चमोली देश के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में शामिल बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस बहुचर्चित प्रकरण में अब जांच एजेंसियों ने कार्रवाई और तेज कर दी है। मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की चार दिन की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद अदालत ने उसे जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया है। वहीं दूसरी ओर, जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस अब सह-आरोपी राजेंद्र चौहान की संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच करेगी।यह मामला केवल कथित आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि बदरीनाथ धाम जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल की पारदर्शिता और व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यही वजह है कि शासन स्तर पर गठित विशेष जांच टीम और पुलिस दोनों समानांतर रूप से मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं।
चार दिन तक चली गहन पूछताछ, फिर जेल रवाना
मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को दान और चढ़ावे की गणना के दौरान कथित हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 28 जुलाई से पुलिस रिमांड पर रहे नौटियाल से चार दिनों तक लगातार पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने कई अहम जानकारियां जुटाईं और उसके विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी भी की।रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरा कौसर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में पुरसाड़ी जेल भेजने के आदेश दिए गए।
घर और कार्यालय से मिले कई अहम सुराग
पुलिस जांच के दौरान प्रमोद नौटियाल के देहरादून स्थित नेहरू कॉलोनी आवास पर कई घंटे तक तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान जांच टीम ने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात अपने कब्जे में लिए।इतना ही नहीं, तलाशी के दौरान एक चांदी की मूर्ति और पीली धातु की एक संदिग्ध वस्तु भी बरामद की गई, जिसकी जांच कराई जा रही है। इसके अलावा बदरीनाथ स्थित उसके कमरे से चांदी के सिक्के और नेपाली मुद्रा भी बरामद हुई है। इन बरामदगी को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
अब सह-आरोपी राजेंद्र चौहान पर शिकंजा
मुख्य आरोपी के बाद अब पुलिस की नजर सह-आरोपी राजेंद्र चौहान पर है। राजेंद्र चौहान बदरीनाथ मंदिर में पूर्व मंदिर अधिकारी रह चुके हैं और चढ़ावा एवं थाली भेंट की गणना व्यवस्था के नोडल अधिकारी भी थे।पुलिस अब उनकी चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित अनियमितताओं से किसी प्रकार की अवैध संपत्ति तो अर्जित नहीं की गई।गौरतलब है कि राजेंद्र चौहान 30 जून 2026 को बीकेटीसी (बदरी-केदार मंदिर समिति) से सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन जांच में नाम सामने आने के बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

गढ़वाल आयुक्त की अगुवाई में अलग जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड शासन ने गढ़वाल आयुक्त के नेतृत्व में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति पूरे प्रकरण की प्रशासनिक और संस्थागत जांच कर रही है।जांच समिति ने वर्तमान मंदिर अधिकारी, गणना कक्ष के कर्मचारियों और प्रोटोकॉल कक्ष से जुड़े कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूछताछ के लिए देहरादून तलब किया है। उनसे चढ़ावे की गणना, रिकॉर्ड, सुरक्षा व्यवस्था और प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी ली जा रही है।
आस्था से जुड़ा मामला, इसलिए जांच पर सबकी नजर
बदरीनाथ धाम में हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं और मंदिर में करोड़ों रुपये का चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में भी चिंता और नाराजगी है।धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और यदि किसी ने श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा
पुलिस सूत्रों के अनुसार अब जांच केवल बरामद सामान तक सीमित नहीं रहेगी। बैंक खातों, लेनदेन, संपत्ति, मोबाइल डेटा, दस्तावेजों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं को जांच रिपोर्ट का इंतजार
बदरीनाथ चढ़ावा चोरी प्रकरण अब उत्तराखंड के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है। मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के जेल जाने और सह-आरोपी की संपत्ति जांच के आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जांच एजेंसियां पूरे मामले की हर परत खोलने में जुटी हैं।अब सबकी निगाहें पुलिस और शासन की जांच पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े विश्वासघात के रूप में भी देखा जाएगा। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और संभावित नई गिरफ्तारियां इस बहुचर्चित प्रकरण की दिशा तय करेंगी।
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