संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का राजनीतिक तापमान उस समय अचानक बढ़ गया, जब समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों और विपक्षी नेताओं ने संसद भवन परिसर के बाहर “NEET है या CHEAT?” के गगनभेदी नारे लगाए। संसद परिसर के बाहर कुछ देर तक जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ, जहां विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए छात्रों के साथ न्याय करने की मांग की।विपक्ष का आरोप है कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।
इसी मुद्दे को लेकर सपा सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान संसद भवन परिसर में “NEET है या CHEAT?”, “छात्रों को न्याय दो”, “शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ” और “युवाओं के साथ अन्याय बंद करो” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे। विपक्षी सांसदों ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का सवाल है।समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि जब देशभर से छात्र परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की शिकायत कर रहे हैं, तब सरकार को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए। उनका कहना था कि सरकार को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यदि कहीं लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
सपा सांसदों ने यह भी कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और यहां छात्रों के मुद्दे पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उनका आरोप था कि सरकार इस विषय पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है, जबकि देश का युवा जवाब चाहता है।प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि लाखों छात्रों ने वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा दी है। यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं, तो सबसे अधिक नुकसान उन मेहनती छात्रों का होता है जिन्होंने ईमानदारी से तैयारी की है। इसलिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
संसद भवन के बाहर प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहा। सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी होने के कारण पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित दायरे में ही रहने की अपील की। संसद परिसर और आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात रहे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैल सके।विपक्ष ने सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, पेपर लीक और कथित अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई हो तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार की जाए।इस पूरे घटनाक्रम के बीच संसद के भीतर भी शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य का मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहा। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांगता रहा, जबकि सरकार ने अपने पक्ष में कहा कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और अनियमितताओं पर कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET परीक्षा को लेकर उठे विवाद ने शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर बहस और तेज होने की संभावना है।फिलहाल संसद परिसर में गूंजा “NEET है या CHEAT?” का नारा केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के भविष्य को लेकर चल रही व्यापक बहस का प्रतीक बन गया है।
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

