मुरादाबाद तहसील दिवस: डीएम का सख्त रुख, अवैध कब्जों पर 72 घंटे का अल्टीमेटम

Editorial
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रिपोर्ट :मो अरशद

मुरादाबाद जिले की तहसील कांठ में आयोजित तहसील दिवस के दौरान प्रशासन ने जनता की शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाया। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तहसील परिसर में पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान करीब 100 शिकायतें सामने आईं। इनमें राशन कार्ड, विद्युत आपूर्ति, जमीन से जुड़े विवाद और अवैध कब्जे से संबंधित मामले प्रमुख रहे।जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। अवैध कब्जों और भूमि विवाद से जुड़े मामलों में अधिकारियों को 72 घंटे के भीतर कार्रवाई और रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम दिया गया।

मुरादाबाद तहसील दिवस: डीएम का सख्त रुख
मुरादाबाद तहसील दिवस: डीएम का सख्त रुख

करीब 100 शिकायतें पहुंचीं, राशन कार्ड से जमीन विवाद तक मामले

तहसील कांठ में आयोजित तहसील दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। अधिकारियों के सामने करीब 100 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें सबसे अधिक मामले राशन कार्ड, विद्युत आपूर्ति, भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़े बताए गए।कई फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने शिकायतों को सुनने के साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि फरियादियों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर निर्धारित समय में समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।

अवैध कब्जे और भूमि विवाद पर सख्ती

तहसील दिवस में जमीन और अवैध कब्जे से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासन ने विशेष गंभीरता दिखाई। भूमि विवाद से जुड़े मामलों में मौके की स्थिति की जांच और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।अवैध कब्जे की शिकायतों पर भी अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि शिकायतों की जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।इन मामलों में 72 घंटे की समयसीमा तय किए जाने से अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ गई है। अब संबंधित विभागों को निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

राशन कार्ड और बिजली की शिकायतें भी पहुंचीं

तहसील दिवस में राशन कार्ड और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं भी बड़ी संख्या में सामने आईं। ग्रामीण और क्षेत्रीय लोगों ने राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं के साथ बिजली आपूर्ति को लेकर अपनी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं।अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शिकायतों की जांच कर पात्र लोगों को नियमानुसार राहत देने के निर्देश दिए। प्रशासन ने कहा कि सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मौके पर ही हुआ शिकायतों का समाधान

तहसील दिवस की सबसे अहम बात यह रही कि प्रशासन ने कुछ मामलों में मौके पर ही फरियादियों को राहत दिलाने की कोशिश की। पेंशन और आयुष्मान कार्ड के लिए पहुंचे पात्र लोगों के कार्ड मौके पर ही बनवाए गए।इसके अलावा एक बुजुर्ग फरियादी का दिव्यांग प्रमाण पत्र भी मौके पर तैयार कराया गया। इससे फरियादी को संबंधित प्रक्रिया के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।प्रशासन की ओर से तहसील परिसर में जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित कैंप भी लगाया गया। इसका उद्देश्य पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाना था।

डीएम ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

तहसील दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। शिकायतों के निस्तारण में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। विशेष रूप से भूमि विवाद और अवैध कब्जे जैसे मामलों में मौके की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए और फरियादी को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।प्रशासनिक अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि जिन शिकायतों का मौके पर समाधान संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत

जनता की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है। अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन की ओर से यह संकेत भी दिया गया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है। इससे तहसील दिवस में आने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग को लेकर भी प्रशासन का रुख स्पष्ट नजर आया।

कैंप लगाकर योजनाओं का लाभ दिलाने की कोशिश

तहसील दिवस के दौरान लगाए गए कैंप के जरिए लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की पहल की गई। पेंशन, आयुष्मान कार्ड और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े पात्र लोगों को मौके पर ही आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।प्रशासन का उद्देश्य बताया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पात्र लोगों को दस्तावेज या प्रक्रिया के कारण अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

अब 72 घंटे की कार्रवाई पर रहेगी नजर

तहसील दिवस में शिकायतें सुनने और निर्देश जारी करने के बाद अब संबंधित विभागों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। खासकर अवैध कब्जे और भूमि विवाद से जुड़े मामलों में 72 घंटे की समयसीमा के भीतर क्या कार्रवाई होती है, इस पर फरियादियों और स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।प्रशासन के इस सख्त रुख से यह संदेश गया है कि जनशिकायतों को केवल दर्ज कर उन्हें लंबित रखने के बजाय उनके वास्तविक समाधान पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन के निर्देशों का जमीनी असर संबंधित विभागों की कार्रवाई और शिकायतों के वास्तविक निस्तारण के बाद ही स्पष्ट होगा।तहसील दिवस में करीब 100 शिकायतों की सुनवाई, मौके पर पेंशन और आयुष्मान कार्ड से जुड़ी राहत तथा भूमि विवाद और अवैध कब्जों पर 72 घंटे की समयसीमा ने जनसुनवाई को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि तय समय में कितने मामलों का समाधान होता है और फरियादियों को कितनी वास्तविक राहत मिलती है।

डीएम मुरादाबाद की बाइट

“जनता की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। भूमि विवाद और अवैध कब्जे जैसे मामलों में संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें और निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करें।”

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