फर्रुखाबाद दशहरा: श्रीराम के तीर से रावण का अंत, मैदान में हंगामा

Editorial
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रिपोर्ट : दीप चंद्र दीक्षित 

फर्रुखाबाद असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयदशमी पर्व फर्रुखाबाद में धूमधाम और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। मंगलवार को क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित दशहरा कार्यक्रम में भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का मंचन किया गया। जैसे ही भगवान श्रीराम का तीर रावण को लगा और रावण का अंत हुआ, पूरा मैदान ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा। इसके बाद रावण, मेघनाद और कुंभकरण के विशाल पुतलों का दहन किया गया। रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने दर्शकों का मन मोह लिया। हालांकि, उत्सव के बीच प्रवेश पास और बेरीकेडिंग को लेकर पुलिस तथा रामलीला मंडल के सदस्यों के बीच नोकझोंक भी हुई। वहीं, पुतला दहन के बाद जली लकड़ियां लेने को लेकर दो पक्षों में मारपीट की घटना सामने आई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

फर्रुखाबाद दशहरा
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श्रीराम के तीर से रावण का अंत, जय श्रीराम से गूंजा मैदान

श्रीराम लीला मंडल फर्रुखाबाद, सरस्वती भवन की ओर से क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान में विजयदशमी के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राम-रावण युद्ध का दृश्य प्रस्तुत किया गया। जैसे ही भगवान श्रीराम ने रावण पर तीर चलाया और उसके वध का प्रसंग पूरा हुआ, मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। धार्मिक नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।रावण वध के बाद परंपरा के अनुसार रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। पुतलों के जलने के साथ आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी दिखाई दी। मैदान में मौजूद दर्शकों ने इस दृश्य को उत्साह के साथ देखा। विजयदशमी का यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने वाला प्रमुख कार्यक्रम रहा।दशहरा पर्व पर रावण दहन की परंपरा भगवान श्रीराम की विजय और सत्य की शक्ति का प्रतीक मानी जाती है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के तहत फर्रुखाबाद में भी रामलीला मंडल की ओर से आयोजन किया गया, जिसमें शहर के लोगों ने भाग लिया।

फर्रुखाबाद दशहरा
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शोभायात्रा के साथ मैदान पहुंची राम-रावण की झांकी

मुख्य कार्यक्रम से पहले सरस्वती भवन से राम-रावण की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा लोहाई रोड, चौक, नेहरू रोड और लालगेट होते हुए क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान पहुंची। इस दौरान रामलीला से जुड़े प्रसंगों और धार्मिक परंपराओं के प्रति लोगों में उत्साह दिखाई दिया।शोभायात्रा के मैदान पहुंचने के बाद विजयदशमी कार्यक्रम आगे बढ़ा। आयोजन में रामलीला मंडल के पदाधिकारियों और शहर के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी रही। धार्मिक आयोजन के जरिए भगवान श्रीराम की विजय का संदेश दिया गया और परंपरागत तरीके से रावण दहन संपन्न कराया गया।

फर्रुखाबाद दशहरा
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जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भी निभाई परंपरा

रावण वध और पुतला दहन के दौरान जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह तथा रामलीला मंडल की संरक्षक डॉ. मिथिलेश अग्रवाल मौजूद रहीं। तीनों ने तीर चलाकर दशहरा पर्व की परंपरा में भाग लिया। इसके बाद रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया।कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी भी रही। बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ को व्यवस्थित रखना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान प्रवेश पास को लेकर पुलिस और आयोजन समिति के सदस्यों के बीच विवाद की स्थिति भी बनी।

प्रवेश पास को लेकर पुलिस और आयोजकों में नोकझोंक

विजयदशमी के आयोजन के दौरान बेरीकेडिंग के अंदर प्रवेश और पास को लेकर पुलिस तथा रामलीला मंडल के सदस्यों के बीच कई बार नोकझोंक हुई। विवाद के दौरान धक्का-मुक्की होने की भी जानकारी सामने आई। इससे कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।मामला बढ़ने पर सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी अभय वर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। इसके बाद आयोजन को आगे बढ़ाया गया। धार्मिक आयोजन के दौरान प्रवेश व्यवस्था को लेकर हुए इस विवाद ने कार्यक्रम में कुछ देर के लिए व्यवधान पैदा किया।सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रवेश पास और बेरीकेडिंग की व्यवस्था भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की जाती है। ऐसे आयोजनों में पुलिस और आयोजन समिति के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है, ताकि श्रद्धालुओं और दर्शकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

पुतला दहन के बाद जली लकड़ियां लेने पर मारपीट

रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों के दहन के बाद एक और विवाद सामने आया। जली हुई लकड़ियां लेने को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और विवाद को शांत कराया।दशहरा पर्व पर पुतला दहन के बाद मैदान में लोगों की आवाजाही बनी रहती है। इसी दौरान जली लकड़ियां लेने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना के कारण उत्सव के बीच कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति पैदा हुई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद विवाद शांत कराया गया। आयोजन के दौरान सामने आई इन घटनाओं ने यह भी दिखाया कि बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और आपसी समन्वय पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

रामलीला मंडल के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक रहे मौजूद

क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित विजयदशमी कार्यक्रम में श्रीराम लीला मंडल के अध्यक्ष लालजी टंडन, मंत्री दीपक सक्सेना, कोषाध्यक्ष अशोक गर्ग और व्यवस्थापक मटर लाल दुबे सहित मंडल के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। शहर के गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।रामलीला मंडल, सरस्वती भवन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में भगवान श्रीराम की विजय के प्रसंग को पारंपरिक तरीके से प्रस्तुत किया गया। रावण दहन, धार्मिक जयकारों और आतिशबाजी के बीच विजयदशमी का पर्व संपन्न हुआ। वहीं, प्रवेश पास को लेकर हुई नोकझोंक और पुतला दहन के बाद मारपीट की घटनाएं भी आयोजन के दौरान चर्चा का विषय रहीं।फर्रुखाबाद में आयोजित दशहरा कार्यक्रम ने जहां लोगों को असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया, वहीं सार्वजनिक आयोजनों में व्यवस्था, सुरक्षा और आपसी समन्वय की अहमियत भी सामने आई।

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