रायबरेली में अखिलेश यादव का बड़ा बयान, CEC के इस्तीफे की मांग

Editorial
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रायबरेली समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रायबरेली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से जुड़े हालिया विवाद और आयोग के भीतर कथित मतभेदों का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। अखिलेश यादव ने कहा कि जब इतने गंभीर आरोप सामने आए हैं तो मुख्य चुनाव आयुक्त को खुद इस्तीफा देकर पद से हट जाना चाहिए।अखिलेश यादव का यह बयान 24 सितंबर 2026 को रायबरेली में उनके PDA रथ यात्रा कार्यक्रम के दौरान सामने आया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जब इतना बड़ा आरोप लगा है तो चीफ इलेक्शन कमिश्नर को अपने आप इस्तीफा देकर चले जाना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा “मुंह नुचवा तो हम लोगों ने सुना था, चुनाव नुचवा भी देख लिया।”

निर्वाचन आयोग को लेकर क्या बोले अखिलेश यादव?

अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग के भीतर सामने आए कथित मतभेदों को लेकर सवाल खड़े किए। इससे पहले रिपोर्टों में दावा किया गया था कि निर्वाचन आयोग के दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर कई बार आपत्ति दर्ज की थी। इस रिपोर्ट के संदर्भ में अखिलेश यादव ने आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए।अखिलेश यादव ने आयोग के भीतर कथित मतभेदों का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में भविष्य के चुनाव नहीं कराए जाने चाहिए। हालांकि, आयोग से जुड़े आरोपों और उनके राजनीतिक निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में आयोग के भीतर आपत्तियों का जिक्र है, जबकि अखिलेश यादव ने इन्हीं घटनाक्रमों को लेकर अपनी राजनीतिक आपत्तियां और मांगें रखी हैं।

रायबरेली में अखिलेश यादव का बड़ा बयान
रायबरेली में अखिलेश यादव का बड़ा बयान

‘चीफ इलेक्शन कमिश्नर को इस्तीफा देना चाहिए’

रायबरेली में अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया को लेकर इतने गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि विपक्ष और लोकतंत्र को मजबूत करने की बात करने वाले लोग मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में CEC को खुद पद छोड़ देना चाहिए। यह बयान उन्होंने रायबरेली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।अखिलेश यादव के बयान में चुनावी प्रक्रिया को लेकर उनकी आपत्तियां भी सामने आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में गड़बड़ियों की शिकायतें की गई थीं। इन आरोपों का उल्लेख अन्य रिपोर्टों में भी उनके बयानों के संदर्भ में किया गया है।

‘चुनाव नुचवा’ वाले बयान से खींचा ध्यान

रायबरेली में अखिलेश यादव के बयान का सबसे चर्चित हिस्सा उनका ‘चुनाव नुचवा’ वाला तंज रहा। उन्होंने कहा, “मुंह नुचवा तो हम लोगों ने सुना था, अब चुनाव नुचवा भी देख लिया।” उनके इस बयान को निर्वाचन आयोग पर उनकी तीखी राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।अखिलेश यादव ने इसी दौरान ‘एक देश, एक मत’ का भी उल्लेख किया और निर्वाचन आयोग से जुड़े अपने सवालों को सामने रखा। उनके बयान का केंद्र चुनावी प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की भूमिका और आयोग के भीतर सामने आए कथित मतभेद रहे।

क्या है निर्वाचन आयोग से जुड़ा विवाद?

हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, निर्वाचन आयोग के तीन सदस्यों में से दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ निर्णयों पर कई बार आपत्ति दर्ज की थी। यह जानकारी एक रिपोर्ट के आधार पर सामने आई, जिसके बाद विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी नेताओं की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग सामने आई है। हिंदुस्तान टाइम्स ने भी रिपोर्ट किया कि विपक्षी दलों ने CEC के खिलाफ कार्रवाई और इस्तीफे की मांग उठाई है।किसी भी आरोप और राजनीतिक दावे को अंतिम तथ्य मानने से पहले संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध स्पष्टीकरण को देखना महत्वपूर्ण है। अखिलेश यादव ने रायबरेली में जो बातें कहीं, वे उनके राजनीतिक आरोप और मांगें हैं।

PDA रथ यात्रा के दौरान बयान

अखिलेश यादव इन दिनों उत्तर प्रदेश में PDA रथ यात्रा से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय हैं। रायबरेली में भी उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसी दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और निर्वाचन आयोग के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी।उनके बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल शामिल रहे। आने वाले समय में निर्वाचन आयोग की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।

अखिलेश यादव के बयान के प्रमुख बिंदु

  • रायबरेली में अखिलेश यादव ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
  • उन्होंने निर्वाचन आयोग से जुड़े हालिया विवाद का हवाला दिया।
  • आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर उन्होंने सवाल उठाए।
  • उन्होंने कहा कि गंभीर आरोपों के बाद CEC को खुद इस्तीफा देना चाहिए।
  • ‘मुंह नुचवा’ और ‘चुनाव नुचवा’ वाली टिप्पणी भी की।
  • उनका बयान 24 सितंबर 2026 को रायबरेली में सामने आया।

रायबरेली में अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर CEC के इस्तीफे की मांग रखी है। अब इस मामले में निर्वाचन आयोग की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

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