अनंत अंबानी ने चंद्रबाबू नायडू-पवन कल्याण की तारीफ

Editorial
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मदनपल्ले/आंध्र प्रदेश आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में शुक्रवार को कृषि और बागवानी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। यहां Global Horticulture Hub और प्रस्तावित Indian School of Agriculture (ISA) की आधारशिला रखी गई। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश सरकार की कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी पहल की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य में कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों से जुड़े क्षेत्रों को नई तकनीक से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है।

अनंत अंबानी ने चंद्रबाबू नायडू-पवन कल्याण की तारीफ
अनंत अंबानी ने चंद्रबाबू नायडू-पवन कल्याण की तारीफ

अनंत अंबानी ने पवन कल्याण की प्रतिबद्धता को सराहा

अपने संबोधन में अनंत अंबानी ने उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण का भी उल्लेख किया। उन्होंने पंचायतों को मजबूत करने और ग्रामीण विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना की।अनंत अंबानी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों की मजबूती और पंचायतों का विकास कृषि क्षेत्र की प्रगति से सीधे जुड़ा हुआ है। उनका कहना था कि गांवों को मजबूत किए बिना कृषि क्षेत्र को पूरी तरह बदलना आसान नहीं है। इसलिए शिक्षा, तकनीक, ग्रामीण उद्योग और किसानों की आय को एक साथ देखने की जरूरत है।अनंत अंबानी के इस संबोधन को मदनपल्ले में शुरू की जा रही कृषि पहल के व्यापक उद्देश्य से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रस्तावित Indian School of Agriculture को किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आधुनिक तकनीक तथा शोध आधारित समाधान विकसित करने वाले संस्थान के रूप में तैयार करने की योजना है।

चंद्रबाबू नायडू के लिए अनंत अंबानी ने कही खास बात

कार्यक्रम में अनंत अंबानी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान की बात है।अनंत अंबानी ने चंद्रबाबू नायडू से एक खास अपील भी की। उन्होंने कहा कि उन्हें “आंध्र का बेटा” माना जाए और राज्य के विकास के लिए वह क्या योगदान दे सकते हैं, इस बारे में उनका मार्गदर्शन किया जाए। उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं।उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज Indian School of Agriculture के विकास में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। अनंत अंबानी ने कहा कि राज्य को जिस तरह की सहायता की आवश्यकता होगी, रिलायंस उस दिशा में सहयोग करने के लिए तैयार है।

मदनपल्ले में क्यों महत्वपूर्ण है यह कृषि संस्थान?

प्रस्तावित Indian School of Agriculture को सामान्य कृषि शिक्षण संस्थान से अलग आधुनिक तकनीक और शोध पर केंद्रित संस्था के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके जरिए कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल एग्रीकल्चर, प्रिसिजन फार्मिंग, फसल निगरानी, स्मार्ट सिंचाई और मार्केट इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों पर काम करने की योजना है।संस्थान का उद्देश्य किसानों के सामने आने वाली वास्तविक समस्याओं के लिए तकनीक आधारित समाधान विकसित करना भी बताया गया है। इसमें उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता, बाजार तक पहुंच और कृषि उपज के बेहतर प्रबंधन जैसे विषयों पर भी ध्यान दिया जाएगा।इस पहल को मदनपल्ले और पूरे रायलसीमा क्षेत्र के कृषि विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। क्षेत्र में टमाटर और अन्य बागवानी फसलों का उत्पादन महत्वपूर्ण है, लेकिन किसानों को पानी की उपलब्धता, कीमतों में उतार-चढ़ाव, फसल के बाद होने वाले नुकसान और बाजार तक पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शोध और तकनीक को किसानों के करीब लाने की कोशिश महत्वपूर्ण हो सकती है।

