मुरादाबाद में बारिश से नुकसान पर प्रशासन अलर्ट, 2 अक्टूबर तक होगा फसल सर्वे

Editorial
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रिपोर्ट :मो अरशद

मुरादाबाद उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मुरादाबाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पिछले करीब 48 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है। बारिश से फसल, मकान, पशु और बिजली व्यवस्था को हुए नुकसान को लेकर प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त और पुलिस कप्तान के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल निकासी, बिजली आपूर्ति, फसल नुकसान और ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के बाद उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि 2 अक्टूबर तक फसल क्षति का सर्वे पूरा कर प्रमाण-पत्र सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई जा सके।

मुरादाबाद में बारिश से नुकसान पर प्रशासन अलर्ट
मुरादाबाद में बारिश से नुकसान पर प्रशासन अलर्ट

48 घंटे की भारी बारिश से बिगड़े हालात

मुरादाबाद में पिछले दो दिनों के दौरान हुई तेज बारिश का असर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक देखने को मिला। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को लगातार निगरानी रखने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी ने बुद्धि विहार और लाइनपार क्षेत्र का निरीक्षण कर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नगर निगम के पंपिंग स्टेशनों की स्थिति देखी और अधिकारियों से पानी की निकासी को लेकर जानकारी ली।इसके साथ ही गागन नदी में गिरने वाले नालों की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया। प्रशासन का प्रयास है कि बारिश के दौरान जल निकासी में किसी तरह की बाधा न आए और निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जा सके।

फसल नुकसान के सर्वे को लेकर सख्ती

बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर प्रशासन ने सर्वे की प्रक्रिया शुरू करा दी है। जिलाधिकारी ने एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में फसल क्षति का सही आकलन किया जाए।डीएम के निर्देश के मुताबिक 2 अक्टूबर तक फसल नुकसान का सर्वे पूरा कर रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी। इसमें प्रभावित खेतों और फसलों का आकलन कर संबंधित अधिकारियों से प्रमाण-पत्र भी लिया जाएगा।मूंढापांडे सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी फसल नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सर्वे के बाद पात्र किसानों को शासन के नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

करीब 50 मकान क्षतिग्रस्त

लगातार बारिश के कारण जिले में करीब 50 मकान आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने की जानकारी प्रशासन की ओर से दी गई है। बारिश से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार दैवीय आपदा राहत राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।कुंदरकी थाना क्षेत्र में मकान गिरने से घायल हुए लोगों के परिजनों से भी प्रशासनिक स्तर पर संपर्क किया गया है। मजिस्ट्रेट की ओर से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है।प्रशासन की प्राथमिकता बारिश से प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत पहुंचाना है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति की समस्या को नजरअंदाज न किया जाए और जरूरत के अनुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित

तेज बारिश और आंधी के कारण शहरी क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। पेड़ों के गिरने से छह विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे।बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त पोल और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत में जुटी हैं। प्रशासन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है, वहां मरम्मत कार्य जल्द पूरा किया जाए। बारिश के दौरान बिजली से जुड़े हादसों की आशंका को देखते हुए भी विभागीय टीमों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

खेतों में तेंदुए दिखने की आशंका पर वन विभाग अलर्ट

बारिश के कारण खेतों और आसपास के क्षेत्रों में पानी भरने के बाद वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों की ओर आने की आशंका को देखते हुए वन विभाग को भी अलर्ट किया गया है।जिलाधिकारी ने वन विभाग और डीएफओ की टीमों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। खासकर खेतों में पानी भरने के कारण तेंदुए या अन्य जंगली जीव दिखाई देने की स्थिति में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है।वन विभाग की टीमें ऐसे क्षेत्रों पर निगरानी रख रही हैं, जहां पहले भी वन्यजीवों की मौजूदगी सामने आती रही है। प्रशासन ने लोगों से भी सावधानी बरतने और किसी वन्यजीव के दिखाई देने पर खुद उसके करीब न जाने की अपील की है।

प्रभावित लोगों तक पहुंचेगी राहत

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बारिश से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही न हो। फसल, मकान और पशु क्षति से संबंधित मामलों का नियमानुसार आकलन कर पात्र लोगों को राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।प्रशासन की ओर से तहसील स्तर पर अधिकारियों को लगातार स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे पूरा होने के बाद वास्तविक क्षति की स्थिति सामने आएगी।बारिश से प्रभावित इलाकों में जल निकासी और राहत कार्यों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर भी नजर रखी जा रही है।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

बाइट: मुरादाबाद जिलाधिकारी

मुरादाबाद में लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। निचले इलाकों और जलभराव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों की संभावित गतिविधियों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बारिश से प्रभावित प्रत्येक नागरिक तक तय समयसीमा में हरसंभव सरकारी सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।फिलहाल प्रशासन की नजर फसल नुकसान के सर्वे, जल निकासी, क्षतिग्रस्त मकानों, बिजली व्यवस्था और वन्यजीवों की गतिविधियों पर बनी हुई है। 2 अक्टूबर तक फसल सर्वे पूरा करने के निर्देश के बाद अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बारिश से किसानों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और पात्र प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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