सिद्धार्थनगर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: ग्राम पिपरा रामलाल में अवैध अतिक्रमण हटाया, खेल के मैदान समेत ग्राम समाज की जमीन मुक्त

Editorial
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सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पिपरा रामलाल में प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जे को हटाया और ग्राम सभा की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया। इस कार्रवाई के दौरान खेल के मैदान और ग्राम समाज की जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया।प्रशासन की कार्रवाई जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के न्यायालय द्वारा पारित आदेश और तहसीलदार (न्यायिक), डुमरियागंज के बेदखली आदेश के अनुपालन में की गई। कार्रवाई के दौरान ग्राम प्रधान/प्रशासक भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन के अनुसार पूरी कार्रवाई के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रही।

न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई

प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के न्यायालय ने 5 अगस्त 2026 को वाद संख्या 1057/2026 और 1058/2026 में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67(5) के तहत आदेश पारित किया था। इससे पहले तहसीलदार (न्यायिक), डुमरियागंज के न्यायालय ने 12 जून 2026 को बेदखली का आदेश पारित किया था।इन्हीं न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन में राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ग्राम पिपरा रामलाल पहुंची। यहां संबंधित भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई।गांव में प्रशासनिक टीम के पहुंचने के बाद संबंधित भूमि की स्थिति का जायजा लिया गया और न्यायालय के आदेश के अनुसार अतिक्रमण हटाकर सरकारी भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की कार्रवाई की गई।

खेल के मैदान की जमीन भी हुई अतिक्रमणमुक्त

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में गाटा संख्या 1028, जिसका रकबा 0.0630 हेक्टेयर है, को कब्जे से मुक्त कराया गया। प्रशासन के अनुसार यह भूमि खेल के मैदान के लिए दर्ज है।इसके अलावा गाटा संख्या 1029, जिसका रकबा 0.0140 हेक्टेयर है, को भी अतिक्रमणमुक्त कराया गया। यह भूमि ग्राम समाज की भूमि के रूप में दर्ज है।खेल के मैदान की जमीन पर अतिक्रमण हटाए जाने को स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। सरकारी और ग्राम सभा की जमीन पर अतिक्रमण होने से सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध भूमि प्रभावित होती है। ऐसे में न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन द्वारा भूमि को मुक्त कराया गया।

शिकायत के बाद शुरू हुई थी कानूनी प्रक्रिया

प्रशासन के अनुसार ग्राम सभा की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। क्षेत्रीय लेखपाल की ओर से 5 मई 2022 और 30 अगस्त 2022 को रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।इन रिपोर्टों के आधार पर तहसीलदार (न्यायिक), डुमरियागंज के न्यायालय में अवैध पक्के निर्माण से संबंधित बेदखली का वाद दाखिल किया गया। यह वाद सरकार बनाम अब्दुल सलाम पुत्र मोहम्मद इद्रीश के नाम से दर्ज किया गया था।मामले में न्यायालय ने दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने और साक्ष्य प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया। सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने मामले के गुण-दोष के आधार पर 12 जून 2026 को बेदखली का आदेश पारित किया।

आदेश के खिलाफ दाखिल की गई थी अपील

तहसीलदार (न्यायिक), डुमरियागंज के न्यायालय से बेदखली का आदेश जारी होने के बाद संबंधित पक्ष की ओर से इसके खिलाफ अपील दाखिल की गई। अब्दुल सलाम ने जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर के न्यायालय में अपील प्रस्तुत की।जिलाधिकारी के न्यायालय में भी मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया और संबंधित रिकॉर्ड एवं तथ्यों का परीक्षण किया गया।सुनवाई के बाद जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के न्यायालय ने 5 अगस्त 2026 को तहसीलदार (न्यायिक), डुमरियागंज के 12 जून 2026 के आदेश को यथावत रखा और बेदखली का आदेश पारित किया।इसके बाद न्यायालय के आदेश के अनुपालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

राजस्व और पुलिस टीम ने मिलकर हटाया कब्जा

न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने ग्राम पिपरा रामलाल में कार्रवाई की। टीम ने संबंधित गाटा संख्या की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया।कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि न्यायालय के आदेश का विधिवत अनुपालन हो। मौके पर ग्राम प्रधान/प्रशासक की मौजूदगी भी रही। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी के कारण पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।प्रशासन के अनुसार कार्रवाई के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती

ग्राम सभा और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। पिपरा रामलाल में हुई कार्रवाई भी इसी क्रम में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासकर खेल के मैदान की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना स्थानीय बच्चों और ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।प्रशासन की इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ कि न्यायालय द्वारा पारित बेदखली आदेश के बाद सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए संबंधित विभागों की संयुक्त टीम कार्रवाई कर सकती है।

वर्षों पुराने मामले का हुआ निस्तारण

पिपरा रामलाल में अतिक्रमण से जुड़ा मामला वर्ष 2022 में लेखपाल की रिपोर्ट से शुरू हुआ था। इसके बाद न्यायालय में वाद चला, दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया गया और जून 2026 में बेदखली का आदेश पारित हुआ। आदेश के खिलाफ अपील के बाद जिलाधिकारी न्यायालय में भी मामले की सुनवाई हुई और अगस्त 2026 में पूर्व आदेश को बरकरार रखा गया।इस तरह करीब चार वर्षों से चली आ रही प्रक्रिया के बाद अब प्रशासन ने मौके पर कार्रवाई करते हुए संबंधित भूमि को अतिक्रमणमुक्त करा दिया है।

ग्राम सभा की जमीन अब प्रशासन के कब्जे में

सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज क्षेत्र के ग्राम पिपरा रामलाल में हुई कार्रवाई के बाद गाटा संख्या 1028 की खेल के मैदान वाली भूमि और गाटा संख्या 1029 की ग्राम समाज की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा दिया गया है।प्रशासन ने न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन में कार्रवाई पूरी कर दी। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था सामान्य रहने से प्रशासन ने राहत की सांस ली। ग्राम सभा की सार्वजनिक उपयोग वाली भूमि के अतिक्रमणमुक्त होने से अब इन जमीनों के निर्धारित सार्वजनिक उपयोग का रास्ता भी साफ हुआ है।

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