नई दिल्ली: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया। एयर इंडिया के एयरबस A350 विमान के इंजन से बड़ा लोहे का कंटेनर टकरा गया। इस घटना में इंजन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन किसी यात्री या अन्य विमान को नुकसान नहीं हुआ। अधिकारियों ने कहा कि इंजन की मरम्मत का काम तुरंत शुरू कर दिया गया है।
इस घटना ने दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा और ग्राउंड हैंडलिंग प्रक्रियाओं पर ध्यान आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंटेनर के इंजन में घुसने से बड़ा हादसा टल गया, और यह केवल तकनीकी सावधानी और कुशल क्रू संचालन की वजह से संभव हुआ।
एयर इंडिया की फ्लाइट को तकनीकी खराबी के कारण लौटना पड़ा
फ्लाइट AI 2380 की स्थिति
दिल्ली से सिंगापुर जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI 2380 को उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी के संदेह के कारण वापस दिल्ली लौटना पड़ा। विमान के क्रू ने सावधानीपूर्वक निर्णय लिया और विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली हवाई अड्डे पर उतारा।
यात्रियों की सुरक्षा और राहत
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली में मौजूद ग्राउंड टीम ने सभी यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान की। बाद में, यात्रियों को दूसरे वैकल्पिक विमान के माध्यम से सिंगापुर के लिए रवाना किया गया। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई और सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुँचाया गया।
एयर इंडिया के इंजन सुरक्षा और मरम्मत का हाल
एयर इंडिया का A350 विमान भारत की सबसे आधुनिक और लंबी दूरी की उड़ानों में इस्तेमाल होने वाली फ्लाइट है। इंजन के अंदर कंटेनर घुसने के कारण इसे गंभीर क्षति पहुंची। अधिकारियों के अनुसार, इंजन की जांच और मरम्मत का काम शुरू हो चुका है और इसे जल्द ही उड़ानों के लिए सुरक्षित घोषित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से विमानन सुरक्षा प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता उजागर होती है। एयरपोर्ट प्राधिकरण ने भी ग्राउंड सुरक्षा और कंटेनर हैंडलिंग नियमों की समीक्षा शुरू कर दी है।
सुरक्षा मानकों की समीक्षा
IGI एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कहा कि यह घटना कंटेनर हैंडलिंग और विमान इंजन के पास सुरक्षा मानकों की समीक्षा का एक संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार, एयरपोर्ट पर हर घंटे में हजारों कंटेनरों का संचालन होता है और किसी भी चूक से बड़ा हादसा हो सकता है।
भविष्य में सुधार की दिशा
एयर इंडिया और एयरपोर्ट प्राधिकरण ने दोनों मिलकर तकनीकी सुरक्षा और कंटेनर हैंडलिंग प्रक्रियाओं में सुधार करने की योजना बनाई है। इसमें ग्राउंड स्टाफ की ट्रेनिंग, कंटेनर की सुरक्षा, और इंजन के पास संचालन मानकों को कड़ा करना शामिल है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर यह घटना एक चेतावनी है कि तकनीकी सावधानी और सुरक्षा नियमों का पालन विमानन उद्योग में अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्रू की सतर्कता और त्वरित निर्णय ने बड़ा हादसा टलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यात्रियों के सुरक्षित बचाव और विमान की मरम्मत की प्रक्रिया ने यह स्पष्ट किया कि एयर इंडिया और IGI एयरपोर्ट सुरक्षा और यात्री सुविधा के मामले में गंभीर हैं।

