भारत-UAE में रक्षा, तेल और निवेश समझौते, PM मोदी बोले- UAE मेरा दूसरा घर

Editorial
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिली है। इस दौरे में दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और व्यापार जैसे अहम क्षेत्रों में कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति बनी हुई है और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर देखा जा रहा है। ऐसे में भारत और UAE के बीच यह साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पीएम मोदी का बयान और वैश्विक संदर्भ

UAE को बताया “दूसरा घर”, प्रवासी भारतीयों का जिक्र

दुबई और अबू धाबी में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि UAE उनके लिए “दूसरे घर” की तरह है और यह संबंध उनके जीवन का एक अनमोल अनुभव है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय को UAE में जिस तरह सम्मान और सुरक्षा मिली है, वह दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती को दर्शाता है।

पश्चिम एशिया संकट पर भारत की कूटनीति

पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति के पक्ष में रहा है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

भारत ने स्पष्ट किया कि वह हर परिस्थिति में UAE के साथ खड़ा रहेगा और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता के लिए हर संभव सहयोग देगा।

भारत-UAE के बीच बड़े रणनीतिक समझौते

 रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा पर ऐतिहासिक करार

भारत और UAE के बीच Strategic Defence Partnership Framework Agreement पर सहमति बनी है। इस समझौते के तहत दोनों देश रक्षा उत्पादन, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और तकनीकी नवाचार के क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।

इसके साथ ही Strategic Petroleum Reserves और Liquified Petroleum Gas (LPG) की दीर्घकालिक आपूर्ति पर भी महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत होगी।

निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर में 5 अरब डॉलर का बड़ा कदम

UAE ने भारत में 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में किया जाएगा।

इसके अलावा गुजरात के वाडिनार में Ship Repair Cluster स्थापित करने पर भी समझौता हुआ है, जिससे भारत के समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक रणनीति पर असर

भारत और UAE के बीच बढ़ती साझेदारी का सीधा असर ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक रणनीति पर देखने को मिलेगा। UAE पहले से ही भारत के प्रमुख कच्चे तेल और LNG सप्लायर्स में शामिल है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौते भारत को वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेंगे और पश्चिम एशिया में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत बनाएंगे।

दोनों देशों के बीच यह नई साझेदारी केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और निवेश के क्षेत्र में सहयोग आने वाले वर्षों में और बढ़ने की संभावना है।

यह यात्रा भारत की “Act East and West Asia Strategy” को और मजबूत करती है, जिससे वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका और प्रभाव बढ़ेगा।

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