नई दिल्ली गांधी जयंती के दिन दिल्ली का जंतर-मंतर राजनीतिक प्रदर्शन का बड़ा केंद्र बन गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं आतिशी, सौरभ भारद्वाज और संजीव झा समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 500 से अधिक बताई गई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या इससे ज्यादा होने की जानकारी दी गई है।प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहे थे। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई। दिल्ली पुलिस ने पहले ही प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और जंतर-मंतर तथा आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।


आतिशी और सौरभ भारद्वाज भी हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान AAP नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। सामने आई तस्वीरों और वीडियो में उन्हें पुलिस वाहन तक ले जाते हुए देखा गया। सौरभ भारद्वाज को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। उनके अलावा AAP नेता संजीव झा और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के भी हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई।आतिशी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी हिरासत की जानकारी दी और प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। वहीं सौरभ भारद्वाज ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा सवाल है।
पुलिस बसों में ले जाए गए प्रदर्शनकारी
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले कई रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के बाद कई लोगों को पुलिस बसों में बैठाकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। कुछ मीडिया रिपोर्टों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा हिरासत की तस्वीरें और वीडियो सामने आने की जानकारी दी गई है।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हर वीडियो या उसमें किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी वीडियो के आधार पर पुलिस कार्रवाई या किसी व्यक्ति के साथ व्यवहार को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
जंतर-मंतर पर क्यों हो रहा था प्रदर्शन?
2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन मुख्य रूप से SIR यानी Special Intensive Revision और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर था। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।AAP, AISA, SFI, DYFI और अन्य समूहों से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। निर्वाचन आयोग की ओर से SIR को लेकर अलग पक्ष और स्पष्टीकरण भी सामने आए हैं। इसलिए पूरे विवाद को समझने के लिए प्रदर्शनकारियों के आरोपों के साथ-साथ चुनाव आयोग का पक्ष देखना भी जरूरी है।
दिल्ली पुलिस ने क्यों बढ़ाई सुरक्षा?
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से पहले जंतर-मंतर और नई दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी थी। प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग की और बड़ी संख्या में पुलिस तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की।नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध भी लागू किए गए थे। इसके तहत अनधिकृत सभा, प्रदर्शन, जुलूस और नारेबाजी पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इलाके में पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकना शुरू किया।
कई मेट्रो स्टेशन भी प्रभावित
प्रदर्शन के चलते नई दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों के प्रवेश और निकास को अस्थायी रूप से बंद किया गया। कुल 12 स्टेशनों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई।जंतर-मंतर, संसद मार्ग, अशोका रोड और कनॉट प्लेस के आसपास भी ट्रैफिक प्रतिबंध लगाए गए। पुलिस ने लोगों से प्रभावित मार्गों से बचने की अपील की।
सौरभ भारद्वाज ने क्या कहा?
हिरासत में लिए जाने के बाद सौरभ भारद्वाज ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अपनी चुनाव संबंधी चिंताओं को सामने रखना चाहते थे। उन्होंने समर्थकों से आंदोलन जारी रखने की अपील भी की।AAP की ओर से भी पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए। पार्टी नेताओं ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कार्रवाई बताया। दूसरी ओर, पुलिस की कार्रवाई प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संदर्भ में सामने आई है।
आतिशी ने भी जारी रखा विरोध
हिरासत में लिए जाने के बाद आतिशी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका विरोध जारी रहेगा। AAP की ओर से जारी वीडियो में भी उन्हें पुलिस वाहन में ले जाते हुए दिखाया गया।इस घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर का प्रदर्शन और अधिक चर्चा में आ गया। एक तरफ प्रदर्शनकारी इसे चुनाव प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों को उठाने वाला आंदोलन बता रहे हैं, वहीं प्रशासन कानून-व्यवस्था और प्रतिबंधों के पालन के आधार पर कार्रवाई कर रहा है।
आगे क्या?
जंतर-मंतर पर हुई हिरासत की कार्रवाई के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है। AAP और अन्य प्रदर्शनकारी संगठन SIR तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों को आगे भी उठाने की बात कह रहे हैं।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच जरूरी है कि पुलिस कार्रवाई से जुड़े किसी भी दावे को आधिकारिक जानकारी और स्वतंत्र रूप से सत्यापित तस्वीरों या वीडियो के आधार पर ही देखा जाए।
Read on:http://जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन:छात्र नेता नेहा बोरा ने कहा-‘20 बसें’ और ‘2 हजार बसें’
Advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

