लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक बार फिर अपनी राजनीतिक गर्माहट और अनोखे विरोध प्रदर्शनों के चलते सुर्खियों में है। विजयादशमी और त्योहारी सीजन के बीच शहर के प्रमुख चौराहों पर कुछ ऐसे पोस्टर रातों-रात सामने आए हैं, जिन्होंने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक भूचाल ला दिया है। राजधानी के अलग-अलग चौराहों पर ‘सनातनी रक्षा दल’ की ओर से ‘दशानन रावण’ के रूप में एक बेहद विवादास्पद पोस्टर चस्पा किए गए हैं। इन पोस्टरों में रावण के पारंपरिक दस सिरों के स्थान पर देश-विदेश के कई चर्चित राजनेताओं, माफियाओं, विचारकों और यहाँ तक कि दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की तस्वीरें भी चस्पा की गई हैं। इस पोस्टर के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और राजनीतिक दलों के बीच तीखा बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।
- क्या है पूरे पोस्टर का मजहब और रूप? (The Core Issue)
- रावण के 10 चेहरों में कौन-कौन शामिल?
- सनातनी रक्षा दल का गंभीर आरोप: “तख्तापलट का ख्वाब देखने वाले”
- सबसे बड़ा चौंकने वाला नाम: एलन मस्क की तस्वीर क्यों?
- राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू: विपक्ष के निशाने पर सरकार और प्रशासन
- लखनऊ की सड़कों से लेकर डिजिटल वर्ल्ड तक उबाल

क्या है पूरे पोस्टर का मजहब और रूप? (The Core Issue)
राजधानी के व्यस्त चौराहों पर लगाए गए इन पोस्टरों का डिजाइन और उन पर लिखे शब्द काफी आक्रामक हैं। पोस्टर के मुख्य हिस्से में रावण का प्रतीकात्मक चित्र है, जिसके दस चेहरों पर अलग-अलग मशहूर हस्तियों और विवादित चेहरों की तस्वीरें लगाई गई हैं।पोस्टर के ऊपर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा गया है— ‘सनातन भारत के विरोधी रावण’। संगठन का दावा है कि ये सभी चेहरे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सनातन संस्कृति, भारत की एकता और देश की आंतरिक सुरक्षा के विरोधी हैं। पोस्टर के जरिए इन सभी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद शहर की फिजा में राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है।
रावण के 10 चेहरों में कौन-कौन शामिल?
इस ‘दशानन’ पोस्टर में जिन दस प्रमुख चेहरों को जगह दी गई है, उन्होंने सभी को चौंका दिया है। इस सूची में राष्ट्रीय स्तर के राजनेताओं से लेकर विदेशी हस्तियों और माफियाओं तक के नाम शामिल हैं:
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राहुल गांधी (कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष)
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अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम)
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अतीक अहमद (दिवंगत माफिया एवं राजनेता)
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मुख्तार अंसारी (दिवंगत माफिया एवं राजनेता)
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एलन मस्क (टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख, वैश्विक उद्योगपति)
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इल्हान उमर (अमेरिकी सांसद)
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मोहम्मद यूनुस (बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख)
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जॉर्ज सोरोस (अंतर्राष्ट्रीय अरबपति और निवेशक)
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प्रशांत भूषण (वरिष्ठ वकील और कार्यकर्ता)
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अन्य चेहरे (पोस्टर में कुछ और विवादित या वैचारिक रूप से चर्चा में रहने वाले नाम)
इनमें से हर एक चेहरे को शामिल करने के पीछे संगठन का अपना एक अलग और विवादास्पद तर्क है, जिसने राजनीतिक विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है।
सनातनी रक्षा दल का गंभीर आरोप: “तख्तापलट का ख्वाब देखने वाले”
इस पूरे अभियान को अंजाम देने वाले संगठन ‘सनातनी रक्षा दल’ का सीधा आरोप है कि पोस्टर में दिखाए गए ये तमाम लोग भारत विरोधी गतिविधियों, बयानों और साजिशों में शामिल हैं। संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि ये वे लोग हैं जो देश में आंतरिक अशांति फैलाना चाहते हैं, भारत की सनातन संस्कृति पर कुठाराघात करते हैं और कई मौकों पर देश में सत्ता परिवर्तन या तख्तापलट के ख्वाब देखते रहे हैं।संगठन का तर्क है कि रावण जिस प्रकार अहंकार और अधर्म का प्रतीक था, उसी प्रकार ये तमाम लोग अपनी विचारधारा और कृत्यों के माध्यम से देश के हितों को नुकसान पहुँचा रहे हैं। यही कारण है कि इन्हें ‘आधुनिक दशानन’ के रूप में चित्रित किया गया है।
सबसे बड़ा चौंकने वाला नाम: एलन मस्क की तस्वीर क्यों?
इस पूरे पोस्टर में सबसे ज्यादा चर्चा और कौतूहल का विषय अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की मौजूदगी बना हुआ है। लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि टेस्ला और एक्स (पूर्व में ट्विटर) के मालिक एलन मस्क का नाम इस ‘सनातनी विरोधी रावण’ की सूची में क्यों घसीटा गया है?राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एल्गोरिदम, अमेरिका या वैश्विक राजनीति से जुड़े कुछ बयानों और हालिया तकनीकी-राजनीतिक बहसों के कारण संगठन ने उन्हें इस फेरहिस्ट में शामिल किया है। हालांकि, एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के उद्योगपति को इस तरह के स्थानीय और वैचारिक पोस्टर में जगह मिलना सोशल मीडिया पर सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बन गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू: विपक्ष के निशाने पर सरकार और प्रशासन
जैसे ही लखनऊ के चौराहों पर ये पोस्टर वायरल हुए, राजनीतिक दलों की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।
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विपक्षी दलों का हमला: समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने इसे विरोधियों की साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि यह सत्ताधारी दल के इशारे पर विपक्ष के शीर्ष नेताओं की छवि धूमिल करने और नफरत फैलाने का एक घिनौना प्रयास है। विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया है कि आखिर पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे इस तरह के अपमानजनक और भड़काऊ पोस्टर कैसे लग गए?
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प्रशासन की खामोशी और एक्शन: मामला तूल पकड़ने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है। चौराहों से इन पोस्टरों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन्हें रातों-रात किसने और कैसे लगाया था।
लखनऊ की सड़कों से लेकर डिजिटल वर्ल्ड तक उबाल
लखनऊ में लगे इन ‘दशानन रावण’ पोस्टरों ने यह साबित कर दिया है कि वैचारिक और राजनीतिक लड़ाइयां अब केवल मंचों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विजुअल प्रोपेगेंडा के जरिए सड़कों पर भी आ गई हैं। एक तरफ जहां आयोजक इसे सनातन विरोधियों के खिलाफ वैचारिक जंग बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे राजनीतिक प्रतिशोध और सनसनी फैलाने का घटिया तरीका माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर प्रशासन क्या कानूनी कदम उठाता है और राजनीतिक दल इस पर क्या रुख अपनाते हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
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