25 नवंबर से हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव, 25 राज्यों के शिल्पकार होंगे शामिल

Editorial
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रिपोर्ट: विजय गुप्ता

लखनऊ राजधानी लखनऊ में इस साल एक बार फिर देशभर की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों का बड़ा संगम देखने को मिलेगा। हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव 2026 का आयोजन 25 नवंबर से किया जाएगा। पिछले पांच वर्षों से आयोजित हो रहे इस महोत्सव में इस बार देश के करीब 25 राज्यों के हस्तशिल्पकार और छोटे उद्यमी शामिल होंगे।महोत्सव का उद्देश्य पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन कारीगरों और छोटे उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराना है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी कला और हुनर को आगे बढ़ा रहे हैं। आयोजन समिति के मुताबिक, इस बार लखनऊ के निम्न आय वर्ग से जुड़े करीब 50 हस्तशिल्पकारों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे।

यूपी प्रेस क्लब में हुई प्रेस वार्ता

महोत्सव के आयोजन को लेकर लखनऊ स्थित यूपी प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान आयोजन समिति के अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह और गुंजन वर्मा ने महोत्सव की तैयारियों और उद्देश्य की जानकारी दी।आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव में देश के करीब 25 राज्यों से शिल्पकार और छोटे उद्यमी अपने पारंपरिक हस्तनिर्मित उत्पाद लेकर पहुंचेंगे। यहां लोगों को अलग-अलग राज्यों की कला, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को एक ही स्थान पर देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा।आयोजन समिति के अनुसार, महोत्सव का एक उद्देश्य केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा स्वदेशी उत्पादों से जुड़े संदेश को भी आम लोगों तक पहुंचाना है।

25 नवंबर से हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव
25 नवंबर से हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव

50 स्थानीय कारीगरों को मिलेगा निशुल्क स्टॉल

हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव की खास पहल लखनऊ के करीब 50 आर्थिक रूप से कमजोर हस्तशिल्पकारों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराना है। इससे ऐसे कारीगरों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का मौका मिलेगा।आयोजकों का कहना है कि कई कारीगरों के पास हुनर तो है, लेकिन बाजार और प्रचार के पर्याप्त साधन नहीं हैं। ऐसे में महोत्सव उनके लिए अपने उत्पादों को नए ग्राहकों तक पहुंचाने का माध्यम बन सकता है।आयोजन समिति के अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने कहा कि महोत्सव केवल उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री का आयोजन नहीं है। इसका मकसद उन शिल्पकारों को सम्मान, पहचान और बाजार उपलब्ध कराना है, जो वर्षों से अपनी पारंपरिक कला को जीवित रखे हुए हैं।

युवाओं को स्वावलंबन और उद्यमिता का संदेश

महोत्सव के जरिए युवाओं को स्वावलंबन और उद्यमिता के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, हस्तशिल्प और छोटे उद्योग रोजगार तथा स्वरोजगार के महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।पारंपरिक कला से जुड़े कई काम पीढ़ी-दर-पीढ़ी परिवारों में आगे बढ़ते हैं। ऐसे में आधुनिक बाजार से इन कारीगरों को जोड़ना उनके उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक हुनर को संरक्षित करने में भी मददगार हो सकता है।

शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम

हस्तशिल्प महोत्सव में खरीदारी और प्रदर्शनी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजन समिति की सदस्य गुंजन वर्मा ने बताया कि महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस दौरान लोक कला, लोक संस्कृति, नृत्य, गायन, वादन और साहित्य से जुड़े कलाकारों को मंच उपलब्ध कराया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, कलाकारों को यह मंच निशुल्क दिया जाएगा, जिससे स्थानीय और उभरती प्रतिभाओं को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिल सके।

पवन सिंह और भाग्यश्री समेत कई कलाकारों से बातचीत

आयोजन समिति के अनुसार, इस वर्ष महोत्सव में लोकप्रिय कलाकारों और सेलिब्रिटी को आमंत्रित करने के लिए बातचीत चल रही है। इसमें भोजपुरी गायक पवन सिंह, भजन गायक कन्हैया मित्तल, बॉलीवुड अभिनेत्री भाग्यश्री, फिल्म अभिनेता विनोद सत्य और उनकी टीम सहित साहित्य जगत के वरिष्ठ कवियों के नाम शामिल हैं। आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि इन कलाकारों की मौजूदगी की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। कलाकारों की भागीदारी तय होने के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। ऐसे में फिलहाल इन नामों को संभावित आमंत्रित कलाकारों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

समाज सेवा और रोजगार पर भी जोर

आयोजन समिति के संरक्षण मंडल से जुड़े समीर शेख और संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि संस्था आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने और समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है।उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। हस्तशिल्प महोत्सव को भी इसी उद्देश्य से जोड़कर देखा जा रहा है।

सुरक्षा के लिए 350 सीसीटीवी कैमरे

महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन समिति की ओर से बताया गया कि महोत्सव परिसर में करीब 350 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।इसके अलावा 100 से अधिक निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाने की जानकारी दी गई है। आगंतुकों के लिए पेयजल, शौचालय और स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी बात कही गई है।आयोजकों के मुताबिक, भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधा से जुड़े इंतजामों को व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि लोगों को महोत्सव में आने-जाने और खरीदारी के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

कई वरिष्ठजनों का संरक्षण और मार्गदर्शन

आयोजन समिति के अनुसार, महोत्सव को सरोजिनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह, एमएलसी पवन सिंह चौहान, पूर्व आईजी आर.के. चतुर्वेदी और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन और संरक्षण प्राप्त है।समिति के सदस्यों के मुताबिक, वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन में इस वर्ष महोत्सव को और व्यापक स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।

25 नवंबर से शुरू होगा महोत्सव

हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव 2026 लखनऊ में देशभर के पारंपरिक हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों को एक मंच पर लाने की तैयारी में है। करीब 25 राज्यों से शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों की भागीदारी, स्थानीय 50 कारीगरों को निशुल्क स्टॉल और प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम इस आयोजन की प्रमुख विशेषताएं होंगी।अब नजर 25 नवंबर से शुरू होने वाले इस महोत्सव पर रहेगी, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों की कला, संस्कृति और हस्तनिर्मित उत्पादों को लखनऊ के लोगों के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन समिति का दावा है कि महोत्सव के जरिए कारीगरों को बाजार और पहचान देने के साथ युवाओं तथा आम लोगों को स्वदेशी उत्पादों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

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