हरिद्वार में आज होगा प्रतीक यादव का अस्थि विसर्जन

Editorial
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Haridwar में आज प्रतीक यादव का अस्थि विसर्जन किया जाएगा। परिवार के सदस्य VIP घाट पहुंच चुके हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गंगा तट पर अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराई जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक परिवार सुबह से ही घाट पर मौजूद है और पंडितों की देखरेख में अनुष्ठान की तैयारियां की गई हैं। घाट क्षेत्र में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

VIP घाट पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

अस्थि विसर्जन कार्यक्रम को देखते हुए VIP घाट और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से घाट क्षेत्र में बैरिकेडिंग और निगरानी की व्यवस्था भी की गई है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

परिवार के साथ मौजूद रहे करीबी लोग

प्रतीक यादव के परिवार के साथ करीबी रिश्तेदार और परिचित भी हरिद्वार पहुंचे हैं। घाट पर धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान परिवार के सदस्य भावुक नजर आए। पंडितों ने पारंपरिक विधियों के अनुसार पूजा-अर्चना और तर्पण की प्रक्रिया शुरू कराई।

गंगा में प्रवाहित की जाएंगी अस्थियां

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा नदी में अस्थि विसर्जन को बेहद पवित्र माना जाता है। इसी क्रम में VIP घाट पर आज गंगा में अस्थियां प्रवाहित की जाएंगी। हरिद्वार देशभर में अस्थि विसर्जन और धार्मिक अनुष्ठानों के प्रमुख स्थलों में गिना जाता है।

घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी

अस्थि विसर्जन कार्यक्रम के दौरान घाट पर आम श्रद्धालुओं की आवाजाही भी जारी रही। प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

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प्रशासन अलर्ट मोड पर

स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने घाट क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। सुरक्षा एजेंसियां पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा दोनों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार होगा अनुष्ठान

पंडितों के अनुसार अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया पूरी तरह वैदिक परंपराओं के अनुसार कराई जाएगी। पूजा, तर्पण और मंत्रोच्चार के बाद गंगा में अस्थियां प्रवाहित की जाएंगी।

हरिद्वार में हर दिन बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों की अस्थियों का विसर्जन करने पहुंचते हैं। धार्मिक दृष्टि से इसे मोक्ष और आत्मा की शांति से जोड़कर देखा जाता है।

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