रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
फर्रुखाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब केवल लक्ष्य पूरा करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कार्य की गुणवत्ता, समयबद्धता, पारदर्शिता और जनसंतुष्टि के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही और उदासीनता बरतने वालों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना, परिवार कल्याण, टीबी उन्मूलन, किशोर स्वास्थ्य, एनसीडी स्क्रीनिंग तथा अन्य योजनाओं की उपलब्धियों और चुनौतियों की जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण के बाद जिलाधिकारी ने सभी बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रदेश में बेहतर रैंकिंग दिलाने का लक्ष्य
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश स्तर पर फर्रुखाबाद की बेहतर रैंकिंग सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार संसाधन उपलब्ध करा रही है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही की शिकायत न मिले।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अब प्रत्येक कार्यक्रम की नियमित मॉनीटरिंग होगी। ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक सभी अधिकारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। जहां बेहतर कार्य होगा वहां प्रोत्साहन मिलेगा और जहां लापरवाही मिलेगी वहां कार्रवाई तय होगी।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर
बैठक में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी), गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, गंभीर एनीमिया, संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल और नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की विस्तार से समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में कोई भी गर्भवती महिला आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहनी चाहिए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाले मामलों की विशेष निगरानी की जाए और समय रहते उनका उपचार सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी स्वास्थ्य इकाइयों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
एक भी बच्चा टीकाकरण से न छूटे
बैठक में नियमित टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र बच्चा अथवा किशोरी टीकाकरण से वंचित नहीं रहनी चाहिए।उन्होंने विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही टीकाकरण को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया।
आयुष्मान भारत योजना में लापरवाही पर नाराजगी
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनवाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल प्रशासनिक लापरवाही के कारण योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।बैठक में योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) डॉ. अमित मिश्रा से कार्यप्रणाली को लेकर स्पष्टीकरण भी तलब किया गया।साथ ही सभी सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों को निर्देश दिए गए कि आयुष्मान लाभार्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए।
बेहतरीन काम करने वाली आशाओं को मिलेगा सम्मान
जिलाधिकारी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। यदि वे पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से कार्य करें तो ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर हो सकती है।उन्होंने निर्देश दिया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए ताकि अन्य कार्यकर्ताओं को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिले।वहीं लगातार खराब प्रदर्शन करने वाली और कार्य में रुचि नहीं लेने वाली आशाओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।इसी क्रम में चार निष्क्रिय आशा कार्यकर्ताओं की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए गए।

लापरवाह अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई
बैठक के दौरान कई अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया गया।राजेपुर, बरौन, शमशाबाद, मोहम्मदाबाद, कायमगंज और नवाबगंज के छह ब्लॉक सामुदायिक कार्यक्रम प्रबंधकों (बीसीपीएम) का मानदेय रोकने के निर्देश दिए गए।मन्त्रा पोर्टल पर समय से प्रविष्टियां नहीं करने पर कायमगंज के बीपीएम मोहित का मानदेय भी रोक दिया गया।बैठक में अनुपस्थित रहने पर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साहबगंज की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंजुला गोस्वामी तथा ब्लड बैंक के काउंसलर पंकज कटियार का जुलाई माह का मानदेय रोकने के निर्देश दिए गए।इसके अलावा डॉ. राम मनोहर लोहिया महिला चिकित्सालय की चिकित्साधिकारी डॉ. जूही पाल के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दिए गए।
14 नए MBBS डॉक्टरों की नियुक्ति को मंजूरी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।जिला स्वास्थ्य समिति ने 14 नवचयनित एमबीबीएस चिकित्सकों की चयन सूची को अनुमोदित कर दिया।इन चिकित्सकों की नियुक्ति से जनपद के सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी काफी हद तक दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
ब्लड बैंक में हर समय उपलब्ध रहेगा रक्त
जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि रक्त की उपलब्धता किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।उन्होंने नियमित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित करने, सामाजिक संगठनों को जोड़ने और लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज को रक्त की कमी के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए।

हर स्वास्थ्य इकाई में रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश
बैठक में दवा वितरण, ओपीडी, प्रसव, टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, परिवार कल्याण और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित सभी अभिलेखों को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सही और अद्यतन होने चाहिए ताकि समीक्षा के समय किसी प्रकार की अनियमितता सामने न आए।
टीबी उन्मूलन से लेकर किशोर स्वास्थ्य तक हुई समीक्षा
बैठक में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (टीबी), राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण, एनसीडी स्क्रीनिंग, गुणवत्ता आश्वासन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, यूपी हेल्थ डैशबोर्ड तथा वित्तीय प्रगति सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई।प्रत्येक योजना की प्रगति का मूल्यांकन करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्य पूरे करने और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
डीएम का स्पष्ट संदेश—काम अच्छा तो सम्मान, लापरवाही पर कार्रवाई तय
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब स्वास्थ्य विभाग में जवाबदेही तय होगी। प्रत्येक ब्लॉक, प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र और प्रत्येक अधिकारी के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाएगी।उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया जाएगा, जबकि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने भी सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने, पारदर्शिता बनाए रखने तथा आमजन को गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया।जिला स्वास्थ्य समिति की इस बैठक को स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही, गुणवत्ता और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि बैठक में दिए गए निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन किया गया तो फर्रुखाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

