आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग:2.0 लॉन्च, JEE तैयारी को मिलेगा नया सिस्टम

Editorial
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लखनऊ इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड (AESL) ने ‘आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’ लॉन्च करने की घोषणा की है। कंपनी के मुताबिक, यह एक नया परफॉर्मेंस आधारित एकेडमिक सिस्टम है, जिसे JEE Main, JEE Advanced, BITSAT और विभिन्न राज्यों की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है।इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 का उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि क्लासरूम लर्निंग, स्टडी मटेरियल, टेस्टिंग, परफॉर्मेंस एनालिसिस और लगातार मेंटरशिप को एक साथ जोड़कर तैयारी का व्यवस्थित ढांचा तैयार करना है। कंपनी का दावा है कि नए सिस्टम के जरिए विद्यार्थियों को अपनी तैयारी की स्थिति समझने और सुधार के क्षेत्रों पर लगातार काम करने में मदद मिलेगी।

छह प्रमुख स्तंभों पर तैयार किया गया सिस्टम

आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 को छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित 360-डिग्री तैयारी के अनुभव के रूप में पेश किया गया है। कंपनी के मुताबिक, इसका पूरा अकादमिक सिस्टम विद्यार्थियों की जरूरत और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के बदलते पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।पहला स्तंभ परिणाम-केंद्रित अकादमिक दृष्टिकोण है। इसके तहत क्लास, प्रैक्टिस सेशन और रिवीजन को इस तरह व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है कि विद्यार्थी JEE Advanced, JEE Main, BITSAT और विभिन्न राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन की दिशा में लगातार आगे बढ़ सकें।दूसरा महत्वपूर्ण स्तंभ अनुभवी फैकल्टी टीम है। कंपनी के अनुसार, इनविक्टस की अकादमिक टीम ने पाठ्यक्रम, स्टडी मटेरियल और टेस्टिंग सिस्टम को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। आकाश का कहना है कि इस टीम के पास JEE की तैयारी कराने और विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम तक पहुंचाने का लंबा अनुभव है।

आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग
आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग

शोध आधारित स्टडी मटेरियल पर जोर

इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 में स्टडी मटेरियल को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। कंपनी के मुताबिक, किताबों और अध्ययन सामग्री को लर्निंग साइंस तथा परीक्षा पैटर्न से जुड़े शोध के आधार पर नए सिरे से तैयार किया गया है।इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बुनियादी अवधारणाओं से लेकर कठिन स्तर के सवालों तक चरणबद्ध तरीके से ले जाना है। यानी विद्यार्थी पहले कॉन्सेप्ट को मजबूत करें और उसके बाद धीरे-धीरे उच्च स्तर के प्रश्नों का अभ्यास करें।कंपनी के अनुसार, इस तरीके से विद्यार्थियों को अपनी तैयारी के दौरान कॉन्सेप्ट की समझ, प्रश्न हल करने की क्षमता और परीक्षा के स्तर के अनुरूप अभ्यास विकसित करने में मदद मिल सकती है।

स्मार्ट टेस्टिंग से तैयारी का विश्लेषण

इनविक्टस 2.0 का एक और प्रमुख हिस्सा स्मार्ट टेस्टिंग और परफॉर्मेंस एनालिसिस है। आकाश के मुताबिक, टेस्ट की आवृत्ति, कठिनाई स्तर और गहराई को नए तरीके से डिजाइन किया गया है।हर टेस्ट के बाद विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि उनकी तैयारी में कौन से हिस्से मजबूत हैं और किन विषयों या टॉपिक्स पर अधिक मेहनत की जरूरत है। इस तरह टेस्ट सिर्फ नंबर या रैंक जानने का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि तैयारी में सुधार के लिए एक फीडबैक सिस्टम के तौर पर काम करेगा।

विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए ट्रांसपेरेंट ग्रोथ मैप

कंपनी ने ट्रांसपेरेंट ग्रोथ मैप को भी इस सिस्टम का हिस्सा बनाया है। इसके जरिए विद्यार्थियों और अभिभावकों को विद्यार्थी की मौजूदा स्थिति और आगे के लक्ष्य के बीच का अंतर समझने में मदद मिलेगी।तैयारी के दौरान लगातार प्रगति को ट्रैक करने से विद्यार्थियों को अपनी कमियों पर काम करने और अपनी रणनीति में जरूरी बदलाव करने का अवसर मिलेगा।

क्लासरूम के बाहर भी जारी रहेगी मेंटरशिप

इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 में क्लासरूम के बाहर मिलने वाली सहायता को भी प्रमुखता दी गई है। इसमें JoSAA काउंसलिंग गाइडेंस, डाउट सपोर्ट और लगातार मेंटरशिप जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है।कंपनी का कहना है कि विद्यार्थियों को केवल क्लास के घंटों तक सीमित सहायता देने के बजाय उनकी तैयारी के अलग-अलग चरणों में मार्गदर्शन देने की कोशिश की जाएगी, ताकि उन्हें JEE और अन्य इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में बेहतर दिशा मिल सके।

चार विशेष बैच भी किए गए पेश

राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च के साथ आकाश ने इनविक्टस के तहत चार बैच पेश किए हैं। इनमें ACE, Achiever, Accelerator और Apex शामिल हैं।कंपनी के मुताबिक, इन बैचों को विद्यार्थियों की सीखने की जरूरत, क्षमता और उनकी आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। हालांकि सभी बैचों का व्यापक उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के अनुसार बेहतर तैयारी का अवसर देना है।

चंद्र शेखर रेड्डी गरिसा ने बताई लॉन्च की रणनीति

लॉन्च के अवसर पर आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर चंद्र शेखर रेड्डी गरिसा ने कहा कि इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 को कंपनी के अनुभवी शिक्षकों ने तैयार किया है। उनके अनुसार, अकादमिक टीम ने पाठ्यक्रम, किताबों और टेस्टिंग मैकेनिज्म को नए सिरे से डिजाइन किया है।कंपनी के मुताबिक, इस कार्यक्रम को पहले कुछ चुनिंदा केंद्रों पर संचालित किया गया था और वहां मिले अनुभवों के आधार पर अब इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। कंपनी ने JEE 2026 के परिणामों को भी इस पहल के अनुभव का हिस्सा बताया है।गरिसा ने उम्मीद जताई कि नया सिस्टम विद्यार्थियों को JEE Advanced, JEE Main, BITSAT और राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए मदद करेगा। उन्होंने JEE 2027 और 2028 के परिणामों को लेकर भी उम्मीद जताई है।

देशभर की आकाश ब्रांच में होगा रोलआउट

आकाश के अनुसार, इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 का रोलआउट देशभर की आकाश ब्रांच में किया जाएगा। इसकी शुरुआत मौजूदा विद्यार्थियों से होगी और इसके बाद नए जुड़ने वाले विद्यार्थियों को भी इस सिस्टम में शामिल किया जाएगा।कंपनी की ओर से बताया गया है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए ओरिएंटेशन सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 की कार्यप्रणाली, अकादमिक सिस्टम और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 के जरिए कंपनी ने JEE तैयारी को एक ऐसे एकीकृत अकादमिक सिस्टम में बदलने की कोशिश की है, जिसमें पढ़ाई, टेस्टिंग, विश्लेषण और मेंटरशिप को एक साथ जोड़ा गया है। अब इसका वास्तविक प्रभाव विद्यार्थियों के प्रदर्शन और आने वाले इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के परिणामों में कितना दिखाई देता है, यह आने वाले समय में सामने आएगा।

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