लखनऊ उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय के तथाकथित 4141 नियमित फील्ड कर्मचारियों से जुड़े पेंशन और सेवा लाभों का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है। कर्मचारियों की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में वर्ष 2020 से पेंशनरी लाभों से वंचित कर्मियों को पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ बहाल करने समेत मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को पारिवारिक पेंशन और विभागीय स्तर पर आश्रित नियुक्ति देने की मांग उठाई गई है।कर्मचारी पक्ष का कहना है कि पूर्व में दिए गए मांग पत्र और आंदोलन स्थगन संबंधी पत्रों के बाद भी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते अब 21 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह और असहयोग आंदोलन शुरू करने का कार्यक्रम घोषित किया गया है।गौरतलब है कि 4141 नियमित कर्मचारियों के पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ का मुद्दा नया नहीं है। वर्ष 2020 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2011 में नियमित हुए 4141 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों से कटौती व वसूली पर रोक लगाई थी।
पेंशनरी लाभ बहाल करने की प्रमुख मांग
प्रेस विज्ञप्ति में कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2020 से बड़ी संख्या में नियमित फील्ड कर्मचारियों के पेंशनरी लाभ प्रभावित हैं। संगठन की मांग है कि शासनादेशों, पूर्व विभागीय निदेशक मंडल के निर्णयों और न्यायालयों से संबंधित आदेशों के आधार पर कर्मचारियों के पेंशनरी लाभ बहाल किए जाएं।कर्मचारी पक्ष ने एरियर के भुगतान की भी मांग उठाई है। इसके साथ ही वर्ष 2011 के आधार पर ग्रेच्युटी से संबंधित कटौती की राशि वापस किए जाने की मांग भी रखी गई है।कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से पेंशन संबंधी विवाद के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक कठिनाइयां पैदा हो रही हैं।

मृतक आश्रितों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया
आंदोलन की दूसरी प्रमुख मांग मृतक कर्मचारियों के आश्रितों की नियुक्ति से जुड़ी है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, वर्ष 2020 से रोकी गई आश्रित नियुक्तियों को फिर से शुरू करने और पात्र परिवारों को विभागीय स्तर पर नियुक्ति का लाभ देने की मांग की गई है।इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को पारिवारिक पेंशनरी लाभ देने की मांग भी रखी गई है। कर्मचारी पक्ष का कहना है कि किसी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाता है। ऐसे में पात्र आश्रितों की नियुक्ति और पारिवारिक पेंशन संबंधी मामलों का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।उत्तर प्रदेश के स्थानीय निकाय निदेशालय की वेबसाइट पर भी पूर्व में उत्तर प्रदेश जल निगम के मृत कार्मिकों के आश्रितों को स्थानीय निकाय में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दिए जाने से संबंधित आदेश सूचीबद्ध है।
अलग-अलग क्षेत्रों में होगा आंदोलन
आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से संचालित करने की योजना बताई गई है। इसके तहत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों को निर्धारित तारीखों पर सत्याग्रह स्थल पर शामिल होने के लिए कहा गया है।कार्यक्रम के अनुसार आगरा क्षेत्र के सभी जनपदों से 21 सितंबर से 23 सितंबर तक कर्मचारी सत्याग्रह में शामिल होंगे। इसके बाद 24 सितंबर से वाराणसी क्षेत्र के जनपदों की भागीदारी प्रस्तावित है।इसी क्रम में गोरखपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद, मुरादाबाद और झांसी क्षेत्रों के लिए भी अलग-अलग तारीखें निर्धारित की गई हैं। कार्यक्रम के मुताबिक आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।यह भी कहा गया है कि कानपुर, लखनऊ और फैजाबाद क्षेत्रों के प्रतिनिधि प्रतिदिन सत्याग्रह स्थल पर उपस्थित रहकर आंदोलन में शामिल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएंगे।
तीन रात और चार कार्य दिवस सत्याग्रह स्थल पर रहने की बात
आंदोलन के कार्यक्रम में प्रत्येक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सत्याग्रह स्थल पर निर्धारित अवधि तक मौजूद रहने की बात कही गई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रत्येक क्षेत्र के लिए तीन रात और चार कार्य दिवस सत्याग्रह स्थल पर रहना आवश्यक बताया गया है।आंदोलनकारियों ने इसे शांतिपूर्ण सत्याग्रह और असहयोग आंदोलन के रूप में संचालित करने की बात कही है। साथ ही भविष्य में आंदोलन कार्यक्रम या अवकाश से संबंधित सूचना अलग से जारी किए जाने की बात भी कही गई है।
पहले भी उठता रहा है 4141 कर्मचारियों का मुद्दा
4141 नियमित कर्मचारियों से जुड़े पेंशन और सेवा लाभों का मुद्दा पिछले वर्षों में भी कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों का हिस्सा रहा है। 2024 में भी जल निगम कर्मचारियों और पेंशनरों ने पेंशन, सेवानिवृत्ति लाभ और आश्रित नियुक्ति समेत विभिन्न मांगों को लेकर सत्याग्रह किया था।2026 में भी जल निगम से जुड़े कर्मचारी संगठनों ने पेंशन, बकाया वेतन, एरियर और 4141 नियमित कर्मचारियों को सेवा लाभ दिए जाने की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। रिपोर्टों में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा 4141 फील्ड कर्मचारियों को पेंशन समेत सेवा लाभ देने की मांग का उल्लेख किया गया है।
सरकार और विभाग से समाधान की अपील
अंत में कर्मचारी पक्ष ने शासन और प्रशासन से मांगों पर विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। संगठन का कहना है कि पेंशन से वंचित सेवानिवृत्त कर्मचारियों और आश्रित नियुक्ति से वंचित परिवारों की समस्याओं का समाधान आवश्यक है।कर्मचारियों की मांग है कि पेंशन बहाली, एरियर, ग्रेच्युटी की कटौती की राशि और मृतक आश्रितों की नियुक्ति जैसे मामलों पर विभागीय और शासन स्तर पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए।फिलहाल 21 सितंबर से प्रस्तावित आंदोलन के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शासन और जल निगम प्रशासन की ओर से इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। कर्मचारी पक्ष ने आंदोलन को अपनी मांगों के समाधान तक जारी रखने की बात कही है।
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