रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
- समेचीपुर चितार में ग्रामीणों से मिले डीएम-एसपी
- बाढ़ का पानी उतरने के बाद पट्टे की भूमि देने की तैयारी
- शमसाबाद अनाज मंडी स्थित बाढ़ शरणालय का निरीक्षण
- बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, डीएम ने दिए निर्देश
- गर्मी को देखते हुए बढ़ाए जाएंगे संसाधन
- चलित शौचालय और सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर
- राहत कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
- कई अधिकारी रहे मौजूद
फर्रुखाबाद जिले में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने संयुक्त रूप से तहसील कायमगंज के विकासखंड शमसाबाद क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम समेचीपुर चितार का निरीक्षण किया। इसके साथ ही अधिकारियों ने शमसाबाद अनाज मंडी स्थित बाढ़ शरणालय पहुंचकर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं व जरूरतों की जानकारी ली। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस स्थिति में प्रशासन प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद के लिए तैयार है। साथ ही लोगों से अपील की गई कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए वे अपनी और परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन द्वारा बनाए गए बाढ़ शरणालयों में सुरक्षित स्थान पर पहुंचें।
समेचीपुर चितार में ग्रामीणों से मिले डीएम-एसपी
बाढ़ प्रभावित ग्राम समेचीपुर चितार पहुंचकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने बाढ़ से जुड़ी समस्याओं, राहत की जरूरत और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर राहत एवं बचाव व्यवस्था की स्थिति भी देखी।डीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और सहायता प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना देने और बाढ़ के पानी के बीच जोखिम उठाने से बचने की अपील की।

बाढ़ का पानी उतरने के बाद पट्टे की भूमि देने की तैयारी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित परिवारों को पट्टे की भूमि आवंटित करने की कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में मदद करना है।प्रशासन की इस पहल से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें बाढ़ की वजह से आवास और सुरक्षित स्थान को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया को गंभीरता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
शमसाबाद अनाज मंडी स्थित बाढ़ शरणालय का निरीक्षण
समेचीपुर चितार के बाद डीएम और एसपी ने शमसाबाद अनाज मंडी स्थित बाढ़ शरणालय का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति जानी।अधिकारियों ने शरणालय में रह रहे लोगों से सीधे बातचीत कर भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। लोगों से यह भी पूछा गया कि उन्हें किसी प्रकार की अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता तो नहीं है।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शरणालय में मौजूद बच्चों को फल और बिस्किट भी वितरित किए। इससे बच्चों के बीच खुशी का माहौल दिखाई दिया।

बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, डीएम ने दिए निर्देश
बाढ़ जैसी आपदा के बीच बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसे लेकर भी जिलाधिकारी ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने शरणालय में बच्चों के लिए संचालित शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।डीएम ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों की नियमित पढ़ाई जारी रखने के साथ-साथ उनके शैक्षणिक और बौद्धिक विकास से जुड़ी गतिविधियां भी कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए और राहत शिविर में भी उन्हें सीखने का उचित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

गर्मी को देखते हुए बढ़ाए जाएंगे संसाधन
शरणालय के निरीक्षण के दौरान गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने राहत सामग्री और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शरणालय में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए।डीएम ने भोजन और पेयजल की नियमित निगरानी के साथ स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को सहायता के लिए परेशान न होना पड़े।
चलित शौचालय और सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर
शरणालय में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने लोगों की सुविधा के लिए चलित शौचालय स्थापित कराने को कहा।इसके साथ ही नियमित सफाई के लिए पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि बाढ़ शरणालय में साफ-सफाई, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी की जानी चाहिए, ताकि वहां रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
राहत कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जरूरतमंद लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासनिक टीमें सक्रिय रहें।उन्होंने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, सुविधा और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कई अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी कायमगंज अभिषेक वर्मा, क्षेत्राधिकारी कायमगंज अजय वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशासन की सक्रियता से राहत की उम्मीद
फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डीएम और एसपी के संयुक्त निरीक्षण से प्रशासन की तैयारियों का जायजा लेने के साथ प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सीधे समझने का प्रयास किया गया। समेचीपुर चितार में ग्रामीणों से संवाद से लेकर बाढ़ शरणालय में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बच्चों की शिक्षा तक की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत शरणालयों में सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने और जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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