बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से बुधवार को बेहद दुखद खबर सामने आई। शिकारपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा का निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही बुलंदशहर में भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और उनके परिचितों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।63 वर्षीय अनिल शर्मा का राजनीतिक जीवन करीब दो दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहा। उन्होंने अलग-अलग चुनावों में जीत दर्ज कर क्षेत्र की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। वह उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।
- दिल्ली के अस्पताल में चल रहा था इलाज
- सुरजावली गांव के रहने वाले थे अनिल शर्मा
- 2002 और 2007 में खुर्जा से जीते विधानसभा चुनाव
- योगी सरकार में संभाली थी राज्यमंत्री की जिम्मेदारी
- 2022 में भी शिकारपुर से दर्ज की जीत
- भाजपा कार्यकर्ताओं में शोक
- दो बार मंत्री पद की जिम्मेदारी से लेकर विधायक तक का सफर
- बुलंदशहर की राजनीति में बड़ी क्षति
दिल्ली के अस्पताल में चल रहा था इलाज
बताया गया कि अनिल शर्मा पिछले काफी समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते उनका दिल्ली के अस्पताल में उपचार चल रहा था। बुधवार दोपहर उनके निधन की सूचना सामने आई।उनके निधन की खबर के बाद शिकारपुर और आसपास के क्षेत्रों में समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में शोक व्याप्त हो गया। पार्टी से जुड़े लोगों ने उन्हें अपने क्षेत्र का सक्रिय और जमीन से जुड़ा नेता बताते हुए श्रद्धांजलि दी।अनिल शर्मा के निधन को भाजपा के साथ-साथ बुलंदशहर की राजनीति के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है।

सुरजावली गांव के रहने वाले थे अनिल शर्मा
अनिल शर्मा का संबंध बुलंदशहर जिले के शिकारपुर क्षेत्र के गांव सुरजावली से था। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर उन्होंने सक्रिय राजनीति में अपनी जगह बनाई और लगातार चुनावी सफलता हासिल की।स्थानीय राजनीति में उनकी पहचान ऐसे नेता के रूप में रही, जिन्होंने लंबे समय तक चुनावी राजनीति में सक्रिय रहते हुए क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। विधायक के रूप में उन्होंने विधानसभा में शिकारपुर और इससे पहले खुर्जा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
2002 और 2007 में खुर्जा से जीते विधानसभा चुनाव
अनिल शर्मा के राजनीतिक सफर की बात करें तो उन्होंने 2002 और 2007 में खुर्जा विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव जीता था। लगातार दो बार विधानसभा पहुंचने के बाद उनका राजनीतिक कद क्षेत्र में बढ़ता गया।इसके बाद उन्होंने भाजपा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें शिकारपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज कर विधानसभा में वापसी की।2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्हें योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में जगह मिली। उन्हें वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।

योगी सरकार में संभाली थी राज्यमंत्री की जिम्मेदारी
अनिल शर्मा ने योगी सरकार के पहले कार्यकाल में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री के रूप में काम किया। मंत्री रहते हुए उनके विभाग से जुड़े कई विषय प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक कामकाज का हिस्सा रहे।राज्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभालने के बाद उनका राजनीतिक कद और बढ़ा। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें शिकारपुर सीट से मैदान में उतारा।उन्होंने एक बार फिर चुनाव में जीत दर्ज की और लगातार दूसरी बार शिकारपुर से विधायक बने।
2022 में भी शिकारपुर से दर्ज की जीत
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रदेश में सरकार बनाने में सफलता मिली। शिकारपुर सीट पर भी अनिल शर्मा ने जीत दर्ज की।इस जीत के साथ उन्होंने विधानसभा में लगातार दूसरी बार शिकारपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इससे पहले 2017 में भी वह इसी सीट से विधायक चुने गए थे।इस तरह खुर्जा और शिकारपुर विधानसभा क्षेत्रों से उन्होंने कई बार चुनाव जीतकर अपने लंबे राजनीतिक अनुभव को मजबूत किया।
भाजपा कार्यकर्ताओं में शोक
अनिल शर्मा के निधन की खबर सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में शोक की लहर है। पार्टी से जुड़े लोगों और स्थानीय नेताओं के बीच उनके निधन को लेकर दुख व्यक्त किया जा रहा है।शिकारपुर क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहने के कारण बड़ी संख्या में लोग उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थे। उनके निधन की खबर के बाद समर्थकों और शुभचिंतकों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से श्रद्धांजलि व्यक्त की।उनके समर्थकों के लिए यह खबर इसलिए भी भावुक करने वाली है क्योंकि वह लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय थे और बीमारी के बावजूद उनका उपचार जारी था।
दो बार मंत्री पद की जिम्मेदारी से लेकर विधायक तक का सफर
अनिल शर्मा का राजनीतिक सफर कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरा। 2002 में खुर्जा से विधायक बनने के बाद उन्होंने 2007 में भी जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 में भाजपा के टिकट पर शिकारपुर से विधानसभा पहुंचे और योगी सरकार में मंत्री बने।2022 में उन्होंने एक बार फिर शिकारपुर विधानसभा सीट पर जीत हासिल की। इस तरह उनका राजनीतिक जीवन चुनावी जीत और संगठनात्मक सक्रियता से जुड़ा रहा।उनका निधन ऐसे समय में हुआ है जब वह अपने राजनीतिक अनुभव के आधार पर क्षेत्र में सक्रिय थे। बीमारी के कारण उनका इलाज चल रहा था, लेकिन उनके निधन की खबर ने जिले के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
बुलंदशहर की राजनीति में बड़ी क्षति
अनिल शर्मा का निधन बुलंदशहर जिले की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण घटना है। लंबे समय तक विधायक रहने और सरकार में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के कारण उन्होंने जिले की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी।उनके निधन से शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र ने अपना निर्वाचित प्रतिनिधि खो दिया है। भाजपा के लिए भी यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि पार्टी के एक अनुभवी नेता और जनप्रतिनिधि का निधन हुआ है।फिलहाल उनके निधन की खबर के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग उनके राजनीतिक योगदान को याद कर रहे हैं। 63 वर्षीय अनिल शर्मा के निधन से बुलंदशहर ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि को खो दिया है।
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