रिपोर्ट:मो अरशद
मुरादाबाद त्योहारों और बढ़ती खाद्य खपत के बीच लोगों तक सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ पहुंचाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने मुरादाबाद के बारबालान क्षेत्र में व्यापक जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान चलाया। मोबाइल फूड सेफ्टी वैन के माध्यम से संचालित इस विशेष अभियान में खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की गई, जिसमें राहत की बात यह रही कि जांचे गए सभी 23 खाद्य नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह खरे उतरे। किसी भी नमूने में मिलावट, गुणवत्ता में कमी या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व नहीं पाए गए।हालांकि विभाग ने इस संतोषजनक रिपोर्ट के बावजूद खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में खाद्य पदार्थों में मिलावट, प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों का प्रयोग या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल फूड सेफ्टी वैन से मौके पर हुई जांच
बारबालान क्षेत्र में पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मोबाइल फूड सेफ्टी वैन की मदद से विभिन्न खाद्य पदार्थों की मौके पर ही वैज्ञानिक जांच की। इस दौरान मिठाइयों, मसालों, खाद्य तेल, डेयरी उत्पादों और अन्य खाद्य सामग्री के 23 नमूनों की गुणवत्ता परखी गई। जांच में सभी नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जिससे यह संकेत मिला कि क्षेत्र के कारोबारियों ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया है।अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना और कारोबारियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।

40 खाद्य कारोबारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
निरीक्षण अभियान के साथ-साथ विभाग ने 40 खाद्य कारोबारकर्ताओं (एफबीओ) को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के दौरान स्वच्छता और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।व्यापारियों को एफएसएसएआई के नियमों, लाइसेंस संबंधी आवश्यकताओं, सुरक्षित खाद्य निर्माण प्रक्रिया और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
सिंथेटिक रंगों पर विभाग की दो टूक चेतावनी
अभियान के दौरान अधिकारियों ने विशेष रूप से मिठाइयों, मसालों और अन्य खाद्य पदार्थों में कृत्रिम (सिंथेटिक) रंगों के उपयोग पर सख्त रुख अपनाया। विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल पूरी तरह गैरकानूनी है और इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए गए कि वे केवल एफएसएसएआई से अनुमोदित और लाइसेंस प्राप्त खाद्य सामग्री का ही उपयोग करें। यदि किसी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित रंगों या मिलावटी सामग्री का प्रयोग पाया जाता है तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्वच्छता के नियमों का हर हाल में पालन करें व्यापारी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को एफएसएसएआई के शेड्यूल-4 के तहत निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि खाद्य निर्माण स्थल और रसोई पूरी तरह साफ-सुथरी होनी चाहिए तथा वहां कार्य करने वाले कर्मचारियों को हेड कैप, फेस मास्क, एप्रन और दस्ताने पहनना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा।इसके अलावा कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थों को अलग-अलग तथा ढककर रखने, साफ पानी का उपयोग करने और खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां अपनाने के निर्देश दिए गए।
प्रतिष्ठान पर लाइसेंस प्रदर्शित करना होगा अनिवार्य
अधिकारियों ने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया कि वे अपने प्रतिष्ठान पर एफएसएसएआई लाइसेंस स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें, ताकि उपभोक्ताओं को यह जानकारी मिल सके कि संबंधित प्रतिष्ठान वैध रूप से पंजीकृत है और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन कर रहा है।विभाग ने कहा कि लाइसेंस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के विश्वास और खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है।
जागरूकता के साथ सख्ती का संदेश
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को नियमों के प्रति जागरूक बनाना भी है। इसलिए निरीक्षण के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित खाद्य निर्माण और स्वच्छता संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।हालांकि अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि यदि भविष्य में किसी प्रतिष्ठान पर मिलावट, गंदगी, प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल या खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ बिना किसी ढील के कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि ऐसे अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे ताकि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ पूरी तरह सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बने रहें। विभाग ने लोगों से भी अपील की कि यदि उन्हें किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता या मिलावट को लेकर संदेह हो तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।बारबालान में चलाया गया यह अभियान एक सकारात्मक संदेश लेकर आया है। जांच में सभी 23 खाद्य नमूनों का मानकों पर खरा उतरना न केवल खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि जागरूकता और नियमित निगरानी के जरिए उपभोक्ताओं तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाना संभव है। वहीं विभाग ने यह साफ कर दिया है कि मिलावट, प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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