लखनऊ इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की ओर से आयोजित तीन दिवसीय इंडिया फूड एक्सपो-2026 का रविवार को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ समापन हो गया। गोमतीनगर में आयोजित इस एक्सपो में फूड प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग, कृषि आधारित उद्योग और खाद्य क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों ने हिस्सा लिया। समापन समारोह में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य रूप से मौजूद रहे।समापन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने एक्सपो की सराहना करते हुए कहा कि लखनऊ में विश्वस्तरीय औद्योगिक प्रदर्शनी जैसा माहौल दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं रह गया है, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।

फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने पर जोर
इंडिया फूड एक्सपो का यह 11वां संस्करण फूड प्रोसेसिंग और इससे जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार, एक्सपो का मुख्य उद्देश्य फॉर्म-टू-फोर्क पूरी फूड वैल्यू चेन से जुड़े कारोबारियों, निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और निवेशकों को एक मंच पर लाना था।तीन दिनों तक चले इस आयोजन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े विभिन्न उत्पादों और तकनीकों को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही उद्यमियों को बाजार की नई संभावनाओं, तकनीकी बदलाव, निवेश और व्यापार विस्तार से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई।आयोजकों के मुताबिक, एक्सपो में दिल्ली-एनसीआर समेत देश के करीब आठ राज्यों से लगभग 20 हजार आगंतुक और उद्यमी पहुंचे। बड़ी संख्या में कारोबारियों और उद्योग प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बढ़ती कारोबारी संभावनाओं को भी सामने रखा।

एमएसएमई के लिए बना कारोबारी मंच
इंडिया फूड एक्सपो-2026 में छोटे और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई पर भी विशेष जोर दिया गया। एक्सपो में भाग लेने वाले उद्यमियों को नई तकनीक, उत्पादन प्रक्रिया, बाजार विस्तार और निवेश के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई।फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में एमएसएमई की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। कृषि उत्पादों को प्रोसेस कर बाजार तक पहुंचाने में छोटे और मध्यम उद्योग बड़ी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में एक्सपो जैसे आयोजनों के जरिए उद्यमियों को एक ही मंच पर संभावित खरीदारों, तकनीकी कंपनियों और निवेश से जुड़े लोगों से संपर्क का अवसर मिला।आयोजकों का कहना है कि फूड वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए किसानों से लेकर खाद्य उत्पाद बनाने वाली कंपनियों और अंतिम उपभोक्ता तक सभी स्तरों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

डिप्टी सीएम ने गिनाए यूपी के विकास कार्य
समापन समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।उन्होंने लखनऊ में आयोजित एक्सपो को प्रदेश में औद्योगिक और कारोबारी गतिविधियों के बढ़ते दायरे से जोड़ते हुए कहा कि यहां विश्वस्तरीय औद्योगिक प्रदर्शनी जैसा वातावरण देखने को मिल रहा है।डिप्टी सीएम के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बड़ा उपभोक्ता बाजार होने के साथ-साथ उत्पादन और निवेश के क्षेत्र में भी संभावनाएं बढ़ी हैं। इससे प्रदेश में उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा होने की बात कही गई।

फॉर्म-टू-फोर्क मॉडल पर रहा फोकस
इंडिया फूड एक्सपो-2026 की खासियत इसका फॉर्म-टू-फोर्क फोकस रहा। इसका मतलब खाद्य उत्पाद की पूरी वैल्यू चेन को एक मंच पर लाना है। इसमें उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, भंडारण, वितरण और बाजार तक पहुंच जैसे विभिन्न चरण शामिल होते हैं।फूड प्रोसेसिंग उद्योग में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए एक्सपो में नई तकनीकों और आधुनिक कारोबारी समाधानों को भी प्रमुखता मिली। उद्यमियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने और उत्पादों को बेहतर तरीके से बाजार तक पहुंचाने से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी मिली।विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच संवाद ने कारोबारियों को बदलती बाजार जरूरतों को समझने का अवसर दिया।

‘दृष्टि प्योरस’ तेल का स्टॉल रहा आकर्षण का केंद्र
एक्सपो में विभिन्न कंपनियों और ब्रांडों के स्टॉल लगाए गए थे। इनमें ‘दृष्टि प्योरस’ तेल का स्टॉल भी आगंतुकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। स्टॉल पर उत्पाद से संबंधित जानकारी लेने के लिए लोगों की मौजूदगी देखने को मिली।खाद्य उत्पादों और कुकिंग ऑयल से जुड़े ब्रांडों के लिए ऐसे औद्योगिक एक्सपो अपने उत्पादों को संभावित ग्राहकों और कारोबारियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। एक्सपो में आने वाले उद्यमियों और आगंतुकों को उत्पादों की जानकारी देने के साथ उनके उपयोग और बाजार से जुड़ी संभावनाओं पर भी बातचीत की गई।’दृष्टि प्योरस’ के स्टॉल की मौजूदगी ने खाद्य तेल और संबंधित खाद्य उत्पादों के क्षेत्र को भी प्रदर्शनी में प्रमुखता दी।

उद्योग और निवेश के लिए महत्वपूर्ण आयोजन
इंडिया फूड एक्सपो-2026 में देश के अलग-अलग हिस्सों से उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इसे कारोबारी नेटवर्किंग का मंच बनाया। आयोजकों के अनुसार, करीब 20 हजार लोगों की भागीदारी रही।फूड प्रोसेसिंग उद्योग के सामने आज उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता बनाए रखने, आधुनिक तकनीक अपनाने और बाजार तक बेहतर पहुंच बनाने जैसी कई चुनौतियां हैं। ऐसे में एक्सपो के जरिए इन विषयों पर जानकारी और कारोबारी संपर्क उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण माना गया।एमएसएमई क्षेत्र के लिए तकनीक और निवेश तक पहुंच बढ़ाना भी इस तरह के आयोजनों का अहम हिस्सा रहा।
पुरस्कार वितरण के साथ हुआ समापन
तीन दिनों तक चले इंडिया फूड एक्सपो-2026 का समापन रविवार को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। आयोजन में योगदान देने वाले प्रतिभागियों और विभिन्न श्रेणियों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया।समापन समारोह में उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों, उद्यमियों और अन्य गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने एक्सपो को सफल बनाने के लिए प्रतिभागियों और आगंतुकों का आभार जताया।इंडिया फूड एक्सपो-2026 ने लखनऊ को खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के लिए एक बड़े मंच के रूप में प्रस्तुत किया। आठ राज्यों से आए उद्यमियों और करीब 20 हजार आगंतुकों की भागीदारी ने आयोजन के व्यापक कारोबारी दायरे को सामने रखा। वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के संबोधन में उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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