थाना समाधान दिवस में डीएम का बड़ा एक्शन: जमीनी विवाद में लेखपाल सस्पेंड, पुलिस अफसरों की भी लगी क्लास

Editorial
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रिपोर्ट:दीपचंद्र दीक्षित

फर्रुखाबाद जनसमस्याओं के त्वरित और निष्पक्ष समाधान के उद्देश्य से शनिवार को नवाबगंज थाने में आयोजित थाना समाधान दिवस उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब एक जमीनी विवाद की शिकायत पर संतोषजनक जवाब न दे पाने वाले लेखपाल को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मौके पर ही निलंबित करने के निर्देश दे दिए। इतना ही नहीं, शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने पर थाना प्रभारी और एसएसआई के प्रति भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। पूरे कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि भूमि विवादों और राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुना गया

थाना समाधान दिवस में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सामने रखीं। दोनों अधिकारियों ने हर प्रार्थना पत्र का स्वयं अवलोकन किया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न बनकर निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आम नागरिक को न्याय के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

जमीनी विवाद में लापरवाही पड़ी भारी, लेखपाल निलंबित

समाधान दिवस के दौरान नवाबगंज नगर की गायत्री गली निवासी किरन देवी ने जिलाधिकारी के सामने अपनी पीड़ा रखी। उन्होंने बताया कि उन्होंने गांव वीरपुर निवासी राजाराम से एक जमीन खरीदी थी, जिसमें पहले से बनी निहास (नींव) को गांव के ही कुछ दबंगों ने तोड़ दिया और वहां रखी ईंटें भी गायब कर दीं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।किरन देवी ने यह भी आरोप लगाया कि थाने के एक दरोगा ने उनके पिता को थाने बुलाकर उल्टा उनके ही परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद लेखपाल पवन दिवाकर से पूरे मामले की जानकारी मांगी। लेकिन लेखपाल न तो विवाद की सही स्थिति स्पष्ट कर सके और न ही कोई संतोषजनक जवाब दे पाए। इससे नाराज जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने तत्काल प्रभाव से लेखपाल को निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए।

थाना प्रभारी और एसएसआई को भी मिली कड़ी चेतावनी

मामले में दूसरे पक्ष के खिलाफ समय पर कार्रवाई न किए जाने पर जिलाधिकारी ने थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार और एसएसआई रामसिंह के प्रति भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी मामले में शिकायत मिलने के बाद भी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने दोनों अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

घायल युवक के मामले में भी एसपी ने दिए सख्त निर्देश

समाधान दिवस के दौरान गांव दनियापुर निवासी श्रीपाल ने शिकायत की कि उनके पुत्र नितिन के साथ मारपीट कर उसे घायल किया गया, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। शिकायत सुनने के बाद पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूसरे पक्ष से घायल युवक का समुचित इलाज कराया जाए। यदि इलाज कराने में लापरवाही बरती जाती है तो संबंधित पक्ष के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए।इस दौरान एक ऐसा दृश्य भी देखने को मिला जब शिकायत लेकर आगे बढ़ रहे श्रीपाल को कुछ पुलिसकर्मियों ने डीएम और एसपी के सामने जाने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद शिकायत सुनी गई और आवश्यक निर्देश दिए गए।

बाइक चोरी की शिकायत पर भी कार्रवाई के आदेश

नगला धोबियांन निवासी अशोक ने अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत जिलाधिकारी और एसपी के समक्ष रखी। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र के चौकीदार दलवीर से भी स्थानीय कानून-व्यवस्था और घटनाओं की जानकारी प्राप्त की।

भूमि विवादों में संयुक्त टीम करेगी निष्पक्ष जांच

समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने स्पष्ट कहा कि भूमि विवाद और राजस्व संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक विवादित स्थल पर जाकर निष्पक्ष जांच करें और तथ्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो और छोटे-छोटे विवाद बड़े विवादों में न बदलें।

गौशाला का निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

समाधान दिवस समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने नवाबगंज स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंशों के लिए चारा, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गोवंशों की देखभाल में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

निर्माणाधीन थाने का भी किया निरीक्षण

इसके बाद दोनों अधिकारी दुनाया रोड स्थित निर्माणाधीन नए थाना भवन पहुंचे, जहां उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान जूनियर इंजीनियर अक्षय मौर्या ने भवन के नक्शे और निर्माण कार्य की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भवन के मुख्य दरवाजे का आकार अपेक्षाकृत छोटा पाए जाने पर उसे बड़ा करने के निर्देश दिए।उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि नए भवन का जल्द से जल्द संचालन शुरू किया जा सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर एसडीएम कायमगंज अतुल कुमार, तहसीलदार अनवर हुसैन, सीओ मोहम्मदाबाद अजय वर्मा, थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सहित राजस्व, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि जनता की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष निस्तारण के लिए ऐसे समाधान दिवस आगे भी पूरी गंभीरता के साथ आयोजित किए जाते रहेंगे।

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