लखनऊ राजधानी लखनऊ के आलमबाग स्थित दशमेश पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव देखने को मिला। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्वागत गीत के माध्यम से अपने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. चारु गौबा, डीन, स्कूल ऑफ आयुर्वेद, टीएस मिश्रा यूनिवर्सिटी मौजूद रहीं। उन्होंने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर की मंगल कामना
- डॉ. चारु गौबा ने शिक्षकों की भूमिका को बताया अहम
- बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां
- शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, भविष्य भी गढ़ते हैं
- गुरुओं की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने पर जोर
- कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
- सम्मान और संस्कार का संदेश देकर संपन्न हुआ कार्यक्रम

गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर की मंगल कामना
शिक्षक दिवस समारोह में शामिल होने से पहले डॉ. चारु गौबा ने आलमबाग गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर मत्था टेका। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की। इसके बाद वह दशमेश पब्लिक स्कूल पहुंचीं, जहां विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की ओर से उनका स्वागत किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने समारोह में मौजूद अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों का मन मोह लिया।
डॉ. चारु गौबा ने शिक्षकों की भूमिका को बताया अहम
मुख्य अतिथि डॉ. चारु गौबा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल विषयों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन में सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता भी प्रदान करते हैं।उन्होंने कहा कि एक शिक्षक अपने मार्गदर्शन से विद्यार्थी के व्यक्तित्व को निखार सकता है। शिक्षक की सीख और संस्कार विद्यार्थी के जीवन पर लंबे समय तक प्रभाव डालते हैं। यही विद्यार्थी आगे चलकर समाज और देश के निर्माण में योगदान देते हैं।उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और गुरुओं की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनना भी है।
डॉ. चारु गौबा का संदेश
“समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होती है। शिक्षक ही छात्र को सही दिशा दिखाकर उसे देश का जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं।”
बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां
शिक्षक दिवस समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बच्चों ने स्वागत गीत के साथ अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके बाद विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश की गईं।छात्रों की प्रस्तुतियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनके योगदान की झलक देखने को मिली। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि उनके जीवन में शिक्षक का स्थान बेहद महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को सम्मानित भी किया। शिक्षकों के सम्मान के इस अवसर पर विद्यालय में भावुक और खुशनुमा माहौल देखने को मिला। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।

शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, भविष्य भी गढ़ते हैं
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक किसी भी समाज की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परिवार के बाद विद्यालय ही वह स्थान है जहां बच्चों के व्यक्तित्व को आकार मिलता है।एक शिक्षक विद्यार्थी की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देने का काम करता है। पढ़ाई के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं का विकास भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।आज के बदलते दौर में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। तकनीक और डिजिटल माध्यमों के विस्तार के बावजूद शिक्षक का मार्गदर्शन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में शिक्षक दिवस शिक्षकों के योगदान को याद करने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।
गुरुओं की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने पर जोर
डॉ. चारु गौबा ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें अपने शिक्षकों और गुरुओं से मिलने वाली सीख को केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रखना चाहिए। जीवन के हर क्षेत्र में इन शिक्षाओं को अपनाने का प्रयास करना चाहिए।उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने लक्ष्य को निर्धारित करें और उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करें। शिक्षकों का मार्गदर्शन इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
शिक्षक दिवस समारोह में गुरुद्वारा अध्यक्ष निर्मल सिंह, समाजसेवी राजपाल सिंह गोल्डी, विद्यालय की प्रधानाचार्या, समस्त शिक्षिकाएं, विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सभी अतिथियों ने विद्यालय के शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय प्रबंधन की ओर से भी शिक्षकों के योगदान की सराहना की गई।
सम्मान और संस्कार का संदेश देकर संपन्न हुआ कार्यक्रम
दशमेश पब्लिक स्कूल में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच सम्मान एवं आत्मीयता के रिश्ते को और मजबूत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, स्वागत गीत और शिक्षकों के सम्मान ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।समारोह में दिए गए संदेश का सार यही रहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाते नहीं, बल्कि उनके चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हैं। एक शिक्षित, संस्कारी और जिम्मेदार पीढ़ी तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है। इसी भावना के साथ दशमेश पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस समारोह का समापन हुआ।
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