सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि के मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। मामले में शिकायतकर्ता और भाजपा नेता विजय मिश्र ने अब लखनऊ हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का मिलान कराने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी गई थी।विजय मिश्र की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के बाद अब इस मामले की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 14 सितंबर की तारीख तय की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में रह सकता है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी से जुड़ा है। इसी टिप्पणी को लेकर भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।विजय मिश्र ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इसके बाद मामला अदालत में आगे बढ़ा और कई वर्षों तक इसकी सुनवाई चलती रही।मामले में 27 नवंबर 2023 को अदालत ने राहुल गांधी को सुनवाई के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और उन्हें जमानत मिल गई थी।

वॉयस सैंपल को लेकर क्यों उठी मांग?
मामले की आगे की कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता विजय मिश्र की ओर से ट्रायल कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की गई थी। इसमें राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का मिलान कराने की मांग की गई थी।शिकायतकर्ता पक्ष का कहना था कि मामले से जुड़े कथित बयान की आवाज की जांच के लिए वॉयस सैंपल का मिलान कराया जाना चाहिए। इसके जरिए आवाज से संबंधित साक्ष्य की जांच किए जाने की मांग की गई थी।हालांकि ट्रायल कोर्ट ने शिकायतकर्ता की इस मांग को स्वीकार नहीं किया और वॉयस सैंपल मिलान कराने की अर्जी खारिज कर दी।यही फैसला अब इस विवाद को आगे बढ़ाने की वजह बन गया है।
ट्रायल कोर्ट के बाद सेशन कोर्ट पहुंचे थे विजय मिश्र
ट्रायल कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद शिकायतकर्ता विजय मिश्र ने अदालत के इस फैसले को चुनौती देने के लिए सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनकी ओर से सेशन कोर्ट में निगरानी अर्जी दाखिल की गई थी।लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद अब उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने ट्रायल कोर्ट को जानकारी दी कि इस मामले में 1 सितंबर को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जा चुकी है। इसके बाद अब मामला लखनऊ हाईकोर्ट के सामने है।

14 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
वॉयस सैंपल से जुड़ी मांग को लेकर दाखिल याचिका पर लखनऊ हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हाईकोर्ट ट्रायल कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करता है या नहीं।फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले से पहले इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अदालत में याचिका पर सुनवाई के बाद ही आगे की दिशा स्पष्ट होगी।

2018 की टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद
राहुल गांधी के खिलाफ यह मामला करीब आठ वर्ष पुराना है। वर्ष 2018 में बेंगलुरु में अमित शाह को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद भाजपा नेता विजय मिश्र ने इसे मानहानि का मामला बताते हुए सुल्तानपुर की अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी।इसके बाद मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर काफी ध्यान खींचा। राहुल गांधी को अदालत में पेश होने के लिए तलब किया गया और नवंबर 2023 में वह अदालत पहुंचे थे।इसके बाद शिकायतकर्ता की ओर से वॉयस सैंपल मिलान की मांग किए जाने से केस में एक नया कानूनी पहलू जुड़ गया।
हाईकोर्ट के रुख पर टिकी नजर
अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या लखनऊ हाईकोर्ट वॉयस सैंपल मिलान की मांग पर निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखेगा या मामले में कोई अलग निर्देश देगा।शिकायतकर्ता पक्ष ने ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया है। ऐसे में 14 सितंबर की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि किसी अदालत में याचिका दाखिल होने या किसी पक्ष की मांग किए जाने का मतलब यह नहीं होता कि आरोप या दावा साबित हो गया है। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आएगा।
राजनीतिक बयान से अदालत तक पहुंचा मामला
राहुल गांधी के खिलाफ यह मानहानि मामला एक राजनीतिक बयान से शुरू हुआ था, लेकिन अब यह कानूनी प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों से गुजर रहा है। पहले सुल्तानपुर की अदालत में शिकायत, फिर राहुल गांधी की पेशी और जमानत, उसके बाद वॉयस सैंपल की मांग और अब हाईकोर्ट में याचिका—मामले की कानूनी यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है।अब सभी की नजरें 14 सितंबर की सुनवाई पर हैं। हाईकोर्ट इस याचिका पर क्या रुख अपनाता है, इससे आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय हो सकती है।फिलहाल शिकायतकर्ता विजय मिश्र की याचिका हाईकोर्ट में लंबित है और वॉयस सैंपल से जुड़ी मांग पर अदालत के अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
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