फर्रुखाबाद में साइबर ठगों पर पुलिस का बड़ा प्रहार! फर्जी ट्रांसपोर्ट बुकिंग गैंग के 4 शातिर गिरफ्तार

Editorial
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फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच फर्रुखाबाद साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी ट्रांसपोर्ट बुकिंग के नाम पर लोगों को जाल में फंसाकर ठगी करता था और साइबर ठगी से हासिल रकम को म्यूल (Mule) बैंक खातों के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर कर पूरे नेटवर्क को संचालित करता था। पुलिस ने इस हाईटेक ठगी रैकेट में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और नकदी बरामद की है। शुरुआती जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिसके बाद पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।पुलिस के अनुसार साइबर थाना टीम साइबर अपराधियों के म्यूल बैंक खातों की गहन जांच और सत्यापन अभियान चला रही थी। इसी दौरान थाना कादरी गेट क्षेत्र के ग्राम सातनपुर पट्टी निवासी अभय श्रीवास्तव उर्फ नीलू, अनमोल तथा अंकित शाक्य की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। जांच में खुलासा हुआ कि तीनों आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को अपने बैंक खातों में प्राप्त करते थे और फिर उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर अवैध लेन-देन करते थे। साइबर अपराध की दुनिया में ऐसे खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को छिपाने और ट्रैकिंग से बचने के लिए किया जाता है।पर्याप्त डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्य मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों के जरिए अब तक कितनी धनराशि का लेन-देन हुआ और इस नेटवर्क से कितने साइबर अपराधी जुड़े हुए हैं।इसी अभियान के दौरान पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम भुसेरा निवासी सुरजीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई प्रतिबिम्ब पोर्टल से मिले संदिग्ध मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर की गई। पुलिस को शक था कि आरोपी किसी संगठित साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा है और जांच में यह आशंका सही साबित हुई।तलाशी के दौरान सुरजीत सिंह के कब्जे से 3 मोबाइल फोन, 6 डेबिट कार्ड, 10 सिम कार्ड, 2 बैंक पासबुक और 1,350 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस का मानना है कि ये सामान साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में इस्तेमाल किए जा रहे थे।

पूछताछ में सुरजीत सिंह ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह हरदोई निवासी नक्षत्र पाल सिंह के साथ मिलकर ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट सेवा उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से ग्राहकों से संपर्क करते, सस्ते किराए और तत्काल वाहन उपलब्ध कराने का लालच देकर एडवांस भुगतान करा लेते और पैसा मिलते ही संपर्क तोड़ देते। इस तरह दोनों मिलकर फर्जी ट्रांसपोर्ट बुकिंग के जरिए लोगों से ठगी करते थे।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह गिरोह केवल फर्रुखाबाद तक सीमित नहीं है। इसके तार अन्य जिलों और संभवतः दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन का फॉरेंसिक विश्लेषण कराया जा रहा है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके और फरार आरोपियों तक पहुंचा जा सके।साइबर थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं फरार आरोपी नक्षत्र पाल सिंह की तलाश में दबिश दी जा रही है। इसके अलावा साइबर ठगी से जुड़े अन्य बैंक खातों और संदिग्ध लेन-देन की भी गहन जांच जारी है।पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट सेवा, डिजिटल भुगतान या अज्ञात व्यक्ति के बैंक खाते में पैसा भेजने से पहले उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल करें। यदि कोई संदिग्ध कॉल, लिंक या भुगतान संबंधी मामला सामने आए तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने से संपर्क करें।फर्रुखाबाद साइबर थाना की यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में सक्रिय साइबर ठगों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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