यूपी ट्रेड शो 2026 का आगाज, अमित शाह ने बताईं निवेश की 4 शर्तें

Editorial
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ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र को वैश्विक मंच से जोड़ने के उद्देश्य से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आगाज हुआ। पांच दिवसीय इस आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। ट्रेड शो 25 से 29 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के उत्पादों, पारंपरिक उद्योगों, एमएसएमई, निर्माताओं और निर्यातकों को देश-विदेश के खरीदारों के सामने अपने उत्पाद और क्षमताएं प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। इस बार ट्रेड शो में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों और 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। आयोजकों के अनुसार करीब पांच लाख आगंतुकों के पहुंचने की उम्मीद है।

यूपी ट्रेड शो 2026 का आगाज
यूपी ट्रेड शो 2026 का आगाज

अमित शाह ने निवेश के लिए बताईं चार जरूरी बातें

उद्घाटन समारोह में अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में निवेश के माहौल को लेकर चार प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश में निवेश के लिए सबसे पहले अच्छी कानून-व्यवस्था, उसके बाद अनुकूल औद्योगिक नीति, सक्रिय सरकार और उद्योगों की मदद करने का उत्साह जरूरी है।अमित शाह ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और औद्योगिक नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेड शो के जरिए उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और कारोबारियों को दुनिया के बाजारों से जोड़ने का अवसर मिल रहा है।उन्होंने उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उनके संबोधन में कानून-व्यवस्था और निवेश के बीच संबंध को प्रमुखता से रखा गया।

योगी बोले- यूपी को दुनिया के बाजार से जोड़ना लक्ष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेड शो के उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से विनिर्माण गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है और प्रदेश के उद्यमियों तथा कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में ट्रेड शो अहम मंच है।मुख्यमंत्री ने एक जिला, एक उत्पाद यानी ODOP योजना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान देने के साथ उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।ट्रेड शो का उद्देश्य सिर्फ उत्पादों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि खरीदारों, उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों के बीच कारोबारी संपर्क को बढ़ाना भी है। इसी वजह से आयोजन में बड़ी संख्या में विदेशी खरीदारों और कारोबारी प्रतिनिधियों की भागीदारी रखी गई है।

2,400 से ज्यादा प्रदर्शक, 85 देशों से खरीदार

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में 2,400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। आयोजकों के अनुसार 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आने की उम्मीद है। इसके अलावा करीब पांच लाख आगंतुकों के पहुंचने का अनुमान है।ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पादों के साथ एमएसएमई, हस्तशिल्प, विनिर्माण, खाद्य उत्पाद और अन्य कारोबारी क्षेत्रों से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य राज्य के स्थानीय कारोबार को बड़े बाजारों से जोड़ना और निर्यात के अवसर बढ़ाना है।

छह देशों की भागीदारी

इस बार ट्रेड शो में छह देशों को सहयोगी देशों के रूप में शामिल किया गया है। इनमें जापान, रूस, सिंगापुर, वियतनाम, ऑस्ट्रिया और बेलारूस शामिल हैं। इससे आयोजन का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप और व्यापक हुआ है।विदेशी खरीदारों और कारोबारी प्रतिनिधियों की मौजूदगी से उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने का अवसर मिल रहा है। ट्रेड शो के दौरान कारोबारी बैठकों और संभावित व्यापारिक समझौतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

एमएसएमई और स्थानीय उत्पादों पर फोकस

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में एमएसएमई इकाइयों को अपने उत्पाद सीधे देश-विदेश के खरीदारों तक पहुंचाने का मंच मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम उद्यम अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं। ऐसे कारोबारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संपर्क नए व्यापार अवसरों का माध्यम बन सकता है।आयोजन में स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक उद्योगों को भी प्रमुखता दी गई है। ODOP के जरिए अलग-अलग जिलों की विशिष्ट पहचान वाले उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

29 सितंबर को होगा समापन

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 25 सितंबर से शुरू होकर 29 सितंबर तक चलेगा। समापन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की जानकारी दी गई है। पांच दिनों के दौरान विभिन्न कारोबारी बैठकें, उत्पाद प्रदर्शन और उद्योग से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।आयोजन का मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ना है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली कारोबारी बैठकों और संभावित समझौतों पर उद्योग जगत की नजर रहेगी।

ट्रेड शो के चलते ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव

ग्रेटर नोएडा में बड़े आयोजन को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। आयोजन स्थल और आसपास के मार्गों पर पुलिस तथा यातायात विभाग की तैनाती की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 1,500 से अधिक पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है।29 सितंबर तक सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक एक्सपो मार्ट और आसपास के मार्गों पर भारी, मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने की व्यवस्था की गई है।यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। ट्रेड शो में आने वाले लोगों को भी यात्रा से पहले यातायात व्यवस्था की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का यह संस्करण ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब उत्तर प्रदेश अपने स्थानीय उत्पादों और औद्योगिक क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दे रहा है। अगले पांच दिनों में विदेशी खरीदारों, निवेशकों और प्रदेश के कारोबारियों के बीच होने वाली गतिविधियां इस आयोजन की प्रमुख गतिविधियों में रहेंगी।

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