नोएडा उत्तर प्रदेश के नोएडा से डिलीवरी सेवा से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि पार्सल डिलीवरी के बाद एक राइडर ने उसे निजी मैसेज भेजे और कथित तौर पर ‘I Love You’ लिखकर मैसेज किया। महिला के मुताबिक, राइडर ने डिलीवरी के दौरान मिले संपर्क विवरण का इस्तेमाल बाद में निजी बातचीत के लिए किया।महिला का दावा है कि जब उसने इस तरह के संदेशों पर आपत्ति जताई और पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो राइडर ने कथित तौर पर उसे शिकायत करने की चुनौती दी। इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, मामले में राइडर की ओर से लगाए गए आरोपों पर उसका पक्ष सामने आना बाकी है।
पार्सल डिलीवरी के बाद आया निजी मैसेज
महिला के अनुसार, उसने नोएडा में एक पार्सल मंगाया था। डिलीवरी पूरी होने के बाद राइडर की ओर से उसे निजी तौर पर संदेश भेजे गए। महिला का कहना है कि शुरुआत में उसे समझ नहीं आया कि डिलीवरी से जुड़े संपर्क के बाद इस तरह के व्यक्तिगत संदेश क्यों भेजे जा रहे हैं।इसके बाद कथित तौर पर राइडर ने बातचीत को निजी दिशा में ले जाने की कोशिश की और ‘I Love You’ लिखा। महिला ने इस व्यवहार पर आपत्ति जताई और बातचीत को आगे बढ़ाने से इनकार किया।मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि महिला के मुताबिक, राइडर के पास उसका मोबाइल नंबर डिलीवरी प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध हुआ था। यदि किसी ग्राहक की संपर्क जानकारी का इस्तेमाल सेवा से इतर निजी संपर्क के लिए किया गया है, तो यह ग्राहक की निजता और डिजिटल शिष्टाचार से जुड़ा गंभीर सवाल बन सकता है।

पुलिस में शिकायत की बात पर कथित जवाब
महिला ने बताया कि उसने राइडर को पुलिस में शिकायत करने की बात कही। आरोप है कि इसके बावजूद राइडर ने पीछे हटने के बजाय कथित तौर पर जवाब दिया कि शिकायत करनी है तो कर दें।महिला के मुताबिक, राइडर ने कंपनी में शिकायत करने की बात को लेकर भी चुनौती दी। इस कथित बातचीत के बाद महिला ने मामले को गंभीरता से लिया।हालांकि इस मामले में यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि महिला ने औपचारिक रूप से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है या नहीं और पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई शुरू की गई है या नहीं।
कंपनी की भूमिका पर भी सवाल
इस घटना ने डिलीवरी कंपनियों में ग्राहकों की निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिलीवरी के लिए ग्राहक का मोबाइल नंबर और पता जैसी जानकारी जरूरी होती है, लेकिन इस जानकारी का इस्तेमाल सेवा पूरी होने के बाद निजी संपर्क के लिए किया जाना उचित है या नहीं, यह महत्वपूर्ण सवाल है।ऐसे मामलों में कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि उनके डिलीवरी पार्टनर ग्राहक की जानकारी का इस्तेमाल केवल अधिकृत सेवा के लिए करें। किसी ग्राहक को अनचाहे निजी संदेश मिलने पर शिकायत दर्ज कराने के लिए स्पष्ट और प्रभावी व्यवस्था होना भी जरूरी है।
महिला की सुरक्षा और निजता बनी अहम मुद्दा
किसी अनजान व्यक्ति की ओर से बिना सहमति निजी संदेश भेजे जाने की शिकायत सामने आने के बाद महिला की सुरक्षा और निजता का मुद्दा महत्वपूर्ण हो जाता है। खासतौर पर तब जब संपर्क किसी सेवा के दौरान उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर हुआ हो।महिला का आरोप है कि उसने बातचीत को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई, इसके बावजूद संदेश भेजे गए। ऐसे में किसी भी व्यक्ति की स्पष्ट असहमति का सम्मान किया जाना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
मामले से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग ग्राहक की निजी जानकारी के इस्तेमाल और डिलीवरी एजेंटों के व्यवहार को लेकर सवाल उठा रहे हैं।हालांकि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली जानकारी और दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इसलिए राइडर की पहचान या उसके खिलाफ किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस या संबंधित कंपनी की आधिकारिक जांच का इंतजार करना उचित होगा।
शिकायत होने पर क्या हो सकती है कार्रवाई?
यदि महिला की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो पुलिस मामले की परिस्थितियों, मैसेज और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर सकती है। वहीं, संबंधित डिलीवरी कंपनी भी अपने रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगा सकती है कि डिलीवरी किस राइडर ने की थी और ग्राहक की जानकारी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से हुआ।महिला के पास यदि कथित मैसेज के स्क्रीनशॉट या अन्य डिजिटल रिकॉर्ड हैं, तो वे जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। किसी भी शिकायत में तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
ग्राहक डेटा की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
नोएडा का यह कथित मामला एक बार फिर ऑनलाइन और डिलीवरी सेवाओं में ग्राहक डेटा की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू करता है। ग्राहक जब किसी कंपनी से सेवा लेता है तो उसे उम्मीद होती है कि उसका मोबाइल नंबर, पता और अन्य संपर्क जानकारी सुरक्षित रखी जाएगी और उसका इस्तेमाल केवल सेवा से जुड़े काम के लिए होगा।ऐसे मामलों में ग्राहक को अनचाहे निजी संदेशों का जवाब देने के बजाय संबंधित प्लेटफॉर्म की आधिकारिक शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर पुलिस से भी संपर्क किया जा सकता है।फिलहाल इस मामले में महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राइडर का पक्ष और संबंधित कंपनी की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। पुलिस शिकायत दर्ज होने की स्थिति में जांच के आधार पर ही यह तय होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
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