कौशाम्बी में यातायात माह शुरू, डीएम-एसपी ने निकाली जागरूकता रैली

Editorial
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रिपोर्ट: दिलीप कुमार

कौशाम्बी सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कौशाम्बी जिले में यातायात माह का शुभारम्भ किया गया। थाना मंझनपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल और पुलिस अधीक्षक सत्य नारायण प्रजापत ने यातायात माह की शुरुआत की। इस दौरान अधिकारियों ने जन-जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और लोगों से सड़क सुरक्षा के नियमों को अपनी रोजमर्रा की आदत में शामिल करने की अपील की।कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल, निर्धारित गति सीमा का पालन, ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने जैसे छोटे कदम सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कौशाम्बी में यातायात माह शुरू
कौशाम्बी में यातायात माह शुरू
कौशाम्बी में यातायात माह शुरू
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डीएम ने कहा- छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी दुर्घटना की वजह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी अक्सर गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती है। हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट नहीं लगाना, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना और तेज गति से वाहन चलाना ऐसी लापरवाहियां हैं, जिनसे चालक के साथ-साथ सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लें और अपने परिवार, परिचितों तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों को केवल अभियान या जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इन्हें दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।डीएम ने वाहन चालकों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने ओवरस्पीडिंग और नशे की हालत में वाहन चलाने से बचने तथा ट्रैफिक लाइट और सड़क संकेतों का पालन करने पर जोर दिया।

कौशाम्बी में यातायात माह शुरू
कौशाम्बी में यातायात माह शुरू

नवंबर में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम, स्कूलों में भी पहुंचेगा अभियान

पुलिस अधीक्षक सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि नवंबर माह को यातायात माह के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों की जानकारी देना, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के प्रति जनभागीदारी बढ़ाना है।उन्होंने कहा कि यातायात माह के दौरान जिले में अलग-अलग स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए वाहन चालकों, राहगीरों और आम नागरिकों को यातायात नियमों के महत्व के बारे में बताया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही, ताकि छात्र-छात्राओं को कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाया जा सके।स्कूलों में होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को सड़क पार करने के सुरक्षित तरीकों, यातायात संकेतों की पहचान और सड़क पर बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जाएगी। बच्चों में सड़क सुरक्षा की समझ विकसित होने से वे अपने परिवार के सदस्यों को भी नियमों के पालन के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

ब्लैक स्पॉट की पहचान कर दुर्घटनाओं की रोकथाम पर जोर

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यातायात माह का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य दुर्घटना संभावित स्थानों यानी ब्लैक स्पॉट की पहचान करना भी है। ऐसे स्थानों को चिन्हित करने से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। संबंधित विभागों के समन्वय से इन स्थानों पर जरूरी सुधार और सुरक्षा उपायों की दिशा में काम किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इन प्रयासों को सफल बनाने के लिए आम नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। वाहन चलाते समय अपनी लेन में रहना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना और यातायात संकेतों का सम्मान करना प्रत्येक चालक की जिम्मेदारी है।

हेलमेट, सीट बेल्ट और लेन अनुशासन अपनाने की अपील

पुलिस अधीक्षक सत्य नारायण प्रजापत ने आमजन से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल और जल्दबाजी से बचें। ओवरस्पीडिंग न करें और नशे की हालत में वाहन बिल्कुल न चलाएं।उन्होंने कहा कि सड़क पर थोड़ी सी असावधानी भी दूसरे लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को यातायात नियमों का पालन अपनी जिम्मेदारी समझकर करना चाहिए। सुरक्षित यातायात के लिए जरूरी है कि वाहन चालक अपनी लेन में चलें और सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

अधिकारियों ने दिखाई हरी झंडी, कई अधिकारी रहे मौजूद

यातायात माह के शुभारम्भ के अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल और पुलिस अधीक्षक सत्य नारायण प्रजापत ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह, क्षेत्राधिकारी यातायात, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी तारकेश्वर मल्ल सहित अन्य संबंधित अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे।कौशाम्बी में यातायात माह की शुरुआत के साथ ही प्रशासन और पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की पहल की है। अब पूरे नवंबर के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के जरिए लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग, यातायात अनुशासन और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लोग इन संदेशों को अपनी आदत में कितना शामिल करते हैं।

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