लखनऊ के रिधया प्लाजा में फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी, जांच जारी

Editorial
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लखनऊ राजधानी लखनऊ में साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों को लेकर पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। अलीगंज थाना क्षेत्र के कपूरथला स्थित रिधया प्लाजा में फर्जी कॉल सेंटर संचालित होने की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान अलीगंज पुलिस के साथ साइबर क्राइम सेल की टीम भी मौके पर पहुंची और कॉल सेंटर से जुड़े कंप्यूटर, दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच शुरू की।मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस और साइबर क्राइम टीम की पड़ताल शुक्रवार सुबह करीब सात बजे से जारी है। कई घंटे से चल रही जांच के दौरान टीम कॉल सेंटर के भीतर मौजूद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों को खंगाल रही है।

रिधया प्लाजा में अचानक पहुंची पुलिस टीम

कपूरथला स्थित रिधया प्लाजा में पुलिस की कार्रवाई के बाद आसपास के क्षेत्र में भी हलचल बढ़ गई। फर्जी कॉल सेंटर की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की जांच को देखते हुए साइबर सेल के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कार्रवाई में शामिल किया गया।पुलिस का फोकस इस बात की पड़ताल पर है कि संबंधित कॉल सेंटर में किस तरह का काम किया जा रहा था और वहां मौजूद कंप्यूटर तथा दस्तावेजों में क्या जानकारी दर्ज है। फिलहाल पुलिस की ओर से जांच पूरी होने से पहले कॉल सेंटर की गतिविधियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं रखा गया है।

लखनऊ के रिधया प्लाजा में फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी
लखनऊ के रिधया प्लाजा में फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी

कंप्यूटर और दस्तावेजों की गहन जांच

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर के अंदर रखे कंप्यूटर और दस्तावेजों की जांच शुरू की। साइबर अपराध से जुड़ी किसी भी कार्रवाई में डिजिटल रिकॉर्ड अहम हो सकते हैं, इसलिए टीम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और उपलब्ध दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर क्राइम टीम लगातार मौके पर मौजूद रहकर जांच-पड़ताल कर रही है। इसके जरिए पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कॉल सेंटर की वास्तविक गतिविधियां क्या थीं और वहां इस्तेमाल किए जा रहे संसाधनों का उद्देश्य क्या था।

कई घंटे से जारी है कार्रवाई

रिधया प्लाजा में सुबह से शुरू हुई कार्रवाई कई घंटे तक जारी रहने के कारण मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई। पुलिस और साइबर क्राइम टीम की मौजूदगी में दस्तावेजों तथा कंप्यूटर सिस्टम की जांच की जा रही है।हालांकि शुरुआती सूचना के आधार पर इसे फर्जी कॉल सेंटर बताया जा रहा है, लेकिन जांच पूरी होने और पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वहां किस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही थीं। फिलहाल पुलिस की जांच को ही मामले की अगली दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

लखनऊ के रिधया प्लाजा में फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी
लखनऊ के रिधया प्लाजा में फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी

साइबर अपराध पर पुलिस की नजर

लखनऊ में साइबर अपराध से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस पहले भी कार्रवाई करती रही है। ऐसे मामलों में कॉलिंग सिस्टम, डिजिटल रिकॉर्ड, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। रिधया प्लाजा की इस कार्रवाई में भी साइबर क्राइम सेल की टीम की मौजूदगी से संकेत मिलता है कि पुलिस डिजिटल पहलुओं की जांच पर विशेष ध्यान दे रही है।हाल के महीनों में लखनऊ में कथित फर्जी साइबर कॉल सेंटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाइयां भी सामने आई हैं। जुलाई 2026 में विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग के एक कथित फर्जी साइबर कॉल सेंटर मामले में 119 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जिसे लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सितंबर में गिरफ्तारी को वैध माना। हालांकि, वह मामला रिधया प्लाजा की मौजूदा कार्रवाई से अलग है।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

रिधया प्लाजा में चल रही कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कॉल सेंटर में किस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही थीं। पुलिस फिलहाल उपलब्ध दस्तावेजों और कंप्यूटर सिस्टम की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सामग्री से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।पुलिस की ओर से अभी तक ऐसी कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे यह निश्चित रूप से कहा जा सके कि यहां साइबर ठगी का नेटवर्क चल रहा था या कितने लोग इससे जुड़े थे। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप को अंतिम तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं होगा।

कार्रवाई के बाद बढ़ी सतर्कता

कपूरथला जैसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में इस तरह की पुलिस कार्रवाई के बाद साइबर अपराध को लेकर लोगों के बीच भी चर्चा बढ़ी है। पुलिस की जांच का उद्देश्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाना है।फिलहाल रिधया प्लाजा में पुलिस और साइबर क्राइम टीम की पड़ताल जारी है। कंप्यूटर और दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि कॉल सेंटर में किस तरह की गतिविधियां चल रही थीं और क्या कोई साइबर अपराध इससे जुड़ा था। पुलिस की आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

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