UP में ED का बड़ा एक्शन! सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, लखनऊ-झांसी में मचा हड़कंप

Editorial
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 लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति से बुधवार को एक बड़ी खबर सामने आई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके करीबी सहयोगियों के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर सनसनी फैला दी। सुबह-सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई से लखनऊ और झांसी में हड़कंप मच गया। ईडी की टीम ने पूर्व विधायक के आवासों और उनसे जुड़े अन्य परिसरों पर घंटों तक तलाशी अभियान चलाया और बड़ी मात्रा में दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए।बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट की एफआईआर के आधार पर की गई है। प्रारंभिक जांच में पूर्व विधायक के खिलाफ दर्ज कई गंभीर आपराधिक मामलों और कथित अवैध संपत्तियों के संबंध में ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है।

सुबह-सुबह कई ठिकानों पर एक साथ पहुंची ED

सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह ईडी की अलग-अलग टीमें लखनऊ और झांसी में पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव से जुड़े ठिकानों पर पहुंचीं। अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में तलाशी शुरू की और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया।लखनऊ के एल्डिको कॉलोनी स्थित अपार्टमेंट और कानपुर रोड के सनराइज अपार्टमेंट में स्थित फ्लैटों की गहन तलाशी ली गई। वहीं झांसी में भी पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। इस दौरान किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति अंदर-बाहर जाने की इजाजत नहीं दी गई।


23 से ज्यादा एफआईआर और करीब 60 आपराधिक मामलों की जांच

जांच एजेंसियों के अनुसार, पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ पहले से ही गंभीर आरोपों से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में उनके खिलाफ 23 से अधिक एफआईआर और करीब 60 आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड सामने आया है।

इन मामलों में—

  • धोखाधड़ी
  • जालसाजी
  • फिरौती
  • हत्या का प्रयास
  • डकैती
  • गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
  • गुंडा एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे

जैसे गंभीर आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। इन्हीं मामलों के आधार पर विजिलेंस ने जांच शुरू की थी, जिसके बाद ईडी ने धनशोधन (Money Laundering) के संभावित पहलुओं की जांच के लिए केस दर्ज कर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की।

क्या-क्या मिला छापेमारी में?

तलाशी के दौरान ईडी अधिकारियों ने बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें चल और अचल संपत्तियों से जुड़े कागजात, बैंकिंग रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल स्टोरेज डिवाइस शामिल हैं।सूत्रों का कहना है कि जांच टीम ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। इनसे वित्तीय लेन-देन और कथित मनी ट्रेल से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।हालांकि ईडी ने अभी तक बरामद दस्तावेजों और सामग्री का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

परिवार और करीबी सहयोगियों पर भी जांच का दायरा

ईडी की कार्रवाई केवल पूर्व विधायक तक सीमित नहीं रही। जांच एजेंसी ने उनके परिवार के सदस्यों, करीबी सहयोगियों और कथित तौर पर जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर भी तलाशी ली।जांच अधिकारियों का मानना है कि यदि कथित अवैध संपत्तियां किसी अन्य व्यक्ति या रिश्तेदार के नाम पर खरीदी गई हैं, तो उनकी भी जांच की जाएगी। एजेंसी अब दस्तावेजों का मिलान बैंक खातों, संपत्ति रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेन-देन से करेगी।

विजिलेंस की एफआईआर बनी ED कार्रवाई का आधार

सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट ने पहले इस पूरे मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मिले तथ्यों और एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अपराधों से अर्जित धन को किस प्रकार संपत्तियों, निवेश और अन्य माध्यमों में लगाया गया। यदि जांच में अवैध कमाई से संपत्ति बनाने के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

घंटों चली तलाशी, इलाके में रही हलचल

छापेमारी के दौरान संबंधित इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। ईडी अधिकारियों ने कई घंटों तक दस्तावेजों की जांच की और आवश्यक रिकॉर्ड जब्त किए। कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे दिन इस छापेमारी की चर्चा होती रही।स्थानीय लोगों के बीच यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी रही, जबकि राजनीतिक गलियारों में भी इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

अब आगे क्या होगा?

ईडी द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की विस्तृत जांच की जाएगी। एजेंसी बैंक खातों, संपत्तियों, निवेश और वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं कथित अपराधों से अर्जित धन को वैध दिखाने की कोशिश तो नहीं की गई।जरूरत पड़ने पर पूर्व विधायक, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे गिरफ्तारी, संपत्ति कुर्की या अन्य कानूनी कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

पूर्व विधायक के ठिकानों पर ईडी की इस कार्रवाई ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। एक ओर जांच एजेंसियां इसे कानून के दायरे में की जा रही नियमित कार्रवाई बता रही हैं, वहीं राजनीतिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।फिलहाल ईडी की जांच जारी है और एजेंसी जब्त किए गए दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड तथा वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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