रिपोर्ट : मो.अरशद
मुरादाबाद उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ के तहत मुरादाबाद साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने झारखंड के कुख्यात जामताड़ा साइबर ठग गिरोह से जुड़े तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों के मोबाइल फोन पर APK फाइल भेजकर उनका फोन हैक करते थे और फिर बैंक खातों से लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम देते थे।गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद हुआ है। इनमें 7 मोबाइल फोन, 4 पेन ड्राइव, 23 सक्रिय सिम कार्ड, 5 नए एयरटेल सिम, 5 नए जियो सिम, 10 एटीएम व स्मार्ट कार्ड, 11 आधार कार्ड, 7 पैन कार्ड तथा 25 हजार रुपये नकद शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में किया जा रहा था।
प्रतिबिंब पोर्टल और तकनीकी जांच से मिली सफलता
मुरादाबाद साइबर थाना के निरीक्षक अनुज मलिक के नेतृत्व में गठित टीम ने प्रदेश स्तर पर चल रहे ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत प्रतिबिंब पोर्टल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों की मदद से जांच शुरू की। विवेचना के दौरान थाना कटघर क्षेत्र में चिन्हित संदिग्ध मोबाइल नंबरों और साइबर गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने झारखंड के जामताड़ा से जुड़े तीन संदिग्धों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार इस संबंध में आईटी एक्ट के तहत थाना कटघर में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
ऐसे करते थे साइबर ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों के मोबाइल पर विभिन्न बहानों से APK फाइल भेजते थे। यह फाइल किसी बैंक अपडेट, केवाईसी, बिजली बिल, सरकारी योजना, इनाम या अन्य जरूरी सूचना के नाम पर भेजी जाती थी। जैसे ही पीड़ित उस APK फाइल को डाउनलोड कर अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता था, उसका फोन साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ जाता था।इसके बाद आरोपी मोबाइल की संवेदनशील जानकारी, बैंकिंग डिटेल, ओटीपी, मैसेज और अन्य निजी सूचनाएं हासिल कर लेते थे। कई मामलों में वे मोबाइल स्क्रीन पर भी निगरानी रखते थे और फिर खातों से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर रकम निकाल लेते थे। यही तरीका अपनाकर यह गिरोह विभिन्न राज्यों में लोगों को अपना शिकार बना रहा था।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई उप-महानिरीक्षक, मुरादाबाद परिक्षेत्र तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुरादाबाद के निर्देशन में की गई। पुलिस अधीक्षक अपराध एवं क्षेत्राधिकारी अपराध के पर्यवेक्षण में साइबर थाना की विशेष टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी और अभिसूचना संकलन करते हुए इस गिरोह तक पहुंच बनाई।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन साइ-वज्र का उद्देश्य साइबर अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। इसी अभियान के तहत प्रदेशभर में साइबर अपराध में लिप्त गिरोहों की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें—
- गुड्डू अंसारी पुत्र मंसूर मियां, निवासी बनगढ़ी, पोस्ट फतेहपुर, थाना फतेहपुर, जिला जामताड़ा (झारखंड), उम्र 36 वर्ष।
- रफीक अंसारी पुत्र तस्लीम अंसारी, निवासी ग्राम बदिया चक, थाना फतेहपुर, जिला जामताड़ा (झारखंड)।
- करीम अंसारी, जामताड़ा (झारखंड) निवासी।
तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इनका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है और अब तक कितने लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया जा चुका है।
पुलिस की लोगों से अपील
मुरादाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, लिंक या मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड न करें। बैंक, सरकारी विभाग या कोई भी अधिकृत संस्था कभी भी इस प्रकार की APK फाइल भेजकर मोबाइल में इंस्टॉल करने के लिए नहीं कहती।यदि किसी अनजान नंबर से ऐसा संदेश प्राप्त हो तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें और किसी भी परिस्थिति में अपने मोबाइल में इंस्टॉल न करें। साथ ही यदि साइबर ठगी की आशंका हो तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी साइबर थाना से संपर्क करें।
एसपी सिटी ने दी जानकारी
मामले में एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि प्रदेश स्तर पर चल रहे ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत तकनीकी जांच और प्रतिबिंब पोर्टल की मदद से यह कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में मोबाइल, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को मुरादाबाद पुलिस की साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे संगठित साइबर गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखा जा सके।
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