
लखनऊ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ के कुकरेल वनक्षेत्र में वृक्षारोपण कर प्रदेशव्यापी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि आज दुनिया जिस पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है, वह किसी प्राकृतिक कारण से नहीं बल्कि मानव की गलत गतिविधियों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संकट एक मानव निर्मित आपदा है और इसका समाधान भी मानव समाज को ही खोजना होगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ लगातार हो रहे खिलवाड़ का असर अब पूरी दुनिया महसूस कर रही है। मौसम चक्र में असामान्य बदलाव, बेमौसम बारिश, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, भीषण गर्मी और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं इसी संकट के संकेत हैं।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल एक दिन वृक्षारोपण तक सीमित न रहें, बल्कि पौधों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभाएं।मुख्यमंत्री ने कहा कि “हर व्यक्ति को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से खुद को दूर रखना होगा और प्रकृति के संरक्षण के लिए आगे आना होगा। जब तक समाज का हर वर्ग इस अभियान से नहीं जुड़ेगा, तब तक पर्यावरणीय संकट का स्थायी समाधान संभव नहीं है।”
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस पर पूरे उत्तर प्रदेश में पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत वन विभाग, विभिन्न सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संगठनों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ वृक्षारोपण करना नहीं बल्कि हर लगाए गए पौधे को पेड़ बनने तक संरक्षित करना है।’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह मां जीवन देती है, उसी तरह पेड़ भी मानव जीवन को बचाने का आधार हैं। इसलिए हर व्यक्ति अपनी मां के सम्मान और प्रकृति के संरक्षण के लिए कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी देखभाल का संकल्प ले।कार्यक्रम के दौरान कुकरेल वनक्षेत्र में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठन और स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने पौधा लगाकर लोगों को संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से न केवल हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी, बल्कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने, भूजल स्तर सुधारने और जैव विविधता के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में लगातार वृक्षारोपण अभियानों को जनभागीदारी से जोड़ा जा रहा है।विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश साफ था कि पर्यावरण बचाना केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। यदि आज हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य दे सकेंगे। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान इसी सोच को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है।
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