बलिया में भाजपा महिला नेता के गंभीर आरोप, जिलाध्यक्ष पर दुष्कर्म का दावा

Editorial
7 Min Read

बलिया उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। बांसडीह कोतवाली क्षेत्र की भाजपा जिला कार्यसमिति की एक महिला सदस्य ने पार्टी के जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा समेत कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने जिलाध्यक्ष पर दुष्कर्म और शोषण का आरोप लगाने के साथ ही निजी वीडियो बनाए जाने और उसे वायरल करने का दावा किया है।महिला के आरोपों से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है।  इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। मामले में पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है और जांच जारी होने की बात कही है।

बलिया में भाजपा महिला नेता के गंभीर आरोप
बलिया में भाजपा महिला नेता के गंभीर आरोप

महिला नेता ने जिलाध्यक्ष समेत कई लोगों पर लगाए आरोप

 बांसडीह क्षेत्र की रहने वाली भाजपा की महिला कार्यसमिति सदस्य ने पार्टी के जिला स्तर के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि उसके निजी वीडियो को आधार बनाकर उसे कथित तौर पर दबाव में रखा गया और विरोध करने पर वीडियो प्रसारित कर दिया गया।महिला ने भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उसके साथ कथित तौर पर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी से जुड़े लोगों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाया।इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि महिला की शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, भाजपा के जिला मंत्री आलोक सिंह समेत गणेश गुप्ता और अजीत मिश्रा के खिलाफ निजी वीडियो प्रसारित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई है। सितंबर में सामने आई पुलिस कार्रवाई के अनुसार, मामले में आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। महिला की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है और महिला ने भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा पर भी मामले में शामिल होने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के अनुसार जिलाध्यक्ष का नाम दर्ज मुकदमे में नहीं है।

जिलाध्यक्ष पर एफआईआर से नाम हटवाने का आरोप

महिला ने आरोप लगाया है कि शुरुआत में शिकायत के बावजूद मामला दर्ज करने में देरी हुई। उसका दावा है कि अधिकारियों से संपर्क करने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा का नाम मुकदमे से हट गया।महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपना नाम मुकदमे से हटवाया। यह महिला का आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच में इस पहलू की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने महिला के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन पर लगाए जा रहे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और उनका इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है।

न्यायालय में भी बयान देने का दावा

मामले में महिला ने न्यायालय की शरण लेने की भी बात कही है। रिपोर्टों के अनुसार, महिला ने न्यायालय में लिखित बयान अथवा शपथ पत्र के माध्यम से अपनी शिकायत और आरोपों को सामने रखा है। इससे मामला पुलिस जांच के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में भी पहुंच गया है।महिला ने अपने आरोपों में पार्टी कार्यालय में महिलाओं के कथित शोषण का भी दावा किया है। उसने कहा है कि पार्टी कार्यकर्ता होने के कारण उसका कार्यालय आना-जाना था और इसी दौरान उसके साथ कथित तौर पर मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण हुआ।इन दावों को भी फिलहाल महिला के आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है। पुलिस या न्यायालय की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस ने क्या कहा?

बांसडीह कोतवाली पुलिस के अनुसार, महिला की तहरीर के आधार पर पहले ही तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना चल रही है और महिला के बयान भी दर्ज किए गए हैं। वायरल वीडियो के संबंध में पुलिस ने जानकारी होने से इनकार किया है या उसकी पुष्टि नहीं की है।सितंबर में पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, महिला से संबंधित निजी तस्वीर और वीडियो को कथित तौर पर प्रसारित करने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।

आरोपों के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष का पक्ष भी सामने आया

पूरे मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने महिला के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि राजनीतिक कारणों से उन्हें इस मामले में घसीटा जा रहा है। ऐसे में मामले के दोनों पक्षों के दावे सामने हैं और अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

बलिया के बांसडीह कोतवाली क्षेत्र से सामने आया यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें एक तरफ भाजपा की महिला कार्यसमिति सदस्य ने पार्टी के ही नेताओं पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरी तरफ भाजपा जिलाध्यक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे और चल रही विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। महिला के लगाए गए दुष्कर्म, शोषण और वीडियो वायरल करने संबंधी आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही हो सकेगी। इसलिए इस मामले में किसी भी आरोप को अंतिम तथ्य मानने के बजाय पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही के परिणाम का इंतजार करना जरूरी है।

Read on:http://मुरादाबाद में मिशन शक्ति फेज-5: महिलाओं को सुरक्षा और अधिकारों के प्रति किया जागरूक

Advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment