सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं का त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को सिद्धार्थनगर जनपद के थाना लोटन में सम्पूर्ण समाधान दिवस (थाना दिवस) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन स्वयं मौके पर पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुनीं। दोनों अधिकारियों ने एक-एक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।सम्पूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंचे। किसी ने भूमि विवाद की शिकायत की तो किसी ने पुलिस कार्रवाई, सरकारी योजनाओं, राजस्व अभिलेखों और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी फरियादियों की बातें धैर्यपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत को औपचारिकता बनाकर निपटाया न जाए, बल्कि मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच के बाद उसका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जनता की शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें लेना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी और समयबद्ध समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रार्थना-पत्र का गंभीरता से परीक्षण किया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका निस्तारण किया जाए। यदि किसी मामले में कई विभागों का समन्वय आवश्यक हो, तो संबंधित अधिकारी आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।उन्होंने यह भी कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतकर्ता को उसके प्रकरण की प्रगति की जानकारी भी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए।

SSP ने पुलिस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने थाना स्तर पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।उन्होंने कहा कि थाना दिवस का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। यदि किसी व्यक्ति की शिकायत उचित है तो उसका त्वरित समाधान होना चाहिए। पुलिस कर्मियों को संवेदनशील व्यवहार अपनाने और प्रत्येक फरियादी के साथ सम्मानजनक तरीके से पेश आने के निर्देश भी दिए गए।
भूमि विवाद और राजस्व मामलों पर विशेष ध्यान
सम्पूर्ण समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, सीमांकन, कब्जा, नामांतरण और राजस्व अभिलेखों से संबंधित सामने आईं। इन मामलों में जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जांच करें और विवादों का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि भूमि विवाद कई बार कानून-व्यवस्था की समस्या का कारण बन जाते हैं। इसलिए ऐसे मामलों का समय रहते समाधान करना बेहद आवश्यक है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और प्रत्येक मामले की नियमित समीक्षा की जाए।

मौके पर मौजूद रहे पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान थाना लोटन के थानाध्यक्ष सहित पुलिस विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संबंधित शिकायतों को तत्काल दर्ज किया और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव था, उनमें तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि अन्य मामलों में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए संबंधित अधिकारियों को समय सीमा निर्धारित की गई।
सरकार की प्राथमिकता है जवाबदेह प्रशासन
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार सम्पूर्ण समाधान दिवस के माध्यम से प्रशासन को जनता के बीच ले जाने का प्रयास कर रही है। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान जिला और थाना स्तर पर ही सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से उच्च कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।इसी क्रम में सिद्धार्थनगर के थाना लोटन में आयोजित समाधान दिवस प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्यप्रणाली का उदाहरण बना, जहां दोनों शीर्ष अधिकारियों ने स्वयं उपस्थित होकर लोगों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
जनता ने की पहल की सराहना
सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे कई लोगों ने अधिकारियों द्वारा सीधे शिकायत सुनने की व्यवस्था की सराहना की। फरियादियों का कहना था कि जब जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर बैठकर शिकायतें सुनते हैं तो लोगों में न्याय मिलने की उम्मीद और भरोसा बढ़ता है।स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण होगा तथा भविष्य में भी इसी तरह जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद कायम रहेगा।
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