बांदा कोडीन सिरप तस्करी: गिरोह का सरगना प्रियांशु उर्फ किशन आगरा से गिरफ्तार

Editorial
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बांदा उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में प्रतिबंधित कोडीन सिरप की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बिसंडा पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने कोडीन सिरप तस्करी गिरोह के मुख्य आरोपी और कथित सरगना प्रियांशु उर्फ किशन को आगरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से गिरोह से जुड़ा हुआ था और कोडीन सिरप की अवैध सप्लाई के नेटवर्क को संचालित करने में उसकी अहम भूमिका थी।इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और तस्करी के पूरे तरीके की जानकारी जुटाने में लगी है।

बांदा कोडीन सिरप तस्करी
बांदा कोडीन सिरप तस्करी

3 सितंबर को STF ने की थी बड़ी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, इस मामले में इससे पहले 3 सितंबर को उत्तर प्रदेश STF ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उस दौरान बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप बरामद किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर गिरोह के मुख्य आरोपी प्रियांशु उर्फ किशन का नाम सामने आया, जिसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई।पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने आरोपी की लोकेशन और अन्य सुरागों के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे आगरा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद गिरोह के नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

30 हजार शीशियां बरामद होने से मचा था हड़कंप

इस तस्करी नेटवर्क के खिलाफ हुई पिछली कार्रवाई में पुलिस और STF ने करीब 30 हजार कोडीन सिरप की शीशियां बरामद की थीं। बरामद सिरप की अनुमानित कीमत 60 लाख 45 हजार रुपये बताई गई है।पुलिस के मुताबिक, बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन सिरप को करीब 250 पेटियों में भरकर ले जाया जा रहा था। इस दौरान तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे दो वाहनों को भी पुलिस ने बरामद किया था।इतनी बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप की बरामदगी के बाद पुलिस को आशंका हुई कि इसके पीछे एक संगठित तस्करी नेटवर्क काम कर रहा है। इसी आधार पर गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के मुख्य संचालक तक पहुंचने का प्रयास किया गया।

रैपर बदलकर सप्लाई करने का आरोप

पुलिस जांच में तस्करी के जिस तरीके की जानकारी सामने आई है, वह भी चौंकाने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह द्वारा कोडीन सिरप की पहचान छिपाने के लिए रैपर बदलने और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क के जरिए प्रतिबंधित कोडीन सिरप को अलग-अलग इलाकों में पहुंचाया जाता था। दस्तावेजों में हेरफेर और पैकेजिंग में बदलाव के जरिए कथित तौर पर पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की नजर से बचने की कोशिश की जाती थी।हालांकि तस्करी के इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसकी सप्लाई कहां से होती थी, इसे लेकर पुलिस की जांच जारी है।

बांदा से लेकर मध्य प्रदेश तक फैला था नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क केवल बांदा तक सीमित नहीं था। कथित तौर पर कोडीन सिरप की सप्लाई बांदा, चित्रकूट, अतर्रा और मध्य प्रदेश से सटे सीमावर्ती जिलों तक की जाती थी।सीमावर्ती क्षेत्रों में सप्लाई किए जाने के कारण पुलिस इस नेटवर्क को लेकर और भी सतर्क हो गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गिरोह को प्रतिबंधित सिरप की आपूर्ति कहां से होती थी और इसके बाद इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर सप्लाई चेन और गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।

दो वाहनों की भी हुई थी बरामदगी

कोडीन सिरप तस्करी के मामले में पुलिस ने पहले की कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे दो वाहनों को भी बरामद किया था। पुलिस के मुताबिक, इन्हीं वाहनों के जरिए बड़ी मात्रा में सिरप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम किया जा रहा था।वाहनों की बरामदगी और बड़ी संख्या में सिरप मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू की थी।

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से नेटवर्क की कड़ियां खुलने की उम्मीद

प्रियांशु उर्फ किशन को कथित तस्करी गिरोह का मुख्य आरोपी बताए जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के बाद तस्करी नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कोडीन सिरप की खरीद, परिवहन और सप्लाई में किन लोगों की भूमिका थी। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार करने और रैपर बदलने की प्रक्रिया में कौन लोग शामिल थे, इसकी भी जांच की जा रही है।

नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्ती

बांदा पुलिस और STF की इस कार्रवाई को जिले में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप की बरामदगी के बाद पुलिस अब ऐसे नेटवर्क पर नजर बनाए हुए है, जो दवाओं की आड़ में प्रतिबंधित पदार्थों की सप्लाई करने की कोशिश करते हैं।पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।बांदा में कोडीन सिरप तस्करी मामले में मुख्य आरोपी प्रियांशु उर्फ किशन की आगरा से गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच और तेज हो गई है। इससे पहले STF की कार्रवाई में चार आरोपी पकड़े गए थे और करीब 30 हजार शीशियां बरामद हुई थीं। अब पुलिस गिरोह की सप्लाई चेन, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या खुलासे होने की संभावना है।

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