रिपोर्ट : विजय गुप्ता
लखनऊ श्री गुरु नारायण जी की पुण्यतिथि के अवसर पर लखनऊ में श्रद्धांजलि एवं स्मृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित तथा द डिवाइन फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में श्री गुरु नारायण जी के जीवन, विचारों और सामाजिक योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और गणमान्य लोगों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का आयोजन थाना मोहनलालगंज के निकट स्थित सभागार, लखनऊ में किया गया। इस दौरान सामाजिक जागरूकता, समानता, सामाजिक समरसता और जरूरतमंद वर्गों के हित में काम करने जैसे विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
मुख्य अतिथियों ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
श्रद्धांजलि एवं स्मृति कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आरपी सिंह, संस्थापक, हंस समूह तथा चंद्र भान सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय ने संयुक्त रूप से किया।कार्यक्रम की शुरुआत श्री गुरु नारायण जी के जीवन और उनके सामाजिक योगदान को स्मरण करने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व और विचारों पर चर्चा करते हुए कहा कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए कार्य करना तथा लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।मुख्य अतिथियों और कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने श्री गुरु नारायण जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके सामाजिक कार्यों और विचारों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए उन्हें याद किया गया।

जीवन और सामाजिक योगदान को किया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने श्री गुरु नारायण जी के जीवन, विचारों और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। वक्ताओं के अनुसार, उन्होंने समाज में समानता, सेवा और जागरूकता की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।वक्ताओं ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि लोगों की सक्रिय भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी से भी संभव है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।श्री गुरु नारायण जी के विचारों को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने कहा कि उनके संदेशों से सामाजिक समरसता और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है।

निबंध, कविता और चित्र प्रतियोगिता का आयोजन
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान बच्चों और प्रतिभागियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इसमें निबंध, कविता और चित्र प्रतियोगिता प्रमुख रूप से शामिल रही।प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने सामाजिक जागरूकता और रचनात्मकता से जुड़े विषयों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने अपने विचारों को निबंध और कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया, जबकि चित्र प्रतियोगिता में भी रचनात्मक अभिव्यक्ति देखने को मिली।कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं में शामिल सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। आयोजकों ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं में सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी ऐसे आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
सामाजिक समानता और समरसता पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक जागरूकता, सामाजिक समरसता और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत है।वक्ताओं ने विशेष रूप से समाज के वंचित, जरूरतमंद और कमजोर वर्गों के हित में कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब विकास की प्रक्रिया में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो।कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सामाजिक भेदभाव को दूर करने, जरूरतमंद लोगों की सहायता करने और समाज में जागरूकता फैलाने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया।
गुरु नारायण जी के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने श्री गुरु नारायण जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि उनके विचारों को केवल स्मरण करने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सामाजिक जीवन में व्यवहार के रूप में अपनाने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि सेवा, समानता और जागरूकता जैसे मूल्यों को समाज के बीच आगे बढ़ाकर ही किसी महापुरुष या सामाजिक व्यक्तित्व की स्मृति को सार्थक बनाया जा सकता है।इसी भावना के साथ कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जरूरतमंद और वंचित वर्गों के लिए काम करने तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों में भागीदारी बढ़ाने का संकल्प लिया।
गणमान्य लोगों और संस्था के पदाधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने श्री गुरु नारायण जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक योगदान को याद किया।आयोजकों की ओर से कहा गया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी को सामाजिक मूल्यों और समाज सेवा के प्रति जागरूक करना है। प्रतियोगिताओं और विचार-विमर्श के माध्यम से युवाओं को सामाजिक मुद्दों से जोड़ने का प्रयास किया गया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों के बीच सामाजिक समरसता और जनकल्याण को लेकर सकारात्मक संवाद भी हुआ।
आभार के साथ कार्यक्रम का समापन
श्रद्धांजलि एवं स्मृति कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष ने मुख्य अतिथि सहित सभी गणमान्य अतिथियों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति धन्यवाद जताया। साथ ही श्री गुरु नारायण जी की पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम के उद्देश्यों को आगे भी जारी रखने की बात कही।लखनऊ में आयोजित श्री गुरु नारायण जी की पुण्यतिथि का श्रद्धांजलि एवं स्मृति कार्यक्रम सामाजिक समानता, सेवा, जागरूकता और जनकल्याण के संदेश के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उनके जीवन और विचारों को याद करते हुए समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए कार्य करने तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
Read on:http://यूपी मेडिकल शिक्षा में आरक्षण पर बहस, दलित छात्रों के भविष्य पर सवाल
Advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

