आगरा MLC चुनाव में बड़ा दांव! अम्बरीश पाल सिंह का ‘संकल्प पत्र’ जारी, बोले- “डिग्री नहीं, नौकरी दिलाना है लक्ष्य

Editorial
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रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित

फर्रुखाबाद आगामी आगरा खंड स्नातक विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच जनप्रिय प्रत्याशी अम्बरीश पाल सिंह ने शनिवार को फर्रुखाबाद के आवास विकास स्थित होटल संस्कार में आयोजित भव्य प्रेस वार्ता के दौरान अपना बहुप्रतीक्षित संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) जारी कर चुनावी मुकाबले को नई दिशा देने की कोशिश की। शिक्षा, रोजगार, डिजिटल सुविधाओं और शिक्षण संस्थानों की आर्थिक समस्याओं को केंद्र में रखकर जारी किए गए इस संकल्प पत्र को उन्होंने “शिक्षित समाज के सम्मान और भविष्य का रोडमैप” बताया।प्रेस वार्ता में मौजूद शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में समर्थकों के बीच अम्बरीश पाल सिंह ने कहा कि यह चुनाव केवल एक सीट जीतने का नहीं, बल्कि स्नातकों की आवाज़ को विधान परिषद तक पहुंचाने का अभियान है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े उन मुद्दों को मजबूती से उठाना है, जो वर्षों से उपेक्षित रहे हैं।उन्होंने कहा कि आज लाखों शिक्षित युवा डिग्रियां लेकर भी रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को सही मार्गदर्शन, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार संबंधी प्रमाणिक जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। ऐसे में जरूरत केवल वादों की नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था की है जो युवाओं को सीधे अवसरों से जोड़े।

‘सेवा, विकास और सम्मान’ होगा मूल मंत्र

अम्बरीश पाल सिंह ने अपने चुनावी अभियान का मूल मंत्र “सेवा, विकास और सम्मान” बताते हुए कहा कि यदि उन्हें विधान परिषद में जनता का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है तो वे स्नातकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, डॉक्टरों और शिक्षण संस्थानों की समस्याओं को पूरी मजबूती के साथ सदन में उठाएंगे।उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल की विचारधारा या दबाव में नहीं, बल्कि स्वतंत्र रूप से स्नातकों के हितों के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि शिक्षित समाज को उसका उचित सम्मान दिलाना है।

हर स्नातक के लिए बनेगा डिजिटल हेल्पलाइन ऐप

अपने घोषणा पत्र की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए अम्बरीश पाल सिंह ने डिजिटल स्नातक हेल्पलाइन ऐप शुरू करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से प्रत्येक स्नातक को सरकारी नौकरियों की जानकारी, निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर, कौशल विकास कार्यक्रम, छात्रवृत्ति, सरकारी योजनाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएंगी।उन्होंने कहा कि आज सूचना के अभाव में हजारों युवा अवसरों से वंचित रह जाते हैं। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं के लिए एक भरोसेमंद माध्यम बनेगा और उन्हें सही समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराएगा।

AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर रहेगा विशेष फोकस

तेजी से बदलती तकनीक और रोजगार की नई संभावनाओं को देखते हुए अम्बरीश पाल सिंह ने घोषणा की कि राज्य सरकार के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिसिस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और अन्य आधुनिक विषयों के प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कराने का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में युवाओं को नाममात्र शुल्क पर रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे केवल डिग्रीधारी न रह जाएं, बल्कि आधुनिक तकनीकी कौशल के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार प्राप्त कर सकें।उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक का है और यदि युवाओं को समय रहते नई तकनीकों का प्रशिक्षण नहीं मिला तो वे प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएंगे। इसलिए कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

शिक्षण संस्थानों को आर्थिक राहत दिलाने का वादा

प्रेस वार्ता के दौरान अम्बरीश पाल सिंह ने शिक्षण संस्थानों की आर्थिक समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) तथा स्ववित्तपोषित शिक्षण संस्थानों पर व्यावसायिक दरों से बिजली बिल लगाए जा रहे हैं, जिससे संस्थानों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि यदि यह व्यवस्था जारी रही तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। इसलिए वे सरकार के समक्ष यह मांग मजबूती से रखेंगे कि ऐसे संस्थानों को गृहकर, जलकर और व्यावसायिक विद्युत दरों में राहत प्रदान की जाए।उनका कहना था कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि समाज निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम है। इसलिए शिक्षण संस्थानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

स्नातकों से मांगा समर्थन, विकास का दिया भरोसा

अम्बरीश पाल सिंह ने क्षेत्र के सभी स्नातक मतदाताओं से समर्थन की अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि शिक्षित समाज के भविष्य का चुनाव है।उन्होंने कहा, “यदि आप मुझे अपना प्रतिनिधि बनाते हैं तो मैं हर स्नातक की आवाज़ बनकर विधान परिषद में खड़ा रहूंगा। मेरा लक्ष्य राजनीति नहीं, बल्कि शिक्षित समाज के अधिकारों की रक्षा, रोजगार के अवसर बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।”उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनाव जीतने के बाद भी वे लगातार जनता के बीच रहेंगे और प्रत्येक जिले में संवाद स्थापित कर समस्याओं के समाधान के लिए काम करेंगे।

12 जिलों के लाखों मतदाताओं पर नजर

गौरतलब है कि आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में से एक माना जाता है। इसमें आगरा, अलीगढ़, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, कासगंज तथा फर्रुखाबाद जैसे 12 जिले शामिल हैं। यही कारण है कि इस सीट का चुनाव प्रदेश की राजनीति में विशेष महत्व रखता है।प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में शिक्षाविद, अधिवक्ता, समाजसेवी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और समर्थक मौजूद रहे। संकल्प पत्र जारी होने के बाद चुनावी माहौल और गर्म हो गया है। अब देखना होगा कि रोजगार, शिक्षा, डिजिटल सुविधा और संस्थानों को राहत जैसे मुद्दों पर आधारित अम्बरीश पाल सिंह का यह विज़न स्नातक मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाता है और आगामी चुनाव में इसका क्या असर देखने को मिलता है।

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