राजस्थान केमिकल फैक्टरी आग: 7 की मौत, कई फंसे

Digital Desk
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राजस्थान के एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित केमिकल फैक्टरी में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में कम से कम सात मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी यूनिट धुएं और लपटों से घिर गई। स्थानीय प्रशासन, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फैक्टरी में काम कर रहे मजदूर अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागते नजर आए। गंभीर रूप से झुलसे कुछ घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है और परिजनों को सूचना दी जा रही है।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण केमिकल रिएक्शन या बिजली के शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। फैक्टरी में ज्वलनशील रसायनों का भंडारण था, जिससे आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले एक जोरदार धमाके की आवाज आई और उसके बाद अचानक आग फैल गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि केमिकल फैक्टरी में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन न होने पर ऐसे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने फैक्टरी के सुरक्षा इंतजाम, अग्निशमन उपकरण और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हादसे के बाद फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्टरी में पर्याप्त फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं थे। कुछ मजदूरों ने बताया कि आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) भी पर्याप्त नहीं थे, जिससे कई लोग समय पर बाहर नहीं निकल सके।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है तो फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राहत और बचाव कार्य जारी, मलबे में तलाश

आग की सूचना मिलते ही कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, फैक्टरी के कुछ हिस्सों में अभी भी धुआं निकल रहा है और कूलिंग का काम जारी है। एनडीआरएफ और स्थानीय बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, फैक्टरी के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली करा लिया है ताकि किसी अन्य दुर्घटना से बचा जा सके।

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घायलों का इलाज और प्रशासन की कार्रवाई

हादसे में झुलसे मजदूरों को जिला अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। राज्य सरकार ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की जा सकती है। पुलिस ने फैक्टरी प्रबंधन से पूछताछ शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं।

औद्योगिक सुरक्षा पर फिर खड़े हुए सवाल

राजस्थान में औद्योगिक क्षेत्रों में आग और हादसों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों और नियमित निरीक्षण की जरूरत को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि केमिकल फैक्ट्रियों में सुरक्षा ऑडिट, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

उत्तर प्रदेश समेत देश के अन्य राज्यों के लिए भी यह हादसा एक चेतावनी है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

स्थानीय लोगों में दहशत, प्रशासन अलर्ट

हादसे के बाद आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। आग से उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर कैंप कर रहे हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन बचाव अभियान पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही स्थिति सामान्य मानी जाएगी।

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