Global Horticulture Hub भी बड़ी पहल

मदनपल्ले में Indian School of Agriculture के साथ Global Horticulture Hub की भी आधारशिला रखी गई है। सरकारी योजना के अनुसार इस परियोजना को तीन चरणों में विकसित करने का प्रस्ताव है और इसका अनुमानित निवेश करीब एक लाख करोड़ रुपये बताया गया है।यह परियोजना आंध्र प्रदेश के 10 जिलों में 201 क्लस्टरों के जरिए विकसित करने की योजना है। इसके दायरे में 303 मंडल और 5,869 गांव शामिल होंगे। सरकार के अनुसार इस पहल का उद्देश्य बागवानी उत्पादन बढ़ाना, सिंचाई और सड़क जैसी सुविधाओं को मजबूत करना, कृषि उपज के लिए प्रसंस्करण और निर्यात ढांचे को विकसित करना तथा किसानों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करना है।सरकार का लक्ष्य रायलसीमा क्षेत्र को देश के प्रमुख फल और बागवानी उत्पादन केंद्रों में विकसित करना है। इसके तहत आम, केला, टमाटर, अनार, ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो और बेरीज जैसी फसलों को बढ़ावा देने की योजना बताई गई है।

किसानों के लिए तकनीक और बाजार पर जोर

Indian School of Agriculture की सबसे बड़ी खासियत इसका तकनीक आधारित कृषि मॉडल माना जा रहा है। संस्थान में कृषि शोध को किसानों की जरूरतों से जोड़ने की योजना है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से फसल की निगरानी, मौसम आधारित निर्णय, सिंचाई प्रबंधन और बाजार से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकता है। इससे किसानों को खेती से जुड़े फैसले अधिक वैज्ञानिक तरीके से लेने में मदद मिलने की उम्मीद है।इसके साथ ही कृषि व्यवसाय और मार्केट इंटेलिजेंस पर भी जोर दिया जाएगा। इसका मकसद केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को बेहतर बाजार और मूल्य श्रृंखला से जोड़ना भी है।

रिलायंस और आंध्र सरकार के बीच समझौता

इस परियोजना को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच MoU भी हुआ है। इसके तहत रिलायंस Indian School of Agriculture की स्थापना और प्रबंधन में सहयोग करेगी। अनंत अंबानी ने कार्यक्रम में कंपनी की ओर से परियोजना के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।यह साझेदारी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सहयोग के जरिए कृषि शिक्षा, शोध और तकनीकी नवाचार को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अनंत अंबानी ने बताया भविष्य की जरूरत

अनंत अंबानी ने अपने संबोधन में कृषि को केवल खेती तक सीमित विषय नहीं बताया। उनके वक्तव्य का फोकस कृषि को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार, तकनीक और भविष्य के विकास से जोड़ने पर रहा।उन्होंने कहा कि आज की जरूरत ऐसी कृषि व्यवस्था बनाने की है, जिसमें आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक शोध का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। उनके मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक मजबूती और कृषि विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य का भी उल्लेख किया और कहा कि देश के विकास में सभी को योगदान देना चाहिए।

मदनपल्ले से कृषि क्षेत्र को नई उम्मीद

मदनपल्ले में Global Horticulture Hub और Indian School of Agriculture की शुरुआत को आंध्र प्रदेश के कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी पहल के तौर पर देखा जा रहा है। एक तरफ बागवानी उत्पादन, सिंचाई, सड़क और बाजार से जुड़ा व्यापक ढांचा विकसित करने की योजना है, तो दूसरी तरफ आधुनिक कृषि शिक्षा और शोध के लिए नया संस्थान तैयार किया जा रहा है।अनंत अंबानी का “आंध्र का बेटा” वाला बयान और चंद्रबाबू नायडू तथा पवन कल्याण की सराहना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। वहीं रिलायंस की भागीदारी से इस परियोजना को निजी क्षेत्र के सहयोग का भी आधार मिला है।अब इस पहल की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रस्तावित संस्थान की तकनीक, शोध और प्रशिक्षण सुविधाएं किस तरह किसानों तक पहुंचती हैं और Global Horticulture Hub से रायलसीमा के ग्रामीण इलाकों में रोजगार, उत्पादन और बाजार के अवसर कितने बढ़ते हैं। फिलहाल मदनपल्ले में रखी गई यह आधारशिला आंध्र प्रदेश में कृषि शिक्षा और बागवानी विकास को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।

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