लखनऊ के विकास नगर (अलीगंज क्षेत्र) में 18 अक्टूबर को आयोजित 37वां मां भगवती विशाल जागरण आस्था, भक्ति और भव्यता का एक ऐसा बेजोड़ संगम बना, जिसने पूरे क्षेत्र को मां के जयकारों से गुंजायमान कर दिया। इस पावन और भव्य धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर पूर्वी दिल्ली के लोकप्रिय सांसद व प्रख्यात गायक मनोज तिवारी और लखनऊ उत्तर के कर्मठ प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह शामिल हुए। मां भगवती के इस 37वें वार्षिक उत्सव में दोनों दिग्गज राजनेताओं और कलाकारों ने न केवल मां की अखंड ज्योति के दर्शन किए, बल्कि क्षेत्र की खुशहाली और तरक्की की कामना भी की। इस जागरण समारोह को और अधिक विशेष बनाने में प्रभुनाथ दाढ़ी की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन और प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन, वरिष्ठ पुलिसकर्मियों, गणमान्य नागरिकों और हजारों की संख्या में उमड़े मातृ-भक्तों ने उपस्थित रहकर इस पूरी रात को अध्यात्म के रंग में सराबोर कर दिया।

राजधानी लखनऊ के विकास नगर-अलीगंज क्षेत्र (सेक्टर-Q, हनुमान मंदिर के सामने) में आयोजित 37वां विशाल मां भगवती जागरण श्रद्धा, भक्ति और अद्वितीय सांस्कृतिक भव्यता के साथ संपन्न हुआ। 18 अक्टूबर की शाम से शुरू होकर अगले दिन सुबह की आरती तक चले इस महा-आयोजन में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा पंडाल ‘जय माता दी’ और ‘सांचे दरबार की जय’ के उद्घोष से गूंज उठा।कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और सांसद मनोज तिवारी, जिन्होंने अपनी चिर-परिचित मधुर शैली में मां भगवती की महिमा का गुणगान किया। उनके साथ लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने भी आदि शक्ति मां दुर्गा के चरणों में शीश नवाया और उत्तर प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। भव्य सजा दरबार और प्रभुनाथ दाढ़ी की विशिष्ट उपस्थिति जागरण की शुरुआत विधिवत मंत्रोच्चार, वैदिक रीति-रिवाज और मां भगवती की अखंड ज्योति प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रमुख स्तंभों में से एक प्रभुनाथ दाढ़ी पूरे समय मौजूद रहे। उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों के साथ मिलकर अतिथियों का भव्य स्वागत किया और पंडाल की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला। मां का दरबार कोलकाता और वृंदावन से मंगाए गए विशेष सुगंधित फूलों और आधुनिक रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था, जो भक्तों के लिए अलौकिक दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।
सांसद मनोज तिवारी के भजनों पर पूरी रात झूमते रहे श्रद्धालु जैसे ही भोजपुरी सिनेमा के महानायक और दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने मंच संभाला, पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज में पारंपरिक देवी गीतों, भेंटों और पचरा भजनों की झड़ी लगा दी। ‘निमिया के डाढ़ मैया…’, ‘मैया रूप कल्याणी…’ जैसे कालजयी भजनों पर उपस्थित भक्त, महिलाएं और बुजुर्ग अपनी सुध-बुध खोकर झूमने और नाचने को मजबूर हो गए। मनोज तिवारी ने न केवल अपनी प्रस्तुति से माहौल को पूरी तरह भक्तिमय कर दिया, बल्कि लखनऊ की जनता के इस अपार स्नेह और धार्मिक निष्ठा की जमकर सराहना भी की।
प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने जताया आभार, कहा- ‘सनातन संस्कृति की पहचान हैं ऐसे आयोजन’
प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने मां भगवती की आरती उतारने के बाद जनसमुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विकास नगर और अलीगंज का यह इलाका हमेशा से ही अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए जाना जाता रहा है। लगातार 37 वर्षों से इस भव्य जागरण का आयोजन होना इस बात का प्रमाण है कि हमारी युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति से मजबूती से जुड़ी हुई है। नीरज सिंह ने आयोजन समिति, प्रभुनाथ दाढ़ी और सुरक्षा में तैनात पुलिस बल की तारीफ करते हुए सभी को सफल आयोजन की बधाई दी।
सुरक्षा और सेवा में मुस्तैद रहे पुलिसकर्मी और स्थानीय प्रशासन
हजारों की भारी भीड़ को देखते हुए लखनऊ पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और भारी संख्या में पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था और यातायात को नियंत्रित रखा, बल्कि भक्तिभाव में डूबकर स्वयं भी मां के दरबार में हाजिरी लगाई। आयोजन समिति की ओर से पुलिसकर्मियों के इस सहयोग और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया।आकर्षक झांकियां और विशाल भंडारे के साथ समापनजागरण के दौरान दिल्ली और स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई भगवान शिव-पार्वती की नृत्य झांकी, श्री राधा-कृष्ण की रासलीला और वीर हनुमान जी के जीवंत दृश्यों ने लोगों का मन मोह लिया। भोर की बेला में मां की विदाई आरती और छप्पन भोग लगाने के बाद विशाल भंडारे (प्रसाद वितरण) की शुरुआत हुई। हजारों भक्तों ने पंक्तिबद्ध होकर मां का पवित्र प्रसाद ग्रहण किया।इस 37वें मां भगवती जागरण ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लखनऊ की धरती न सिर्फ तहजीब की है, बल्कि यहां की रग-रग में सनातन धर्म और मां की अटूट भक्ति वास करती है।

