नई दिल्ली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक बयान चर्चा में है। 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन के दौरान दीपके ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए कहा कि यदि दोबारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया तो इस बार उनके इस्तीफे की मांग की जाएगी। उनका यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।

‘बच्चों पर लाठी चलाने का आदेश मत देना’
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने अपने संबोधन में अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि इस बार बच्चों पर लाठी चलाने का आदेश नहीं दिया जाना चाहिए। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने 20 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पहले हुई कार्रवाई को वह एक गलती मानते हैं और अगर दोबारा ऐसी स्थिति बनी तो इस बार गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की जाएगी।दीपके का यह बयान उनके राजनीतिक विरोध और सरकार के खिलाफ उनकी लगातार उठाई जा रही मांगों के संदर्भ में आया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग को लेकर केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
20 जुलाई की कार्रवाई का भी किया जिक्र
अभिजीत दीपके ने अपने बयान में 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र किया। जुलाई में उन्होंने आरोप लगाया था कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से आया होगा और इसी आधार पर उन्होंने गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। हालांकि, यह दीपके का आरोप है और उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं है जिससे इस दावे की पुष्टि होती हो।उस समय दीपके ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग भी की थी। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए और संबंधित मामलों में कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP की ओर से आयोजित प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग था। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन में करीब 4,000 लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। इस दौरान दीपके समेत कई लोगों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं।CJP की ओर से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को प्रदर्शनकारियों के राजनीतिक दावे के रूप में देखना जरूरी है। किसी भी आरोप की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच या आधिकारिक प्रमाण आवश्यक होंगे।
दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन का भी मुद्दा
मुंबई के प्रदर्शन के दौरान दीपके ने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन किए जाने की बात कही और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को चेतावनी दी। इससे पहले भी CJP से जुड़े प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की खबरें सामने आती रही हैं।दीपके ने अपने संबोधन में सरकार से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करने की अपील की। उनका कहना था कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का माध्यम है और इस दौरान बल प्रयोग के बजाय संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
पहले भी अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं दीपके
अभिजीत दीपके इससे पहले भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। जुलाई 2026 में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर उन्होंने अमित शाह पर आरोप लगाए थे। उस समय उन्होंने दावा किया था कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश गृह मंत्री की ओर से आया होगा। इसी आधार पर उन्होंने उनके इस्तीफे की मांग की थी। गृह मंत्री की ओर से कार्रवाई का आदेश दिए जाने संबंधी दीपके के दावे को स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। इस संबंध में उपलब्ध रिपोर्टें मुख्य रूप से दीपके के बयान और आरोपों को दर्ज करती हैं।
बयान के बाद फिर गरमाया राजनीतिक माहौल
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच दीपके का अमित शाह को दिया गया यह संदेश चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर CJP और उससे जुड़े प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार और संबंधित संस्थाओं की ओर से इन राजनीतिक आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।फिलहाल अभिजीत दीपके के बयान का केंद्र 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई और भविष्य में होने वाले प्रदर्शनों के दौरान बल प्रयोग का मुद्दा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों पर दोबारा लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई हुई तो वह अमित शाह के इस्तीफे की मांग करेंगे।अब इस पूरे मामले में आगे होने वाले प्रदर्शनों और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी। वहीं, 20 जुलाई की कार्रवाई को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति आधिकारिक जांच या उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकती है।
Read on:http://मुरादाबाद के भोजपुर में ई-कचरा जलाने का आरोप, धुएं से बढ़ी चिंता
Advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

