प्यार, बेवफाई और मौत! पत्नी ने प्रेमी संग रची ऐसी साजिश, सांप बना कातिल

Editorial
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मेरठ उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से सामने आया एक हत्याकांड पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाला है। पहली नजर में यह मामला सांप के काटने से हुई सामान्य मौत का लग रहा था, लेकिन पुलिस की गहन जांच ने ऐसी साजिश का खुलासा किया जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। पुलिस के अनुसार, हस्तिनापुर निवासी 32 वर्षीय स्कूल संचालक अतुल कुमार पंवार की हत्या उनकी पत्नी दामिनी ने अपने कथित प्रेमी तुषार और दो सपेरों के साथ मिलकर की। आरोप है कि पहले अतुल को दूध में नींद की गोलियां दी गईं और फिर सोते समय जहरीले सांप से डसवाकर उनकी हत्या कर दी गई, ताकि पूरा मामला प्राकृतिक मौत जैसा दिखाई दे।पुलिस ने इस मामले में दामिनी, उसके कथित प्रेमी तुषार तथा दो सपेरे सोनू और उदय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आए मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और सांप की तस्वीरों ने पूरे कथित षड्यंत्र की परतें खोल दीं।

कॉस्मेटिक की दुकान से शुरू हुई थी प्रेम कहानी

पुलिस के अनुसार, करीब आठ वर्ष पहले वर्ष 2018 में हस्तिनापुर की एक कॉस्मेटिक दुकान पर अतुल और दामिनी की मुलाकात हुई थी। यह मुलाकात धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। लगभग एक वर्ष तक दोनों ने एक-दूसरे को जाना और बाद में परिवार की सहमति से शादी कर ली।शादी के बाद दोनों का जीवन सामान्य रूप से चल रहा था। परिवार बढ़ा और एक बेटा भी हुआ। करीब तीन महीने पहले दोनों ने मिलकर ‘कृष्णा किड्स प्ले स्कूल’ शुरू किया। परिवार को उम्मीद थी कि यह नया व्यवसाय उनकी जिंदगी को नई दिशा देगा, लेकिन इसी स्कूल से इस कहानी ने खौफनाक मोड़ ले लिया।

स्कूल में आया ड्राइवर, फिर बदल गई कहानी

पुलिस जांच के अनुसार, स्कूल शुरू होने के बाद तुषार नाम का युवक वहां बस चालक के रूप में काम करने लगा। इसी दौरान दामिनी और तुषार के बीच कथित रूप से नजदीकियां बढ़ीं। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।जांच में यह भी सामने आया कि अतुल के नाम पर लगभग 20 लाख रुपये का बीमा था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की योजना थी कि अतुल की मौत के बाद बीमा की रकम प्राप्त कर वे नई जिंदगी शुरू करें।

सांप को बनाया हत्या का हथियार

पुलिस के मुताबिक, हत्या को दुर्घटना दिखाने के लिए आरोपियों ने बेहद असामान्य तरीका चुना। उन्होंने हस्तिनापुर क्षेत्र के दो सपेरों सोनू और उदय कुमार से संपर्क किया।आरोप है कि सपेरों को हत्या के बदले पांच लाख रुपये देने का वादा किया गया, जबकि 15 हजार रुपये एडवांस भी दिए गए। योजना यह थी कि अतुल की मौत सांप के काटने से हुई प्रतीत हो, ताकि किसी को हत्या का संदेह न हो।जांच में यह भी सामने आया कि इससे पहले भी अतुल को नुकसान पहुंचाने के कथित प्रयास किए गए थे, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।

दूध में नींद की गोलियां, फिर सांप से डसवाया

पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात अतुल को पहले दूध में नींद की गोलियां मिलाकर दी गईं। जब वह गहरी नींद में चले गए, तब जहरीले सांप से उन्हें डसवाया गया।अगली सुबह अतुल अचेत मिले। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।शुरुआत में मामला सांप के काटने से हुई मौत जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन परिवार को घटना पर संदेह था।

पत्नी ने सुनाई अलग कहानी

पुलिस के अनुसार, दामिनी ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि गर्मी अधिक होने के कारण वह अपने बेटे के साथ कमरे के बाहर सो रही थी, जबकि अतुल अंदर कमरे में सो रहे थे।उसने दावा किया कि सुबह जब वह चाय लेकर कमरे में गई तो अतुल अचेत पड़े मिले। शोर मचाने पर पड़ोसी पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।पुलिस का कहना है कि इस बयान के साथ दामिनी ने पोस्टमार्टम न कराने की भी बात कही, लेकिन मृतक के पिता ने पोस्टमार्टम कराने की मांग की। यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।

मोबाइल फोन बना सबसे बड़ा सबूत

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान दामिनी के मोबाइल की पड़ताल की गई, जिसमें कथित रूप से तुषार के साथ लगातार बातचीत और संपर्क के साक्ष्य मिले।इसके बाद पुलिस ने तुषार को हिरासत में लेकर उसका मोबाइल जांचा। पुलिस के अनुसार, उसके व्हाट्सएप में सपेरों के साथ चैट और सांप की तस्वीर मिली। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूछताछ तेज की।पुलिस का दावा है कि सख्त पूछताछ के दौरान दामिनी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पूरे कथित षड्यंत्र का खुलासा हुआ।

चार आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने बताया कि मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य सबूतों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कथित रूप से हत्या को प्राकृतिक मौत दिखाने की योजना बनाई थी, लेकिन वैज्ञानिक जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

मासूम बेटे पर टूटा दुखों का पहाड़

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दुखद पहलू अतुल और दामिनी का छोटा बेटा है। पुलिस के अनुसार, फिलहाल बच्चे की देखभाल उसके दादा कर रहे हैं। एक ही घटना में उसने अपने पिता को खो दिया और उसकी मां जेल पहुंच गई।

डिजिटल सबूतों ने बदल दी जांच की दिशा

यह मामला इस बात का उदाहरण भी बन गया कि आधुनिक जांच में मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट और डिजिटल डेटा कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि पुलिस केवल प्रारंभिक परिस्थितियों को देखकर इसे सामान्य सांप के काटने का मामला मान लेती, तो सच्चाई शायद कभी सामने नहीं आ पाती।फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। सभी आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेंगे और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही उनकी कानूनी जिम्मेदारी तय होगी।

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