देहरादून उत्तराखंड में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ के मामले ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को देहरादून में प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता तेज बारिश के बावजूद मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए सड़कों पर उतरे।कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। प्रदर्शन में उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
- हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर कांग्रेस आक्रामक
- बारिश के बीच सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
- कुमारी सैलजा ने सरकार पर लगाए आरोप
- राहुल गांधी पर एफआईआर का भी मुद्दा
- कई नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा
- हरीश रावत ने दिल्ली में रखा मौन व्रत
- चुनाव से पहले तेज हो सकता है राजनीतिक संघर्ष
- पुलिस कार्रवाई पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
- ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने बढ़ाई सियासी गर्मी
हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर कांग्रेस आक्रामक
विवाद की शुरुआत आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ से जुड़ी खबरों के बाद हुई। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।कांग्रेस का कहना है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण कराया जाना राजनीतिक और सामाजिक रूप से आपत्तिजनक है। पार्टी ने इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों में तहरीर दिए जाने की बात कही है।कांग्रेस का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम रखा।

बारिश के बीच सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
देहरादून में सोमवार को मौसम खराब रहा और तेज बारिश के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी रहा। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सीएम आवास की ओर बढ़े।प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग की थी। हाथीबड़कला के पास पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड पार करने की कोशिश करते नजर आए।पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कार्रवाई की और कई नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
कुमारी सैलजा ने सरकार पर लगाए आरोप
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं के साथ विश्वासघात किया है।सैलजा ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित तौर पर शुद्धिकरण कराया गया। कांग्रेस नेता ने इसे लेकर सरकार और भाजपा की मंशा पर सवाल उठाए।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आगामी चुनाव को देखते हुए भाजपा तरह-तरह के राजनीतिक हथकंडे अपना रही है। हालांकि भाजपा की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर प्रतिक्रिया अलग हो सकती है और राजनीतिक दलों के दावों को उनके बयानों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
राहुल गांधी पर एफआईआर का भी मुद्दा
कांग्रेस के प्रदर्शन का एक अन्य मुद्दा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर भी रहा। कांग्रेस ने इसे लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।पार्टी का कहना है कि एक ओर कांग्रेस नेताओं की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की जा रही, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। कांग्रेस ने इसी विरोध में सरकार के खिलाफ अपना आंदोलन तेज किया है।
कई नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा
सीएम आवास घेराव कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस को राजनीतिक रूप से एक और बढ़त मिली। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कई लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।कांग्रेस में शामिल होने वालों में रुड़की के पूर्व मेयर यशपाल राणा, यमकेश्वर क्षेत्र के पूर्व प्रमुख भुवनेश खर्कवाल, हरिद्वार के पूर्व प्रधानाचार्य एवं पूर्व गन्ना समिति अध्यक्ष मनोज सैनी, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री रामकुमार वालिया, देहरादून मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र आनंद, अधिवक्ता सचिन कुमार और पुरोला से जुड़े अन्य लोग शामिल बताए गए हैं।पार्टी ने इन नेताओं के शामिल होने को संगठन के विस्तार और आगामी राजनीतिक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
हरीश रावत ने दिल्ली में रखा मौन व्रत
उधर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भी इस मुद्दे पर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। उन्होंने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर एक घंटे का मौन व्रत रखा।रावत ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि उत्तराखंड में अस्पृश्यता और अपमानजनक छुआछूत को संरक्षण देने वाली शक्तियों के खिलाफ संघर्ष जारी है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में अपनी भागीदारी दर्ज कराने के लिए उन्होंने दिल्ली स्थित आवास पर मौन व्रत रखा और सामाजिक भेदभाव पैदा करने वाली शक्तियों की पराजय के लिए प्रार्थना की।रावत पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य लाभ के लिए दिल्ली में हैं। उन्होंने अपने संदेश में उत्तराखंड जाने में आ रही परिस्थितियों का भी उल्लेख किया।
चुनाव से पहले तेज हो सकता है राजनीतिक संघर्ष
उत्तराखंड की राजनीति में इस पूरे विवाद को आगामी चुनावी माहौल से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कांग्रेस लगातार सरकार को घेरने के लिए विभिन्न मुद्दों को उठा रही है। वहीं भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण का मुद्दा अब केवल एक स्थानीय घटना तक सीमित नहीं रहा है। कांग्रेस ने इसे सामाजिक सम्मान, भेदभाव और राजनीतिक मर्यादा से जोड़ते हुए प्रदेशव्यापी मुद्दा बनाने की कोशिश की है।
पुलिस कार्रवाई पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
सीएम आवास कूच के दौरान पुलिस द्वारा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई। पार्टी नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा सवाल खड़ा करती है।वहीं पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
‘शुद्धिकरण’ विवाद ने बढ़ाई सियासी गर्मी
हल्द्वानी की घटना के बाद शुरू हुआ ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस ने सड़क से लेकर राजनीतिक मंच तक सरकार के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है।बारिश के बीच देहरादून में हुआ सीएम आवास कूच कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस की ओर से और आंदोलन किए जाने की संभावना है।हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण का मामला उत्तराखंड में राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। कांग्रेस ने सोमवार को तेज बारिश के बीच मुख्यमंत्री आवास घेराव का प्रयास किया, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका और कई नेताओं को हिरासत में लिया। कुमारी सैलजा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि हरीश रावत ने दिल्ली में मौन व्रत रखकर सामाजिक भेदभाव के खिलाफ अपनी बात रखी। अब देखना होगा कि यह विवाद आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति को कितना प्रभावित करता है।
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