Ujjain News: दूल्हा बने बाबा महाकाल, नहीं हुई भस्म आरती

Digital Desk
5 Min Read

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज एक विशेष अवसर पर बाबा महाकाल को दूल्हा रूप में सजाया गया। मंदिर प्रशासन द्वारा भगवान का भव्य शृंगार किया गया, जिसमें उन्हें 11 फीट लंबा सेहरा पहनाया गया। इस विशेष श्रृंगार और धार्मिक आयोजन के चलते आज सुबह होने वाली पारंपरिक भस्म आरती नहीं की गई। मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तों ने बाबा महाकाल के दूल्हा स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

महाकाल मंदिर में होने वाले विशेष धार्मिक आयोजनों का देशभर में विशेष महत्व है। उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे विशेष अवसरों पर मंदिर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है।

मंदिर के पुजारियों द्वारा बाबा महाकाल का सप्तधान (सात प्रकार के अनाज) से विशेष शृंगार किया गया। इसके साथ ही फूलों, चंदन और पारंपरिक वस्त्रों से भगवान को दूल्हा रूप में सजाया गया। 11 फीट लंबा सेहरा इस शृंगार का मुख्य आकर्षण रहा, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर परिसर में पहुंचने लगे थे।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह शृंगार धार्मिक परंपराओं और विशेष अवसरों के तहत किया गया था। ऐसे आयोजनों के दौरान भगवान का स्वरूप बदलकर विशेष रूप में दर्शन कराए जाते हैं, जिसे देखने के लिए भक्तों में विशेष उत्साह रहता है।

भस्म आरती स्थगित, भक्तों को कराया गया विशेष दर्शन

श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है और इसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। लेकिन आज विशेष श्रृंगार और धार्मिक आयोजन के कारण भस्म आरती नहीं की गई। मंदिर प्रशासन ने पहले ही इसकी जानकारी श्रद्धालुओं को दे दी थी।

हालांकि, भक्तों की आस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर में विशेष दर्शन की व्यवस्था की गई। दूल्हा स्वरूप में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए अलग से व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें।

Ujjain News, Mahakal Mandir, Baba Mahakal Dulha Roop, Bhasma Aarti Today, Mahakal Special Shringar, Mahakal Temple Ujjain

महाकाल मंदिर की परंपराएं और धार्मिक महत्व

श्री महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसकी धार्मिक मान्यता अत्यंत विशेष मानी जाती है। यहां की भस्म आरती और विशेष श्रृंगार देशभर में प्रसिद्ध हैं। मंदिर में समय-समय पर विभिन्न धार्मिक उत्सवों और परंपराओं के अनुसार भगवान का अलग-अलग रूपों में शृंगार किया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, बाबा महाकाल भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

 यूपी के श्रद्धालुओं में भी दिखा उत्साह

उज्जैन में आयोजित इस विशेष श्रृंगार का प्रभाव उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं में भी देखने को मिला। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज सहित कई शहरों से भक्त बाबा महाकाल के दूल्हा स्वरूप के दर्शन के लिए पहुंचे। सोशल मीडिया पर भी बाबा महाकाल के इस दिव्य रूप की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं।

धार्मिक पर्यटन के बढ़ते चलन के बीच महाकाल मंदिर यूपी के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आस्था केंद्र बना हुआ है। महाशिवरात्रि और सावन जैसे अवसरों पर यहां सबसे अधिक भीड़ देखने को मिलती है।

बाबा महाकाल के इस विशेष शृंगार की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। भक्त इस दिव्य रूप को बेहद आकर्षक और आध्यात्मिक अनुभव बता रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने इसे “अद्भुत” और “अलौकिक” बताया।

मंदिर प्रशासन ने भी भक्तों से अपील की है कि वे मंदिर में दर्शन के दौरान व्यवस्था बनाए रखें और नियमों का पालन करें, ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन मिल सके।

read more:https://news7hindi.com/himachal-assembly-budget-session-starts-at-2-pm/

for advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment