तक ही सीमित कदम नहीं उठाया है। कर्मचारियों को 50 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।इसके अलावा आकस्मिक चिकित्सा जरूरतों के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायता और एयर एंबुलेंस से संबंधित जरूरतों के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।यह व्यवस्था आउटसोर्स कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा दायरे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अब ऑनलाइन होगा कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड
नई व्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा डिजिटल निगरानी से जुड़ा है। अभी तक अलग-अलग विभागों और आउटसोर्स एजेंसियों के पास कर्मचारियों की जानकारी अलग-अलग तरीके से उपलब्ध रहती थी। ऐसे में किसी कर्मचारी की भर्ती, तैनाती, उपस्थिति या भुगतान से जुड़ी जानकारी हासिल करने में कई स्तरों से गुजरना पड़ता था।अब UPKOS पोर्टल के जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों का एकीकृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें कर्मचारी की भर्ती से लेकर उसकी तैनाती, उपस्थिति और भुगतान तक की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी।सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें कर्मचारी से संबंधित जरूरी जानकारी एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो।
भर्ती से भुगतान तक होगी निगरानी
यूपी आउटसोर्स सेवा निगम के पोर्टल के माध्यम से कर्मचारी की सेवा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की निगरानी की जा सकेगी। इसमें भर्ती, विभाग में तैनाती, उपस्थिति और वेतन भुगतान जैसी जानकारी शामिल होगी।इससे सरकार और संबंधित विभागों को यह पता लगाने में आसानी होगी कि किसी विभाग में कितने आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं और उनके भुगतान की स्थिति क्या है।डिजिटल रिकॉर्ड बनने के बाद कर्मचारियों की सेवा से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी। किसी कर्मचारी के रिकॉर्ड की जरूरत पड़ने पर उसे अलग-अलग कार्यालयों या एजेंसियों से जानकारी जुटाने के बजाय ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से देखा जा सकेगा।
गड़बड़ियों पर लगेगी लगाम
आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और भुगतान प्रक्रिया में अलग-अलग एजेंसियों की भूमिका होने के कारण कई बार पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। नई डिजिटल व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य इसी तरह की समस्याओं को कम करना है।एकीकृत रिकॉर्ड से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कर्मचारी वास्तव में किस विभाग में तैनात है, उसकी उपस्थिति क्या है और उसके खाते में कितना भुगतान किया जा रहा है। इससे फर्जी रिकॉर्ड, गलत तैनाती या भुगतान से जुड़ी संभावित अनियमितताओं पर निगरानी मजबूत की जा सकती है।हालांकि नई व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होगी, यह उसके जमीनी स्तर पर लागू होने और विभागों तथा एजेंसियों द्वारा पोर्टल पर सही जानकारी अपडेट करने पर निर्भर करेगा।
कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से सरकारी विभागों के कामकाज का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। अस्पतालों, कार्यालयों, विभिन्न सरकारी संस्थानों और अन्य विभागों में अलग-अलग भूमिकाओं में बड़ी संख्या में कर्मचारी आउटसोर्स माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं।ऐसे में सैलरी में बढ़ोतरी के साथ सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल रिकॉर्ड की व्यवस्था कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासतौर पर बीमा और चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाएं आकस्मिक परिस्थितियों में कर्मचारियों के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं।
सरकार की निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत
यूपी आउटसोर्स सेवा निगम की वेबसाइट और पोर्टल लॉन्च होने के बाद सरकार के पास आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ा अधिक व्यवस्थित डेटा उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे विभागवार कर्मचारियों की संख्या, उनकी तैनाती और भुगतान की स्थिति पर निगरानी आसान हो सकती है।सरकार की ओर से डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ यह कोशिश भी की जा रही है कि सरकारी विभागों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बने।
यूपी में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में करीब साढ़े तीन लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सैलरी में 7 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी, बीमा कवर और चिकित्सा सहायता जैसे प्रावधान महत्वपूर्ण बदलाव हैं। इसके साथ ही यूपीकोस पोर्टल के जरिए कर्मचारियों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाना प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा कदम है।नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद भर्ती से लेकर तैनाती, उपस्थिति और भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन निगरानी के दायरे में आ जाएगी। इससे कर्मचारियों को अपनी सेवा से जुड़ी जानकारी अधिक व्यवस्थित तरीके से मिलने की उम्मीद है और सरकार के लिए भी पूरी व्यवस्था पर नजर रखना आसान होगा।
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