स्कूलों के बाहर परिवहन विभाग का एक्शन, 6 ई-रिक्शा सीज

Editorial
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रिपोर्ट :मो अरशद

बदायूं स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बदायूं में परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्कूलों के आसपास चल रहे अवैध और अनाधिकृत ई-रिक्शाओं के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले ई-रिक्शाओं की सघन जांच की। जांच में नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से स्कूलों के आसपास बिना जरूरी दस्तावेज और मानकों के संचालित होने वाले ई-रिक्शा चालकों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान कुल 20 ई-रिक्शाओं की जांच की गई, जिसमें 6 ई-रिक्शाओं को सीज कर दिया गया, जबकि 4 ई-रिक्शाओं के चालान किए गए।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चला विशेष अभियान

बदायूं में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर परिवहन विभाग लगातार निगरानी बढ़ा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी के निर्देश पर स्कूलों के आसपास और प्रमुख मार्गों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।अभियान का उद्देश्य ऐसे ई-रिक्शाओं पर कार्रवाई करना था, जिनका इस्तेमाल स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने के लिए किया जा रहा है, लेकिन उनके पास परिवहन नियमों के मुताबिक जरूरी दस्तावेज या सुरक्षा मानक पूरे नहीं हैं।अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने एक-एक ई-रिक्शा को रोककर उसके दस्तावेज और जरूरी मानकों की जांच की। अधिकारियों ने वाहन के पंजीयन, फिटनेस, बीमा और अन्य आवश्यक कागजातों को देखा।

स्कूलों के बाहर परिवहन विभाग का एक्शन
स्कूलों के बाहर परिवहन विभाग का एक्शन

20 ई-रिक्शाओं की जांच, 10 पर कार्रवाई

चेकिंग अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने कुल 20 ई-रिक्शाओं की जांच की। जांच के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।विभागीय कार्रवाई के तहत 6 ई-रिक्शाओं को सीज कर दिया गया, जबकि 4 ई-रिक्शाओं के चालान किए गए। इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।अधिकारियों ने वाहन चालकों को यह भी समझाया कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए वाहन का सुरक्षित और नियमों के अनुरूप होना बेहद जरूरी है। सिर्फ वाहन चलाने की क्षमता पर्याप्त नहीं है, बल्कि उससे जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और सुरक्षा मानक भी पूरे होने चाहिए।

स्कूलों के बाहर परिवहन विभाग का एक्शन
स्कूलों के बाहर परिवहन विभाग का एक्शन

इन दस्तावेजों की हुई जांच

स्कूलों के आसपास चलाए गए अभियान में परिवहन विभाग की टीम ने ई-रिक्शाओं के जरूरी दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों ने देखा कि वाहन का वैध पंजीयन है या नहीं, फिटनेस प्रमाणपत्र मौजूद है या नहीं और वाहन का बीमा वैध है या नहीं।इसके साथ ही स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही से जुड़े निर्धारित मानकों का भी ध्यान रखा गया। जिन वाहनों में जरूरी दस्तावेज या मानक पूरे नहीं मिले, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।परिवहन विभाग का कहना है कि बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों में किसी भी तरह की लापरवाही उनके लिए जोखिम पैदा कर सकती है। ऐसे में वाहन संचालकों को नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

स्कूलों के बाहर परिवहन विभाग का एक्शन
स्कूलों के बाहर परिवहन विभाग का एक्शन

अधिकारियों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

यह विशेष प्रवर्तन अभियान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन/प्रवर्तन हरिओम और यात्री/मालकर अधिकारी अभिनव चौधरी के नेतृत्व में चलाया गया। टीम ने स्कूलों के आसपास और प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शाओं की सघन चेकिंग की।अभियान के दौरान अधिकारियों ने वाहन चालकों को नियमों की जानकारी भी दी। उन्हें बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।परिवहन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य केवल चालान करना या वाहन सीज करना नहीं, बल्कि स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है।

स्कूलों के बाहर परिवहन विभाग का एक्शन
स्कूलों के बाहर परिवहन विभाग का एक्शन

अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से खास अपील

परिवहन विभाग ने कार्रवाई के साथ ही अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन से भी विशेष अपील की है। विभाग ने कहा है कि बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए केवल ऐसे वाहनों का इस्तेमाल किया जाए, जिनके जरूरी दस्तावेज पूरे हों और जो निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों।अभिभावकों को यह भी सलाह दी गई है कि बच्चों को किसी भी अनधिकृत या नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन में स्कूल न भेजें। वहीं विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि बच्चों के परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों की स्थिति और दस्तावेजों की जानकारी रखी जाए।

कार्रवाई के बाद ई-रिक्शा चालकों में हड़कंप

स्कूलों के आसपास अचानक शुरू हुए विशेष चेकिंग अभियान के बाद ई-रिक्शा चालकों में हड़कंप की स्थिति रही। परिवहन विभाग की टीम ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा।नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ आगे भी अभियान चलाकर कार्रवाई की जा सकती है। खास तौर पर स्कूली बच्चों की आवाजाही में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर विभाग की निगरानी जारी रहेगी।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे ई-रिक्शा और अन्य सार्वजनिक वाहनों से स्कूल पहुंचते हैं। ऐसे में वाहन की फिटनेस, बीमा, पंजीयन और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।यदि वाहन में जरूरी सुरक्षा व्यवस्था नहीं है या उसके दस्तावेज पूरे नहीं हैं तो किसी भी तरह की दुर्घटना की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए विभाग ने नियमों का सख्ती से पालन कराने का संदेश दिया है।परिवहन विभाग ने साफ किया है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ आगे भी प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।बदायूं में चलाए गए इस अभियान में 20 ई-रिक्शाओं की जांच और 10 के खिलाफ कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन और परिवहन विभाग स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर गंभीर है। आने वाले दिनों में भी यदि इसी तरह नियमित चेकिंग जारी रहती है तो अवैध और अनाधिकृत वाहनों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।

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