जाैनपुर कभी रिक्शे के पैडल पर पैर रखकर एक पिता अपने बेटे के भविष्य को आगे बढ़ाता था। हर दिन की कमाई में अपने सपनों से ज्यादा बेटे की किताबों की कीमत होती थी। धूप, बारिश और ठंड में सड़कें नापने वाला वह पिता सिर्फ इसलिए थकता नहीं था, क्योंकि उसे विश्वास था कि एक दिन उसका बेटा सफेद कोट पहनकर लोगों की जिंदगी बचाएगा। लेकिन किस्मत ने ऐसा वार किया कि जिस बेटे ने डॉक्टर बनकर अनगिनत मरीजों की सेवा का संकल्प लिया था, उसकी अपनी जिंदगी ड्यूटी के दौरान ही थम गई।उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से आई इस खबर ने सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर दिया है। हड्डी रोग विभाग में कार्यरत जूनियर डॉक्टर (जेआर-2) डॉ. विनोद कुमार बिंद का बृहस्पतिवार सुबह ड्यूटी के दौरान अचानक निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई। अस्पताल के गलियारों में जहां रोज मरीजों की जिंदगी बचाने की जंग लड़ी जाती है, वहीं उसी अस्पताल में एक युवा डॉक्टर की जिंदगी हमेशा के लिए थम गई।


