नई दिल्ली गांधी जयंती के मौके पर दिल्ली में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया है। संजय सिंह ने लोगों से 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने इसे मताधिकार और लोकतंत्र से जुड़ा मुद्दा बताते हुए SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है।संजय सिंह ने अपने वीडियो संदेश में दावा किया कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार, भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर राजनीतिक आरोप लगाए। ये आरोप संजय सिंह और आम आदमी पार्टी का पक्ष हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
संजय सिंह ने क्या कहा?
AAP सांसद संजय सिंह ने गांधी जयंती पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते हुए लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने को कहा। उनके मुताबिक, देश में वोट देने के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।संजय सिंह ने SIR को लेकर दावा किया कि 1 करोड़ 37 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने इसे चुनाव को प्रभावित करने की कथित कोशिश बताया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए।उन्होंने अपने संदेश में लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के नाम पर लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन का मुद्दा केवल आम आदमी पार्टी तक सीमित नहीं है। इस प्रदर्शन का आह्वान AISA, राज्यसभा सांसद मनोज झा और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण समेत कई लोगों की ओर से किया गया है। प्रदर्शन के पीछे मुख्य मुद्दे SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल हैं।AAP की ओर से भी इस प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की गई है। संजय सिंह के अलावा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
दिल्ली पुलिस ने नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति
प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, जंतर-मंतर और उसके आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं तथा कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले कई रास्तों पर भी निगरानी और आवाजाही को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई है।
SIR को लेकर क्यों है विवाद?
Special Intensive Revision यानी SIR मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल और कुछ सामाजिक एवं छात्र संगठन सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम हटाने या संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर स्पष्टता जरूरी है।AAP और अन्य विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि SIR के जरिए बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, इन राजनीतिक दावों का अंतिम आकलन आधिकारिक मतदाता सूची, निर्वाचन आयोग के आंकड़ों और संबंधित प्रक्रिया के रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना जरूरी है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने या उनके इस्तीफे की मांग शामिल है। प्रदर्शन के आयोजकों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।संजय सिंह भी अपने बयानों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीखी राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं। उनका कहना है कि चुनाव और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब निर्वाचन आयोग को देना चाहिए। किसी संवैधानिक पदाधिकारी के खिलाफ लगाए गए राजनीतिक आरोप और किसी स्वतंत्र जांच या न्यायिक निष्कर्ष के बीच अंतर करना जरूरी है। फिलहाल इन मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस जारी है।
गांधी जयंती पर क्यों चुना गया 2 अक्टूबर का दिन?
प्रदर्शन के आयोजकों ने 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती का दिन चुना है। आयोजकों का कहना है कि महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार से जुड़े मुद्दे को उठाया जाएगा।संजय सिंह ने भी अपने वीडियो संदेश में गांधी जयंती का उल्लेख करते हुए लोगों से लोकतंत्र और वोट के अधिकार की रक्षा के लिए प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
राजनीतिक टकराव के बीच बढ़ी निगरानी
SIR और चुनाव आयोग को लेकर चल रहा विवाद अब सड़कों पर विरोध प्रदर्शन तक पहुंच चुका है। दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के चलते सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं। पुलिस ने अनुमति नहीं दी है और नई दिल्ली क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ विपक्षी दल मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इन आरोपों की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों के आधार पर होना जरूरी है।गांधी जयंती पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली की राजनीति में हलचल बनी हुई है। संजय सिंह और आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को मताधिकार और लोकतंत्र से जोड़कर उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रदर्शन को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है और चुनाव आयोग या केंद्र सरकार की ओर से इन राजनीतिक आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
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