रिपोर्ट :मो अरशद
मुरादाबाद के मूंढापांडे विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रनियाठेर में अस्थायी गोशाला के संचालन और उससे जुड़े कार्यों के भुगतान का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान पति एवं प्रतिनिधि अविनाश सिंह चौहान ने मुख्य विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी मूंढापांडे को पत्र देकर लंबित भुगतान कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत के मजरे अहरौला में अस्थायी गोशाला के संचालन के साथ-साथ मनरेगा से संबंधित कार्य कराए गए, लेकिन निर्धारित भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने पत्र के माध्यम से अधिकारियों का ध्यान गोशाला संचालन से जुड़ी समस्याओं की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि गोशाला में गोवंशों के पालन-पोषण और देखरेख की जिम्मेदारी लगातार निभाई जा रही है, लेकिन भुगतान में देरी के कारण संचालन से जुड़े लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

21 मार्च 2026 से भुगतान लंबित होने का दावा
ग्राम प्रधान की ओर से अधिकारियों को दिए गए पत्र में दावा किया गया है कि गोशाला और मनरेगा से संबंधित कार्यों का भुगतान 21 मार्च 2026 से लंबित है। भुगतान न होने के कारण ग्राम पंचायत स्तर पर गोशाला के संचालन को लेकर आर्थिक दबाव बढ़ने की बात कही गई है।प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि गोशाला में गोवंशों के लिए नियमित रूप से भोजन, देखरेख और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। ऐसे में संबंधित कार्यों का भुगतान समय पर नहीं होने से व्यवस्थाओं को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेते हुए लंबित भुगतान की स्थिति की जांच कराई जाए और पात्र भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए।

गोपालकों के मानदेय का भी मुद्दा
गोशाला में गोवंशों की देखभाल के लिए तैनात गोपालकों के मानदेय को लेकर भी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने प्रशासन के सामने अपनी शिकायत रखी है। पत्र में कहा गया है कि गोपालकों का मानदेय जनवरी माह से लंबित बताया जा रहा है।प्रधान प्रतिनिधि के अनुसार, गोशाला में गोवंशों की देखभाल करने वाले गोपालकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें समय से मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने भी आर्थिक कठिनाइयां खड़ी हो रही हैं।उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि गोपालकों के लंबित मानदेय का भुगतान भी जल्द कराया जाए, जिससे गोशाला की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चलती रहें और देखरेख में लगे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

गोशाला में गोवंशों की देखभाल जारी
रनियाठेर ग्राम पंचायत के मजरे अहरौला में संचालित अस्थायी गोशाला में गोवंशों के पालन-पोषण और देखरेख की व्यवस्था की जा रही है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि गोवंशों की देखभाल के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को बनाए रखना जरूरी है।उनके मुताबिक, गोशाला संचालन से जुड़े कार्यों के लिए खर्च और श्रम की आवश्यकता होती है। यदि भुगतान लंबे समय तक लंबित रहता है तो इसका असर गोशाला की दैनिक व्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए उन्होंने प्रशासन से भुगतान संबंधी प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है।
मनरेगा कार्यों के भुगतान की भी मांग
शिकायत में गोशाला संचालन के साथ मनरेगा से संबंधित कार्यों का भी उल्लेख किया गया है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने दावा किया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर संबंधित कार्य कराए जाने के बावजूद उनका भुगतान लंबित है।उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी मूंढापांडे से मामले की जांच कराकर नियमानुसार भुगतान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कार्य पूर्ण हो चुके हैं और भुगतान से संबंधित औपचारिकताएं पूरी हैं तो लंबित धनराशि जल्द जारी की जानी चाहिए।
प्रशासन से जांच और जल्द भुगतान की मांग
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अविनाश सिंह चौहान ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों से भी मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने गोशाला से संबंधित लंबित भुगतान और गोपालकों के मानदेय की स्थिति की जांच कराने की अपील की है।उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि संबंधित अभिलेखों और कार्यों की जांच कराकर जो भी भुगतान नियमानुसार देय है, उसे जल्द से जल्द जारी कराया जाए। इससे गोशाला संचालन में आ रही आर्थिक परेशानियों को कम किया जा सकेगा।
भुगतान में देरी से व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
बाइट: अविनाश चौहान
गोशाला जैसी व्यवस्थाओं में समय पर भुगतान होना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि गोवंशों के भोजन, देखरेख और कर्मचारियों से जुड़े खर्च लगातार चलते रहते हैं। ऐसे में भुगतान लंबे समय तक लंबित रहने पर संचालन करने वाली ग्राम पंचायत के सामने आर्थिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।रनियाठेर ग्राम पंचायत के मामले में अब ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की शिकायत के बाद संबंधित विभाग के स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर बनी हुई है। ग्रामीण स्तर पर भी उम्मीद है कि प्रशासन मामले की जांच कर लंबित भुगतान की स्थिति स्पष्ट करेगा और पात्र लोगों को उनका बकाया समय पर दिलाया जाएगा।ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने प्रशासन से स्पष्ट रूप से मांग की है कि गोशाला से संबंधित लंबित भुगतान और गोपालकों के मानदेय का जल्द निस्तारण कराया जाए, ताकि गोशाला का संचालन सुचारु रहे और गोवंशों की देखभाल में किसी तरह की बाधा न आए।
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