बांदा में दबंगों का तांडव! IGRS जांच टीम को घेरकर मारपीट की कोशिश, पुलिस का बड़ा एक्शन

Editorial
7 Min Read

रिपोर्ट : राहुल वर्मा

बांदा उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। थाना अतर्रा क्षेत्र के बरहेंडा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब IGRS पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच करने पहुंची बिजली विभाग की टीम को कुछ दबंगों ने घेर लिया। आरोप है कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ न केवल अभद्रता की गई, बल्कि मारपीट करने का भी प्रयास किया गया। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सरकारी टीम को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, धमकी देने और अभद्रता करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

IGRS शिकायत की जांच बनी विवाद की वजह

जानकारी के मुताबिक, बरहेंडा गांव से बिजली विभाग से संबंधित एक शिकायत IGRS (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी। शासन के निर्देश पर बिजली विभाग की टीम शिकायत का सत्यापन और मौके पर जांच करने गांव पहुंची थी।टीम अभी शिकायत से जुड़े तथ्यों का निरीक्षण ही कर रही थी कि कुछ स्थानीय लोग वहां पहुंच गए। देखते ही देखते बहस शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि दबंगों ने सरकारी कर्मचारियों को चारों ओर से घेर लिया और ऊंची आवाज में धमकाने लगे।

सरकारी टीम से अभद्रता, मारपीट की कोशिश से मचा हड़कंप

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ लोगों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करने की कोशिश की। टीम के सदस्यों ने खुद को किसी तरह सुरक्षित किया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।घटना के दौरान सरकारी काम पूरी तरह प्रभावित हो गया। अधिकारियों को जांच बीच में रोकनी पड़ी। इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही अतर्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही माहौल शांत हुआ और आरोपी मौके से भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में ले लिया।पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सरकारी कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इसके बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।

सरकारी कार्य में बाधा डालना पड़ा भारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ अभद्रता, धमकी और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना गंभीर अपराध है। मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

IGRS शिकायतों के निस्तारण में बाधा डालना गंभीर मामला

प्रदेश सरकार लगातार IGRS के माध्यम से जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान कराने पर जोर दे रही है। ऐसे में शिकायतों की जांच करने पहुंची सरकारी टीम के साथ इस तरह का व्यवहार प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला माना जा रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जांच करने वाले अधिकारियों को ही डराया-धमकाया जाएगा, तो शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण प्रभावित होगा। यही वजह है कि ऐसे मामलों में प्रशासन सख्त रुख अपनाता है।

गांव में चर्चा का विषय बनी घटना

बरहेंडा गांव में हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि विवाद अचानक बढ़ गया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस एहतियात के तौर पर पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी, बढ़ सकती है कार्रवाई

पुलिस हिरासत में लिए गए तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।इसके अलावा पुलिस घटना से जुड़े वीडियो, मोबाइल फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जुटा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।

सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

बरहेंडा गांव की यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लेकर आई है कि सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। जब शिकायतों की जांच करने पहुंची टीम ही सुरक्षित नहीं रहेगी, तो शासन की योजनाओं और शिकायत निवारण व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारियों के साथ इस तरह की अभद्रता करने की हिम्मत न कर सके।बांदा के अतर्रा थाना क्षेत्र के बरहेंडा गांव की यह घटना अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस जांच जारी है और सभी की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

read on:https://news7hindi.com/haridwar-is-ready-to-welcome-crores-of-kanwariyas-a-huge-flood-of-shiv-devotion-from-30th-july/

or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment