
अमेरिका के मिसूरी राज्य से लेकर सात समंदर पार भारत के गुजरात तक इस वक्त एक ही नाम की सबसे ज्यादा गूंज है, और वो नाम है तुषार पटेल। संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिण-पश्चिम मिसूरी में चल रहे करोड़ों डॉलर के एक बेहद हाई-टेक और खूंखार अवैध जुआ और सट्टेबाजी नेटवर्क का ऐसा पर्दाफाश हुआ है जिसने अमेरिकी जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। जॉर्जिया में ठाठ से रह रहे 40 वर्षीय भारतीय मूल के इस शख्स ने जब मिसूरी के स्प्रिंगफील्ड की संघीय अदालत में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के सामने अपने गुनाह कबूले, तो अदालत में सन्नाटा पसर गया। तुषार पटेल ने खुद स्वीकार किया कि वह उस खूंखार और शातिर सिंडिकेट का सबसे बड़ा मोहरा था, जिसने अवैध सट्टेबाजी के जरिए रातों-रात लगभग 95 लाख डॉलर यानी करीब 80 करोड़ रुपये की काली कमाई को अपनी जेबों में भरा था। अमेरिकी वकीलों और फेडरल अधिकारियों की टीम जब इस रैकेट की तह तक पहुंची, तो एक ऐसी खौफनाक और जासूसी थ्रिलर जैसी कहानी सामने आई जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी।कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए तुषार पटेल और उसके साथियों ने एक बेहद शातिर मास्टरप्लान तैयार किया था। उन्होंने मिसूरी के अलग-अलग कोनों में जुए के अड्डों का एक ऐसा मकड़जाल बुना जिसे बाहर से देखने पर कोई भी धोखा खा जाए। इन अवैध अड्डों को समाज और पुलिस की नजरों से छिपाने के लिए इंटरनेट मनोरंजन आर्केड, स्किल-गेम सेंटर और एडल्ट आर्केड जैसे चमचमाते और वैध व्यवसायों का रूप दिया गया था। बाहर बोर्ड कानूनी खेलों का लगा था, लेकिन इन बंद कमरों के भीतर अंधाधुंध जुए के हाई-टेक उपकरण, किस्मत आजमाने वाले अवैध खेल और लाखों की बाजी लगाने वाली स्लॉट-मशीनें चौबीसों घंटे गरज रही थीं, जो कि संघीय और मिसूरी राज्य के सख्त कानूनों की सरेआम धज्जियां उड़ा रही थीं। इतना ही नहीं, इस पूरे काले कारोबार को असली रूप देने के लिए स्थानीय अमेरिकी युवाओं को बकायदा नौकरी पर रखा गया था, ताकि किसी को भनक तक न लगे कि इस मनोरंजन केंद्र की आड़ में अमेरिका को अंदर ही अंदर खोखला करने वाला जुए का साम्राज्य चल रहा है।

लेकिन खेल सिर्फ जुआ खिलाने तक ही सीमित नहीं था, असली खेल तो उस काली कमाई को ठिकाने लगाने का था। अदालत में तुषार पटेल ने कबूला कि करोड़ों रुपये की इस अवैध कमाई को सफेद करने के लिए उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के ऐसे जटिल और चक्रव्यूह जैसे वित्तीय लेन-देन किए, जिसे ट्रैक करना नामुमकिन लग रहा था। इस पूरे खेल का अंत तब शुरू हुआ जब अमेरिकी फेडरल जांचकर्ताओं ने एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया और मई 2025 में एक ग्रैंड जूरी के सामने तुषार पटेल सहित नौ लोगों के खिलाफ 72 मामलों की एक बेहद भारी-भरकम चार्जशीट पेश कर दी। जांच की रिपोर्ट बताती है कि यह खौफनाक साजिश जुलाई 2022 से लेकर मई 2025 तक लगातार तीन सालों तक बिना किसी डर के अंजाम दी जा रही थी। अब जब तुषार पटेल ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की साजिश रचने, अवैध जुआ व्यवसाय चलाने और मनी लॉन्ड्रिंग के संगीन आरोपों को अदालत में स्वीकार कर लिया है, तो प्रोसिक्यूटर्स इसे अपनी सबसे बड़ी कामयाबी मान रहे हैं, जबकि बाकी सह-आरोपियों की सांसें अब अटक चुकी हैं। अमेरिकी संघीय कानून के मुताबिक, गुनाह कबूल करने के बाद अब तुषार पटेल का जेल की सलाखों के पीछे सड़ना पूरी तरह तय माना जा रहा है। उसे ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए अधिकतम 20 साल, अवैध जुए के लिए 5 साल और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए और 20 साल की ऐसी कठोर सजा हो सकती है जो उसकी बची हुई जिंदगी को हमेशा के लिए अंधेरी कोठरी में तब्दील कर देगी। करोड़पति बनने के लालच में अमेरिकी धरती पर कानून को चुनौती देने वाले इस भारतीय मूल के शख्स का साम्राज्य अब पूरी तरह जमींदोज हो चुका है।
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